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circa 800–400 BC

The Hebrew Prophets

God speaks through Isaiah, Jeremiah, and the minor prophets—calling Israel to repentance and foretelling the coming Messiah.

3,706 वचन · 14 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. होशेआ ५:१२लगभग ७८० ई.पू.

    मैं एफ्राईम के लिए कीड़े के समान, और यहूदाह के लोगों के लिए एक सड़न के जैसा हूं.

  2. होशेआ ५:१३लगभग ७८० ई.पू.

    “जब एफ्राईम ने अपनी बीमारी, और यहूदिया ने अपने घाव को देखा, तब एफ्राईम अश्शूर की तरफ गया, और बड़े राजा से सहायता की याचना की. परंतु वह तुम्हें न तो चंगा कर सकता है, और न ही तुम्हारे घावों को ठीक कर सकता है.

  3. होशेआ ५:१४लगभग ७८० ई.पू.

    क्योंकि एफ्राईम के लिए मैं एक सिंह के जैसा, और यहूदाह के लिए एक बड़े सिंह के जैसा हो जाऊंगा. मैं उन्हें फाड़कर टुकड़े-टुकड़े कर दूंगा और चला जाऊंगा; मैं उन्हें उठाकर ले जाऊंगा, और उन्हें छुड़ाने वाला कोई न होगा.

  4. होशेआ ५:१५लगभग ७८० ई.पू.

    जब तक वे अपने अपराध को मान नहीं लेते और मेरी ओर लौट नहीं आते मैं अपने स्थान में नहीं लौटूंगा; अपनी दुर्गति के समय वे मन लगाकर मेरी खोज करेंगे.”

  5. होशेआ ६:१लगभग ७८० ई.पू.

    “आओ, हम याहवेह की ओर लौटें. उसने हमें फाड़कर टुकड़े-टुकड़े कर दिया है पर वह हमें चंगा करेंगे; उन्होंने हमें चोट पहुंचाई है, पर वही हमारे घावों पर मरहम पट्टी करेंगे.

  6. होशेआ ६:२लगभग ७८० ई.पू.

    दो दिन के बाद वह हममें सुधार लाएंगे; और तीसरे दिन वह हमें हमारे पूर्व स्थिति में ले आएंगे, ताकि हम उनकी उपस्थिति में बने रहें.

  7. होशेआ ६:३लगभग ७८० ई.पू.

    आओ, हम याहवेह को मान लें; आओ, हम उसको जानने के लिये यत्न करें. जिस प्रकार निश्चित रूप से सूर्य उदय होता है, उसी प्रकार वह भी निश्चित रूप से प्रगट होंगे; वह हमारे पास ठंड के वर्षा के समान, वर्षा ऋतु के बारिश के समान आएंगे, जो भूमि को सींच जाती है.”

  8. होशेआ ६:४लगभग ७८० ई.पू.

    “हे एफ्राईम, मैं तुम्हारे लिये क्या कर सकता हूं? हे यहूदाह, मैं तुम्हारे लिये क्या कर सकता हूं? तुम्हारा प्रेम सुबह के कोहरे के समान, बड़े सबेरे पड़नेवाले ओस के समान है, जो गायब हो जाती है.

  9. होशेआ ६:५लगभग ७८० ई.पू.

    इसलिये मैंने तुम्हें अपने भविष्यवक्ताओं के द्वारा काटकर टुकड़े-टुकड़े कर डाला, मैंने अपने मुंह के वचन से मार डाला है— तब मेरा न्याय सूर्य के समान आगे बढ़ता है.

  10. होशेआ ६:६लगभग ७८० ई.पू.

    क्योंकि मैं बलिदान से नहीं, पर दया से, और होमबलि की अपेक्षा से नहीं, परमेश्वर को मानने से प्रसन्‍न होता हूं.

  11. होशेआ ६:७लगभग ७८० ई.पू.

    आदम के जैसे, उन्होंने वाचा को तोड़ दिया है; उन्होंने वहां मेरे साथ विश्वासघात किया था.

  12. होशेआ ६:८लगभग ७८० ई.पू.

    गिलआद दुष्ट काम करनेवालों का एक शहर है, वहां खून के पद-चिन्हों के निशान हैं.

  13. होशेआ ६:९लगभग ७८० ई.पू.

    जैसे लुटेरे अपने शिकार के लिये छिपकर घात में रहते हैं, वैसे ही पुरोहितों के गिरोह भी करते हैं; वे अपनी बुरी योजनाओं को पूरा करते हुए, शेकेम के रास्ते पर हत्या करते हैं.

  14. होशेआ ६:१०लगभग ७८० ई.पू.

    मैंने इस्राएल में एक भयावह चीज़ देखी है: वहां एफ्राईम को वेश्यावृत्ति के लिये दिया जाता है, इस्राएल अशुद्ध होता है.

  15. होशेआ ६:११लगभग ७८० ई.पू.

    “हे यहूदिया, तुम्हारे लिए कटनी का एक दिन ठहराया गया है. “जब मैं अपने लोगों के पुराने दिनों को लौटा लाऊंगा,

  16. होशेआ ७:१लगभग ७८० ई.पू.

    जब मैं इस्राएल को चंगा करूंगा, एफ्राईम के पाप और शमरिया के अपराध प्रगट किए जाएंगे. वे धोखा देते हैं, चोर घरों में चोरी करते हैं, लुटेरे गलियों में लूटमार करते हैं;

  17. होशेआ ७:२लगभग ७८० ई.पू.

    पर वे यह नहीं समझते कि मैं उनके सब बुरे कामों को याद रखता हूं. उनके पाप उन्हें पूरी तरह खा जाते हैं; उनके काम हमेशा मेरी दृष्टि में बने रहते हैं.

  18. होशेआ ७:३लगभग ७८० ई.पू.

    “वे राजा को अपनी दुष्टता, और राजकुमारों को अपने झूठी बातों से खुश रखते हैं.

  19. होशेआ ७:४लगभग ७८० ई.पू.

    वे सबके सब व्यभिचारी हैं, एक जलते हुए चूल्हे के समान जिसकी आग को रोटी बनानेवाला तब तक तेज नहीं करता जब तक वह आटा गूंधकर पकाने के लिए तैयार नहीं कर लेता.

  20. होशेआ ७:५लगभग ७८० ई.पू.

    हमारे राजा के त्योहार के दिन राजकुमार दाखमधु पीकर उत्तेजित होते हैं, और वह हंसी उड़ानेवालों के साथ शामिल होता है.

  21. होशेआ ७:६लगभग ७८० ई.पू.

    उनके ह्रदय एक चूल्हे के समान हैं; वे उसके पास षड़्‍यंत्र रचकर जाते हैं. उनकी लालसा रात भर सुलगती रहती है; और सुबह यह आग की ज्वाला की तरह भभक उठती है.

  22. होशेआ ७:७लगभग ७८० ई.पू.

    वे सबके सब चूल्हे के समान गर्म हैं; वे अपने शासकों को भस्म कर देते हैं. उनके सब राजा मारे जाते हैं, पर उनमें से कोई भी मुझे नहीं पुकारता.

  23. होशेआ ७:८लगभग ७८० ई.पू.

    “एफ्राईम अन्य राष्ट्रों के लोगों के साथ घुल-मिल जाता है; एफ्राईम उस रोटी के समान है, जिसे पकाते समय पलटा नहीं गया है.

  24. होशेआ ७:९लगभग ७८० ई.पू.

    परदेशी उसकी शक्ति का शोषण करते हैं, पर वह इसे समझ नहीं पाता है. उसके बाल पकते जा रहे हैं, पर वह ध्यान नहीं देता है.

  25. होशेआ ७:१०लगभग ७८० ई.पू.

    इस्राएल का अहंकार उसके विरुद्ध गवाही देता है, पर इन सबके बावजूद वह याहवेह अपने परमेश्वर के पास लौटकर नहीं आता या उसकी खोज नहीं करता.