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circa 2100–1900 BC

Abraham: The Covenant

God calls Abram from Ur, establishes an everlasting covenant, and promises a son through whom all nations will be blessed.

394 वचन · 1 पुस्तक शामिल

  1. उत्पत्ति २२:२लगभग १८७२ ई.पू.

    परमेश्वर ने कहा, “अपने एकलौते पुत्र यित्सहाक को, जो तुम्हें प्रिय है, साथ लेकर मोरियाह देश को जाओ. वहां उसे एक पर्वत पर, जिसे मैं बताऊंगा, होमबलि करके चढ़ाओ.”

  2. उत्पत्ति २२:३लगभग १८७२ ई.पू.

    अगले दिन अब्राहाम ने सुबह जल्दी उठकर अपने गधे पर काठी कसी. उन्होंने अपने साथ दो सेवकों तथा अपने पुत्र यित्सहाक को लिया. जब उन्होंने होमबलि के लिये पर्याप्‍त लकड़ी काट ली, तब वे उस स्थान की ओर चले, जिसके बारे में परमेश्वर ने उन्हें बताया था.

  3. उत्पत्ति २२:४लगभग १८७२ ई.पू.

    तीसरे दिन अब्राहाम ने अपनी आंखें ऊपर उठाईं और दूर से उस जगह को देखा.

  4. उत्पत्ति २२:५लगभग १८७२ ई.पू.

    अब्राहाम ने अपने सेवकों से कहा, “गधे के साथ यहीं रुको. मैं और मेरा बेटा वहां जायेंगे और परमेश्वर की आराधना करके तुम्हारे पास लौट आएंगे.”

  5. उत्पत्ति २२:६लगभग १८७२ ई.पू.

    अब्राहाम ने होमबलि के लिए तैयार की गई लकड़ियां लीं और यित्सहाक को पकड़ा दिया और स्वयं आग एवं छुरा ले लिया. जब दोनों आगे जा रहे थे,

  6. उत्पत्ति २२:७लगभग १८७२ ई.पू.

    तब यित्सहाक ने अपने पिता अब्राहाम से पूछा, “पिताजी?” अब्राहाम ने उत्तर दिया, “हां, बेटा?” यित्सहाक ने कहा, “आग और लकड़ी तो यहां है, पर होमबलि के लिए मेमना कहां है?”

  7. उत्पत्ति २२:८लगभग १८७२ ई.पू.

    अब्राहाम ने जवाब दिया, “हे मेरे पुत्र, परमेश्वर खुद होमबलि के लिये मेमने का इंतजाम करेंगे.” और वे दोनों एक साथ आगे बढ़ गये.

  8. उत्पत्ति २२:९लगभग १८७२ ई.पू.

    जब वे उस स्थल पर पहुंचे, जिसे परमेश्वर ने उन्हें बताया था, तब वहां अब्राहाम ने एक वेदी बनाई और उस पर लकड़ियां रखीं. उन्होंने अपने पुत्र यित्सहाक को बांधकर उसे उन लकड़ियों के ऊपर वेदी पर लिटा दिया.

  9. उत्पत्ति २२:१०लगभग १८७२ ई.पू.

    फिर अब्राहाम ने अपने बेटे को मार डालने के लिये हाथ में छुरा लिया.

  10. उत्पत्ति २२:११लगभग १८७२ ई.पू.

    पर स्वर्ग से याहवेह के दूत ने उन्हें पुकारकर कहा, “हे अब्राहाम! हे अब्राहाम!” अब्राहाम ने कहा, “हे प्रभु! मैं यहां हूं.”

  11. उत्पत्ति २२:१२लगभग १८७२ ई.पू.

    याहवेह ने कहा, “उस लड़के पर हाथ मत उठाओ; उसे कुछ मत करो. अब मुझे यह मालूम हो चुका है कि तुम परमेश्वर का भय मानते हो, क्योंकि तुम मेरे लिये अपने एकलौते पुत्र तक को बलिदान करने के लिये तैयार हो गये.”

  12. उत्पत्ति २२:१३लगभग १८७२ ई.पू.

    उसी समय अब्राहाम ने अपनी आंखें ऊपर उठाईं तो झाड़ी में एक मेढ़ा दिखा जिसका सींग झाड़ी में फंसा हुआ था. अब्राहाम जाकर उस मेढ़े को लाए और अपने पुत्र के बदले में उसे होमबलि चढ़ाए.

  13. उत्पत्ति २२:१४लगभग १८७२ ई.पू.

    अब्राहाम ने उस जगह का नाम “याहवेह यिरेह” रखा अर्थात् याहवेह उपाय करनेवाले. इसलिये आज भी यह कहा जाता है, “याहवेह के पहाड़ पर उपाय किया जाएगा.”

  14. उत्पत्ति २२:१५लगभग १८७२ ई.पू.

    फिर स्वर्ग से याहवेह के दूत ने दूसरी बार अब्राहाम को पुकारकर कहा,

  15. उत्पत्ति २२:१६लगभग १८७२ ई.पू.

    “याहवेह अपनी ही शपथ खाकर कहते हैं, क्योंकि तुमने यह किया है और अपने एकलौते पुत्र तक को बलिदान करने के लिये तैयार हो गये,

  16. उत्पत्ति २२:१७लगभग १८७२ ई.पू.

    तो मैं निश्चचय रूप से तुम्हें आशीष दूंगा और तुम्हारे वंश को आकाश के तारे और समुद्र के बालू के कण के समान अनगिनत करूंगा. तुम्हारा वंश अपने शत्रुओं के शहरों को अपने अधिकार में ले लेगा,

  17. उत्पत्ति २२:१८लगभग १८७२ ई.पू.

    और तुम्हारे वंश के ज़रिये पृथ्वी की सारी जातियां आशीष पाएंगी, क्योंकि तुमने मेरी बात को माना है.”

  18. उत्पत्ति २२:१९लगभग १८७२ ई.पू.

    तब अब्राहाम अपने सेवकों के पास लौट आये और वे सब बेअरशेबा चले गए. और अब्राहाम बेअरशेबा में रहने लगे.

  19. उत्पत्ति २२:२०लगभग १८६२ ई.पू.

    कुछ समय के बाद, अब्राहाम को यह बताया गया, “मिलकाह भी मां बन गई है; उसने तुम्हारे भाई नाहोर के लिये बेटों को जन्म दिया है:

  20. उत्पत्ति २२:२१लगभग १८६२ ई.पू.

    बड़ा बेटा उज़, उसका भाई बुज़, केमुएल (अराम का पिता),

  21. उत्पत्ति २२:२२लगभग १८६२ ई.पू.

    फिर केसेद, हाज़ो, पिलदाश, यिदलाफ तथा बेथुएल.”

  22. उत्पत्ति २२:२३लगभग १८६२ ई.पू.

    बेथुएल रेबेकाह का पिता हुआ. अब्राहाम के भाई नाहोर से मिलकाह के द्वारा ये आठ पुत्र पैदा हुए.

  23. उत्पत्ति २२:२४लगभग १८६२ ई.पू.

    नाहोर की रखैल रियूमाह के भी ये पुत्र हुए: तेबाह, गाहम, ताहाश तथा माकाह.

  24. उत्पत्ति २३:१लगभग १८६० ई.पू.

    साराह एक सौ सत्ताईस वर्ष की हुई.

  25. उत्पत्ति २३:२लगभग १८६० ई.पू.

    तब उसकी मृत्यु किरयथ-अरबा (अर्थात् हेब्रोन) में हुई, जो कनान देश में है. अब्राहाम साराह के लिए विलाप किया और रोया.