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circa 800–400 BC

The Hebrew Prophets

God speaks through Isaiah, Jeremiah, and the minor prophets—calling Israel to repentance and foretelling the coming Messiah.

3,706 वचन · 14 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. होशेआ ९:६लगभग ७६० ई.पू.

    यदि वे विनाश से बच निकलते हैं, तो मिस्र देश उन्हें इकट्ठा करेगा, और मोफ उन्हें दफन कर देगा. कंटीली झाड़ियां उनके चांदी के वस्तुओं को ले लेंगी, और उनके तंबुओं पर कांटे उग आएंगे.

  2. होशेआ ९:७लगभग ७६० ई.पू.

    दंड के दिन आ रहे हैं, बदला लेने के दिन निकट हैं. इस बात को इस्राएल जान ले. क्योंकि तुम्हारे पाप बहुत हैं और तुम्हारी शत्रुता बहुत ज्यादा है, भविष्यवक्ता को मूर्ख, और आत्मा से प्रेरित व्यक्ति को पागल समझा जाता है.

  3. होशेआ ९:८लगभग ७६० ई.पू.

    भविष्यवक्ता, मेरे परमेश्वर के साथ, एफ्राईम के ऊपर पहरेदार है, फिर भी उसके सब रास्तों पर फंदे लगे हुए हैं, और उसके परमेश्वर के भवन में शत्रुता है.

  4. होशेआ ९:९लगभग ७६० ई.पू.

    वे गिबियाह के दिनों के जैसे भ्रष्टाचार में बहुत डूब हुए हैं. परमेश्वर उनकी बुराई को याद करेंगे और उनके पापों के लिये उन्हें दंड देंगे.

  5. होशेआ ९:१०लगभग ७६० ई.पू.

    “मैंने इस्राएल को ऐसे पाया, जैसे किसी को निर्जन स्थान में अंगूर का मिलना होता है; जब मैंने तुम्हारे पूर्वजों को देखा, तो यह ऐसा था मानो अंजीर के पेड़ में लगे शुरुआती फल को देखना. पर जब वे बाल-पिओर में आये, तो उन्होंने उस लज्जास्पद मूर्ति के लिये अपने आपको पवित्र किया और वे उतने दुष्ट हो गये जितने वे उन चीज़ों से प्रेम करते थे.

  6. होशेआ ९:११लगभग ७६० ई.पू.

    एफ्राईम का गौरव पक्षी की तरह उड़ जाएगा— न किसी का जन्म होगा, न कोई गर्भवती होगी और न ही किसी को गर्भ ठहरेगा.

  7. होशेआ ९:१२लगभग ७६० ई.पू.

    यदि वे बच्चों का पालन पोषण करते भी हैं, तो मैं हर एक को उनसे ले लूंगा. उन पर हाय जब मैं उनसे दूर हो जाता हूं!

  8. होशेआ ९:१३लगभग ७६० ई.पू.

    मैंने एफ्राईम को सोर के जैसे मनभावने स्थान में बसे हुए देखा है. पर एफ्राईम अपने बच्चों को वध करनेवाले के पास ले आएगा.”

  9. होशेआ ९:१४लगभग ७६० ई.पू.

    हे याहवेह, उन्हें दीजिए— आप उन्हें क्या देंगे? उन्हें ऐसे गर्भ दीजिए, जिससे गर्भपात हो जाता है और ऐसे स्तन दीजिए, जो सूखे हों.

  10. होशेआ ९:१५लगभग ७६० ई.पू.

    “गिलगाल में उनके सब बुराई के कारण, मैंने उनसे वहां घृणा किया. उनके पापमय कामों के कारण, मैं उन्हें अपने भवन से बाहर निकाल दूंगा. अब मैं उनसे प्रेम नहीं करूंगा; उनके सब अगुए विद्रोही हैं.

  11. होशेआ ९:१६लगभग ७६० ई.पू.

    एफ्राईम पर बीमारी लग गई है, उनकी जड़ सूख गई है, उनमें फल नहीं लगते हैं. यदि वे बच्चों को जन्म भी दें, तो मैं उनके पोषित बच्चों को मार डालूंगा.”

  12. होशेआ ९:१७लगभग ७६० ई.पू.

    मेरा परमेश्वर उनको अस्वीकार करेगा क्योंकि उन्होंने उसकी बातों को नहीं माना है; वे जाति-जाति के लोगों के बीच भटकते फिरेंगे.

  13. होशेआ १०:१लगभग ७४० ई.पू.

    इस्राएल एक बढ़ने वाली अंगूर की लता थी; वह अपने लिये फल देती थी. जैसे जैसे उसके फल बढ़ते गये, उसने और ज्यादा वेदियां बनाई; जैसे जैसे उसका देश समृद्ध होता गया, उसने अपने पवित्र पत्थरों को सजाया.

  14. होशेआ १०:२लगभग ७४० ई.पू.

    उनका हृदय धोखेबाज है, और अब वे ज़रूर दंड भोगेंगे. याहवेह उनकी वेदियों को ढहा देंगे और उनके पवित्र पत्थरों को नष्ट कर देंगे.

  15. होशेआ १०:३लगभग ७४० ई.पू.

    तब वे कहेंगे, “हमारा कोई राजा नहीं है क्योंकि हमने याहवेह का आदर नहीं किया. पर यदि हमारा कोई राजा होता भी, तो वह हमारे लिये क्या करता?”

  16. होशेआ १०:४लगभग ७४० ई.पू.

    वे बहुत सी प्रतिज्ञाएं करते हैं, झूठी शपथ खाते हैं और सहमति बनाते हैं; इसलिये हल चलाये गये खेत में उगे जहरीले घास-पात के समान मुकदमे होने लगते हैं.

  17. होशेआ १०:५लगभग ७४० ई.पू.

    जो लोग शमरिया में रहते हैं वे बेथ-आवेन के बछड़े के कारण डरते हैं. इसके लोग इस पर विलाप करेंगे, और ऐसा ही इसके मूर्तिपूजक पुरोहित भी करेंगे, जो पहले इसके वैभव पर आनंदित हुआ करते थे, क्योंकि इसे उनसे छीनकर बंधुआई में ले लिया गया है.

  18. होशेआ १०:६लगभग ७४० ई.पू.

    इसे बड़े राजा को भेंट स्वरूप देने के लिये अश्शूर ले जाया जाएगा. एफ्राईम लज्जित किया जाएगा; इस्राएल भी बाहरी लोगों से नाता के कारण लज्जित होगा.

  19. होशेआ १०:७लगभग ७४० ई.पू.

    शमरिया के राजा को ऐसे नष्ट किया जाएगा, जैसे एक छोटी शाखा पानी के बहाव में बहकर नष्ट हो जाती है.

  20. होशेआ १०:८लगभग ७४० ई.पू.

    बुराई के ऊंचे स्थान नष्ट किए जाएंगे— यह इस्राएल का पाप है. उनकी इन वेदियों पर कंटीले पौधे और झाड़ियां उगकर उनकी वेदियों को ढांप लेंगी. तब वे पर्वतों से कहेंगे, “हमें ढांप लो!” और पहाड़ियों से कहेंगे, “हम पर आ गिरो!”

  21. होशेआ १०:९लगभग ७४० ई.पू.

    “हे इस्राएल, तुम गिबियाह के समय से पाप करते आये हो, और तुम अब भी उसी में बने हुए हो. क्या बुरे काम करनेवाले गिबियाह में फिर से युद्ध में नहीं फंसेंगे?

  22. होशेआ १०:१०लगभग ७४० ई.पू.

    जब मेरी इच्छा होगी, मैं उन्हें दंड दूंगा; अन्य जातियां उनके दो गुने पाप के कारण, उन्हें बंधन में डालने के लिये उनके विरुद्ध इकट्ठा होंगी.

  23. होशेआ १०:११लगभग ७४० ई.पू.

    एफ्राईम एक प्रशिक्षित बछिया है जिसे अन्‍न दांवना अच्छा लगता है; इसलिये मैं उसके सुंदर गर्दन पर एक जूआ रखूंगा. मैं एफ्राईम को हांकूंगा, यहूदाह को हल चलाना ज़रूरी है, और याकोब को मिट्टी तोड़ना ज़रूरी है.

  24. होशेआ १०:१२लगभग ७४० ई.पू.

    अपने लिए धर्मीपन का बीज बोओ, निश्छल प्रेम की फसल काटो, और न जूते हुए भूमि की मिट्टी को तोड़ो; क्योंकि यह समय है कि याहवेह की खोज करो, जब तक कि वह आकर तुम पर धर्मीपन की वर्षा न करें.

  25. होशेआ १०:१३लगभग ७४० ई.पू.

    पर तुमने दुष्टता का रोपण किया है, और बुराई का फसल काटा है, तुमने छल-प्रपंच का फल खाया है. क्योंकि तुम अपने स्वयं के बल और अपने योद्धाओं की बड़ी संख्या पर निर्भर रहे हो,