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circa 1446–1406 BC

The Wilderness Years

Forty years of wandering in the desert test Israel's faith and prepare a new generation to enter the promised land.

2,247 वचन · 2 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. गणना ३१:१६लगभग १४५२ ई.पू.

    ये ही तो थीं वे, जिन्होंने पेओर में बिलआम की सलाह पर इस्राएलियों को याहवेह के विरुद्ध बलवा के लिए उकसाया था, जिसके कारण याहवेह की सभा में महामारी फैल गई थीं.

  2. गणना ३१:१७लगभग १४५२ ई.पू.

    इसलिये अब हर एक बालक का वध कर डालो तथा हर एक विवाहित स्त्री का भी.

  3. गणना ३१:१८लगभग १४५२ ई.पू.

    हां, उन कन्याओं को अपने लिए जीवित छोड़ देना, जिनका किसी पुरुष से यौन संपर्क नहीं हुआ है.

  4. गणना ३१:१९लगभग १४५२ ई.पू.

    “सात दिन शिविर के बाहर डेरा डालना ज़रूरी है. जिस किसी ने किसी व्यक्ति का वध किया है, जिस किसी ने किसी मरे हुए व्यक्ति को छुआ है, स्वयं को तथा अपने बंदियों को तीसरे एवं सातवें दिन पवित्र करे.

  5. गणना ३१:२०लगभग १४५२ ई.पू.

    तुम स्वयं को, हर एक वस्त्र को, हर एक चमड़े की वस्तु को, बकरे के रोम से बनी वस्तुओं को तथा लकड़ी की सभी वस्तुओं को पवित्र करोगे.”

  6. गणना ३१:२१लगभग १४५२ ई.पू.

    फिर पुरोहित एलिएज़र ने उन्हें जो युद्ध कर लौटे थे, संबोधित करते हुए कहा, “याहवेह द्वारा मोशेह को दी गई आज्ञा यह है:

  7. गणना ३१:२२लगभग १४५२ ई.पू.

    सिर्फ सोना, चांदी, कांसा, लोहा, रांगा तथा सीसा,

  8. गणना ३१:२३लगभग १४५२ ई.पू.

    हर एक वस्तु, जिसे आग में से होकर निकाला जा सकता है, तुम आग में से निकालोगे कि वह शुद्ध हो जाए, किंतु जो वस्तु आग में से निकाली नहीं जा सकती, उनको पवित्र करने के लिए तुम इन्हें जल से शुद्ध करोगे.

  9. गणना ३१:२४लगभग १४५२ ई.पू.

    पवित्र करने के लिए तुम सातवें दिन अपने वस्त्रों को धोओगे, इसके बाद तुम शिविरों में प्रवेश कर सकते हो.”

  10. गणना ३१:२५लगभग १४५२ ई.पू.

    याहवेह ने मोशेह को आज्ञा दी,

  11. गणना ३१:२६लगभग १४५२ ई.पू.

    “तुम, पुरोहित एलिएज़र तथा प्रजा में गोत्रों के प्रधान सारे लूट के सामान की गिनती करें, चाहे ये मनुष्य हों अथवा पशु.

  12. गणना ३१:२७लगभग १४५२ ई.पू.

    तब सारी लूट की सामग्री का बंटवारा युद्ध में गए योद्धाओं तथा सारी सभा के बीच कर दिया जाए.

  13. गणना ३१:२८लगभग १४५२ ई.पू.

    योद्धाओं पर याहवेह के लिए कर ठहराया जाए, जो युद्ध में गए थे, पांच सौ व्यक्तियों तथा पशुओं, गधों तथा भेड़ों के लिए एक-एक प्राणी अलग रखते जाना.

  14. गणना ३१:२९लगभग १४५२ ई.पू.

    इसे उनके आधे भाग के दसवें अंश से लेकर याहवेह को चढ़ाने के उद्देश्य से पुरोहित एलिएज़र को दे देना.

  15. गणना ३१:३०लगभग १४५२ ई.पू.

    इस्राएलियों के आधे भाग के दसवें अंश से हर एक पचास व्यक्तियों, पशुओं, गधों, भेड़ों, सभी पशुओं में से एक-एक लेकर उन लेवियों को सौंप देना, जो याहवेह के साक्षी तंबू के अधिकारी हैं.”

  16. गणना ३१:३१लगभग १४५२ ई.पू.

    मोशेह तथा पुरोहित एलिएज़र ने मोशेह को दी गई याहवेह की आज्ञा का पूरा-पूरा पालन किया.

  17. गणना ३१:३२लगभग १४५२ ई.पू.

    सैनिकों द्वारा लूटी गई सामग्री में से शेष यह था: 6,75,000 भेड़ें,

  18. गणना ३१:३३लगभग १४५२ ई.पू.

    72,000 पशु,

  19. गणना ३१:३४लगभग १४५२ ई.पू.

    61,000 गधे

  20. गणना ३१:३५लगभग १४५२ ई.पू.

    तथा 32,000 स्त्रियां जिनका किसी पुरुष से यौन संपर्क नहीं हुआ था.

  21. गणना ३१:३६लगभग १४५२ ई.पू.

    वे, जो युद्ध पर गए थे, उनके आधे का दसवां अंश इस प्रकार था: भेड़ों की संख्या 3,37,500,

  22. गणना ३१:३७लगभग १४५२ ई.पू.

    इनमें से याहवेह के लिए निकाली भेड़ें 675;

  23. गणना ३१:३८लगभग १४५२ ई.पू.

    पशुओं की संख्या 36,000 जिनमें से याहवेह का भाग था 72;

  24. गणना ३१:३९लगभग १४५२ ई.पू.

    गधों की संख्या 30,500 थी, जिनमें याहवेह का भाग था 61;

  25. गणना ३१:४०लगभग १४५२ ई.पू.

    इनमें मनुष्य प्राणी थे 16,000, जिनमें याहवेह का ठहराया गया भाग था 32.