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Creation Era

The Tower of Babel

Scattered nations and confused languages mark the beginning of the diversity of peoples across the earth.

64 वचन · 1 पुस्तक शामिल

  1. उत्पत्ति १०:२६लगभग २२४७ ई.पू.

    योकतान के पुत्र: अलमोदाद, शेलेफ, हासारमेबेथ, जेराह,

  2. उत्पत्ति १०:२७लगभग २२४७ ई.पू.

    हादरोम, उजाल, दिखलाह,

  3. उत्पत्ति १०:२८लगभग २२०७ ई.पू.

    ओबाल, अबीमाएल, शीबा,

  4. उत्पत्ति १०:२९लगभग २२०७ ई.पू.

    ओफीर, हाविलाह और योबाब. ये सभी योकतान के पुत्र थे.

  5. उत्पत्ति १०:३०लगभग २२०७ ई.पू.

    (ये जहां रहते थे, वहां की सीमा मेषा से लेकर पूर्व के पहाड़ के सेफार तक थी.)

  6. उत्पत्ति १०:३१लगभग २२०७ ई.पू.

    ये सभी अपने गोत्रों, भाषाओं, देशों तथा राष्ट्रों के अनुसार शेम वंश के थे.

  7. उत्पत्ति १०:३२लगभग २२०७ ई.पू.

    अपनी-अपनी संतान और जाति के अनुसार, ये नोहा के बेटों के वंशज हैं. जलप्रलय के बाद, जाति-जाति के लोग इनसे निकलकर पृथ्वी में फैल गए.

  8. उत्पत्ति ११:१लगभग २२४७ ई.पू.

    पूरी पृथ्वी पर एक ही भाषा तथा एक ही बोली थी.

  9. उत्पत्ति ११:२लगभग २२४७ ई.पू.

    उस समय लोग पूर्व दिशा की ओर चलते हुए, शीनार देश में मैदान देखकर रुक गये और वहीं रहने लगे.

  10. उत्पत्ति ११:३लगभग २२४७ ई.पू.

    वे आपस में कहने लगे, “हम सब मिलकर अच्छी ईंट बनाकर आग में पकायें.” उन्होंने पत्थर के स्थान पर ईंटों का और चुने के स्थान पर मिट्टी के गारे को काम में लिया.

  11. उत्पत्ति ११:४लगभग २२४७ ई.पू.

    और उन्होंने कहा, “आओ, हम अपने लिए एक नगर और मीनार बनाएं; मीनार इतनी ऊंची बनाएं कि आकाश तक जा पहुंचे, ताकि हम प्रसिद्ध हो जाएं. अन्यथा हम सारी पृथ्वी में इधर-उधर हो जायेंगे.”

  12. उत्पत्ति ११:५लगभग २२४७ ई.पू.

    याहवेह उस नगर तथा मीनार को देखने उतर आए, जिसे लोग बना रहे थे.

  13. उत्पत्ति ११:६लगभग २२४७ ई.पू.

    याहवेह ने सोचा, “ये लोग एक झुंड हैं, इनकी एक ही भाषा है, और इन्होंने सोचकर काम करने की शुरुआत की है; अब आगे भी इस प्रकार और काम करेंगे, तो इनके लिए कोई काम मुश्किल नहीं होगा.

  14. उत्पत्ति ११:७लगभग २२४७ ई.पू.

    आओ, हम उनकी भाषा में गड़बड़ी लाएं ताकि वे एक दूसरे की बात को समझ न सकें.”

  15. उत्पत्ति ११:८लगभग २२४७ ई.पू.

    इस प्रकार याहवेह ने उन्हें अलग कर दिया और वे पृथ्वी पर अलग-अलग जगह पर चले गये और नगर व मीनार का काम रुक गया.

  16. उत्पत्ति ११:९लगभग २२४७ ई.पू.

    इसी कारण इस स्थान का नाम बाबेल पड़ा, क्योंकि यहीं याहवेह ने भाषा में गड़बड़ी डाली थी तथा यहीं से याहवेह ने उन्हें पूरी पृथ्वी पर फैला दिया.

  17. उत्पत्ति ११:१०लगभग २३४६ ई.पू.

    शेम के वंश का विवरण यह है: जलप्रलय के दो साल बाद अरफाक्साद का जन्म हुआ तब शेम 100 साल के थे.

  18. उत्पत्ति ११:११लगभग १८४६ ई.पू.

    अरफाक्साद के जन्म के बाद शेम 500 वर्ष और जीवित रहे. इनके अतिरिक्त उनके और पुत्र-पुत्रियां पैदा हुईं.

  19. उत्पत्ति ११:१२लगभग २३११ ई.पू.

    जब अरफाक्साद 35 साल के हुए, तब शेलाह का जन्म हुआ.

  20. उत्पत्ति ११:१३लगभग १९०८ ई.पू.

    शेलाह के जन्म के बाद अरफाक्साद 403 वर्ष और जीवित रहे तथा उनके और पुत्र-पुत्रियां पैदा हुईं.

  21. उत्पत्ति ११:१४लगभग २२८१ ई.पू.

    जब शेलाह 30 वर्ष के हुए, तब एबर का जन्म हुआ.

  22. उत्पत्ति ११:१५लगभग १८७८ ई.पू.

    एबर के जन्म के बाद शेलाह 403 वर्ष और जीवित रहे तथा उनके और पुत्र-पुत्रियां पैदा हुईं.

  23. उत्पत्ति ११:१६लगभग २२४७ ई.पू.

    जब एबर 34 वर्ष के हुए, तब पेलेग का जन्म हुआ.

  24. उत्पत्ति ११:१७लगभग १८१७ ई.पू.

    पेलेग के जन्म के बाद एबर 430 वर्ष और जीवित रहे तथा उनके और पुत्र-पुत्रियां पैदा हुईं.

  25. उत्पत्ति ११:१८लगभग २२१७ ई.पू.

    जब पेलेग 30 वर्ष के हुए, तब रेउ का जन्म हुआ.