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circa 800–400 BC

The Hebrew Prophets

God speaks through Isaiah, Jeremiah, and the minor prophets—calling Israel to repentance and foretelling the coming Messiah.

3,706 वचन · 14 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. आमोस १:१लगभग ७८७ ई.पू.

    ये आमोस द्वारा कहे गये वचन हैं, जो उसने भूकंप के दो वर्ष पहले इस्राएल के संबंध में एक दर्शन देखकर उस समय में कहे थे, जब यहूदिया पर राजा उज्जियाह का तथा इस्राएल पर यहोआश के पुत्र यरोबोअम का शासन था. आमोस तकोआ नगर के चरवाहों में से एक था.

  2. आमोस १:२लगभग ७८७ ई.पू.

    आमोस ने कहा: “ज़ियोन से याहवेह का स्वर गर्जन करता है और येरूशलेम से उनका शब्द गूंजता है; चरवाहों के चरागाह मुरझा गए हैं, तथा कर्मेल पर्वत का शिखर झुलस गया है.”

  3. आमोस १:३लगभग ७८७ ई.पू.

    यह याहवेह का कहना है: “दमेशेक नगर के तीन, नहीं वरन चार अपराधों के कारण, मैं उसे दंड देने से पीछे नहीं हटूंगा. क्योंकि उसने गिलआद पर लोहे के तीक्ष्ण शस्त्रों से प्रहार किया है,

  4. आमोस १:४लगभग ७८७ ई.पू.

    तब मैं हाज़ाएल के परिवार पर आग बरसाऊंगा और वह बेन-हदद के गढ़ को नष्ट कर देगी.

  5. आमोस १:५लगभग ७८७ ई.पू.

    दमेशेक नगर के प्रवेश द्वार को मैं तोड़ डालूंगा; और आवेन घाटी के राजा को, और बेथ-एदेन में राजदंड धरनेवाले को, मैं नाश कर दूंगा. अरामवासी कीर में बंधुआई में चले जाएंगे,” यह याहवेह का कहना है.

  6. आमोस १:६लगभग ७८७ ई.पू.

    याहवेह का यह कहना है: “अज्जाह नगर के तीन, नहीं वरन चार अपराधों के कारण, मैं दंड देने से पीछे नहीं हटूंगा. क्योंकि उसने पूरे प्रजा को बंधुआई में ले गया और उन्हें एदोम को बेच दिया है,

  7. आमोस १:७लगभग ७८७ ई.पू.

    तब मैं अज्जाह नगर की दीवारों पर आग बरसाऊंगा जो उसके राजमहलों को जलाकर नष्ट कर देगी.

  8. आमोस १:८लगभग ७८७ ई.पू.

    मैं अशदोद के राजा को, और अश्कलोन में राजदंड धरनेवाले को नाश कर दूंगा. एक्रोन पर मैं अपने हाथों से तब तक वार करूंगा, जब तक कि आखिरी फिलिस्तीनी भी मार न डाला जाए,” यह प्रभु याहवेह का कहना है.

  9. आमोस १:९लगभग ७८७ ई.पू.

    याहवेह का यह कहना है: “सोर नगर के तीन, नहीं वरन चार अपराधों के कारण, मैं दंड देने से पीछे नहीं हटूंगा. क्योंकि उसने संपूर्ण बंधुआई के समूह को एदोम को बेच दिया है, और भाईचारे की वाचा का अनादर किया है,

  10. आमोस १:१०लगभग ७८७ ई.पू.

    तब मैं सोर की दीवारों पर आग बरसाऊंगा जो उसके राजमहलों को जलाकर नष्ट कर देगी.”

  11. आमोस १:११लगभग ७८७ ई.पू.

    याहवेह का यह कहना है: “एदोम के तीन पापों के कारण, तीन नहीं वरन चार पापों के कारण, मैं दंड देने से पीछे नहीं हटूंगा. क्योंकि उसने तलवार लेकर अपने भाई को खदेड़ा और देश की महिलाओं को घात किया, क्रोध में वह निरंतर उनका संहार करता गया उसका रोष सदा बना रहा,

  12. आमोस १:१२लगभग ७८७ ई.पू.

    मैं तेमान पर आग बरसाऊंगा जो बोज़राह के राजमहलों को जलाकर भस्म कर देगी.”

  13. आमोस १:१३लगभग ७८७ ई.पू.

    याहवेह का यह कहना है: “अम्मोनवासियों के तीन, नहीं वरन चार अपराधों के कारण, मैं उसे दंड देने से पीछे न हटूंगा. क्योंकि उसने गिलआद की गर्भवती स्त्रियों के पेट इसलिये चीर दिए ताकि वह अपनी सीमा का विस्तार कर सके,

  14. आमोस १:१४लगभग ७८७ ई.पू.

    तब युद्ध के उस दिन जब शोरगुल हो रहा होगा, जब उग्र आंधी और उपद्रव हो रहा होगा तब मैं रब्बाह नगर की दीवारों पर आग लगा दूंगा, जो उसके राजमहलों को जलाकर नष्ट कर देगी.

  15. आमोस १:१५लगभग ७८७ ई.पू.

    अम्मोन के राजा और उसके कर्मचारी एक साथ बंधुआई में चले जाएंगे,” यह याहवेह का कहना है.

  16. आमोस २:१लगभग ७८७ ई.पू.

    याहवेह का यह कहना है: “मोआब को दंड देने से मैं पीछे न हटूंगा, क्योंकि उसने तीन, नहीं वरन चार अपराध किये हैं. उसने एदोम के राजा के हड्डियों को जलाकर राख कर दिया है,

  17. आमोस २:२लगभग ७८७ ई.पू.

    तब मैं मोआब पर आग बरसाऊंगा जो केरिओथ के राजमहलों को जलाकर नष्ट कर देगी. बड़े उपद्रव में मोआब मिट जाएगा, उस समय युद्ध की ललकार और तुरही फूंकी जा रही होगी.

  18. आमोस २:३लगभग ७८७ ई.पू.

    मैं मोआब के शासक को नाश कर दूंगा और उसे उसके सब अधिकारियों समेत मार डालूंगा,” यह याहवेह का कहना है.

  19. आमोस २:४लगभग ७८७ ई.पू.

    याहवेह का यह कहना है: “यहूदिया के तीन नहीं, वरन चार पापों के कारण, मैं उसे दंड देने से पीछे नहीं हटूंगा. क्योंकि उन्होंने याहवेह के कानून को तुच्छ जाना है और उनके नियमों का पालन नहीं किया है, वे उन झूठे देवताओं के द्वारा भटकाये गये हैं, जिनके पीछे उनके पुरखे चलते थे,

  20. आमोस २:५लगभग ७८७ ई.पू.

    तब मैं यहूदिया पर आग बरसाऊंगा जो येरूशलेम के राजमहलों को जलाकर नष्ट कर देगी.”

  21. आमोस २:६लगभग ७८७ ई.पू.

    याहवेह का यह कहना है: “इस्राएल के तीन नहीं, वरन चार पापों के कारण, मैं उसे दंड देने से पीछे नहीं हटूंगा. वे चांदी के लिये निर्दोष व्यक्ति को, और एक जोड़ी चप्पल के लिए ज़रूरतमंद व्यक्ति को बेच देते हैं.

  22. आमोस २:७लगभग ७८७ ई.पू.

    वे निर्धन के सिर ऐसे रौंदते हैं जैसे भूमि पर धूल को रौंदा जाता है और पीड़ित लोगों के न्याय को बिगाड़ते हैं. पिता और पुत्र दोनों एक ही युवती से संभोग करते हैं और ऐसा करके वे मेरे पवित्र नाम को अपवित्र करते हैं.

  23. आमोस २:८लगभग ७८७ ई.पू.

    वे हर एक वेदी के बाजू में बंधक में रखे गए कपड़ों पर लेटते हैं. वे अपने देवता के घर में जुर्माना में लिये गये अंगूर की दाखमधु को पीते हैं.

  24. आमोस २:९लगभग ७८७ ई.पू.

    “यह सब होने पर भी मैं ही था जिसने उनके सामने अमोरियों को पछाड़ा था, यद्यपि अमोरी पुरुष देवदार वृक्ष के समान ऊंचे और बांज वृक्ष के सदृश सशक्त थे. मैंने ऊपर तो उनके फल तथा नीचे उनकी जड़ें नष्ट कर दीं.

  25. आमोस २:१०लगभग ७८७ ई.पू.

    मैं ही था, जिसने तुम्हें मिस्र देश से बाहर निकाला और चालीस वर्ष मरुभूमि में तुम्हारी अगुवाई करता रहा, ताकि तुम अमोरियों के देश पर अधिकार कर सको.