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circa 800–400 BC

The Hebrew Prophets

God speaks through Isaiah, Jeremiah, and the minor prophets—calling Israel to repentance and foretelling the coming Messiah.

3,706 वचन · 14 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. होशेआ ७:११लगभग ७८० ई.पू.

    “एफ्राईम एक पेंडुकी की तरह है, जो आसानी से धोखा खाता है और निर्बुद्धि है— उन्होंने सहायता के लिए मिस्र को पुकारा, अब अश्शूर की ओर जाते हैं.

  2. होशेआ ७:१२लगभग ७८० ई.पू.

    जब वे जाते हैं, तब मैं उन पर अपना जाल डालूंगा; मैं उन्हें आकाश के पक्षियों के समान नीचे गिरा दूंगा. जब मैं सुनूंगा कि वे एक साथ झुंड में इकट्ठा हो रहे हैं, तो मैं उन्हें पकड़ लूंगा.

  3. होशेआ ७:१३लगभग ७८० ई.पू.

    उन पर हाय, क्योंकि वे मुझसे अलग हो गये हैं! सर्वनाश हो उनका, क्योंकि उन्होंने मेरे विरुद्ध विद्रोह किया है! मैं उन्हें छुड़ाने की इच्छा रखता हूं पर वे मेरे बारे में झूठ बोलते हैं.

  4. होशेआ ७:१४लगभग ७८० ई.पू.

    वे मुझे अपने हृदय से नहीं पुकारते पर अपने बिछौने पर पड़े विलाप करते हैं. अनाज और नई दाखमधु के लिये वे अपने देवताओं से याचना करते हुए अपने आपको घायल करते हैं, पर वे मुझसे दूर रहते हैं.

  5. होशेआ ७:१५लगभग ७८० ई.पू.

    मैंने उन्हें प्रशिक्षित किया और उनकी सेना को सशक्त किया, पर वे मेरे ही विरुद्ध षड़्‍यंत्र रचते हैं.

  6. होशेआ ७:१६लगभग ७८० ई.पू.

    वे सर्वोच्च परमेश्वर की ओर नहीं फिर रहे हैं; वे त्रुटिपूर्ण धनुष के समान हैं. उनके अगुएं घमंड से भरी बातों के कारण तलवार से मारे जाएंगे. इसी कारण से उन्हें मिस्र देश में ठट्ठों में उड़ाया जाएगा.

  7. होशेआ ८:१लगभग ७८० ई.पू.

    “तुरही को अपने होंठों पर रखो! एक गरुड़ याहवेह के भवन के ऊपर है, क्योंकि लोगों ने मेरी वाचा को तोड़ दिया है और मेरे कानून का पालन नहीं किया है.

  8. होशेआ ८:२लगभग ७८० ई.पू.

    इस्राएल मुझसे पुकारकर कहता है, ‘हे हमारे परमेश्वर, हम आपको मानते हैं!’

  9. होशेआ ८:३लगभग ७८० ई.पू.

    पर इस्राएल ने भलाई को अस्वीकार किया है; शत्रु उसके पीछे पड़ेगा.

  10. होशेआ ८:४लगभग ७८० ई.पू.

    वे मेरी सहमति के बिना राजाओं को ठहराते हैं; वे मेरी स्वीकृति के बिना राजकुमारों को चुनते हैं. वे अपने सोना और चांदी से अपने विनाश के लिये मूर्तियां बनाते हैं.

  11. होशेआ ८:५लगभग ७८० ई.पू.

    हे शमरिया, अपने बछड़े की मूर्ति को फेंक दो! मेरा क्रोध उनके विरुद्ध भड़कता है. वे कब तक शुद्धता के लिये अयोग्य ठहरेंगे?

  12. होशेआ ८:६लगभग ७८० ई.पू.

    वे इस्राएल से हैं! यह बछड़ा—एक कारीगर ने इसे बनाया है; यह परमेश्वर नहीं है. उस शमरिया के बछड़े को टुकड़े-टुकड़े कर दिया जाएगा.

  13. होशेआ ८:७लगभग ७८० ई.पू.

    “वे हवा बोते हैं, और बवंडर रूपी फसल काटते हैं. फसल के डंठल में बाली नहीं है; इससे आटा नहीं मिलेगा. यदि इससे अन्‍न पैदा होता, तो परदेशी इसे खा जाते.

  14. होशेआ ८:८लगभग ७८० ई.पू.

    इस्राएल को निगल लिया गया है; अब वह अन्य जनताओं के बीच ऐसा है जिसे कोई नहीं चाहता.

  15. होशेआ ८:९लगभग ७८० ई.पू.

    क्योंकि वे एक भटके हुए जंगली गधे की तरह अश्शूर को चले गये हैं. एफ्राईम ने अपने आपको प्रेमियों के हाथ बेच दिया है.

  16. होशेआ ८:१०लगभग ७८० ई.पू.

    यद्यपि उन्होंने अपने आपको अन्यजातियों के बीच बेच दिया है, फिर भी अब मैं उनको एक साथ इकट्ठा करूंगा. शक्तिशाली राजा के सताव के कारण वे नाश होने लगेंगे.

  17. होशेआ ८:११लगभग ७८० ई.पू.

    “यद्यपि एफ्राईम ने पापबलि के लिए अनेक वेदियां बनाई हैं, पर ये वेदियां उनके पाप करने का कारण बन गई हैं.

  18. होशेआ ८:१२लगभग ७८० ई.पू.

    मैंने उनके लिये अपने कानून से संबंधित बहुत सी बातें लिखी, पर उन्होंने उन बातों को बाहर का समझा.

  19. होशेआ ८:१३लगभग ७८० ई.पू.

    यद्यपि वे मुझे भेंट के रूप में बलिदान चढ़ाते हैं, और यद्यपि वे मांस खाते हैं, पर याहवेह उनसे खुश नहीं हैं. अब वह उनके दुष्ट कामों को याद करेंगे और उनके पापों के लिये दंड देंगे: वे मिस्र देश को लौटेंगे.

  20. होशेआ ८:१४लगभग ७८० ई.पू.

    इस्राएल ने अपने बनानेवाले को भुला दिया है और महल बना लिये हैं; यहूदिया राज्य ने बहुत से नगरों का किलाबंदी कर लिया है. पर मैं उनके शहरों पर आग लगा दूंगा, और उनके गढ़ जलकर भस्म हो जाएंगे.”

  21. होशेआ ९:१लगभग ७६० ई.पू.

    हे इस्राएल, आनंदित मत हो; दूसरे देशों के समान अति आनंदित मत हो. क्योंकि तुमने अपने परमेश्वर के साथ विश्वासघात किया है; तुम हर एक खलिहान में वेश्यावृत्ति से प्राप्‍त आय को पसंद करते हो.

  22. होशेआ ९:२लगभग ७६० ई.पू.

    खलिहानों और अंगूर के रसकुण्डों से लोगों को भोजन नहीं मिलेगा; नई दाखमधु भी उन्हें नहीं मिलेगी.

  23. होशेआ ९:३लगभग ७६० ई.पू.

    वे याहवेह के देश में नहीं रहने पाएंगे; एफ्राईम मिस्र देश को लौट जाएगा और अश्शूर में वे अशुद्ध भोजन खाएंगे.

  24. होशेआ ९:४लगभग ७६० ई.पू.

    वे याहवेह को अंगूर की दाखमधु का पेय बलि नहीं देंगे, और न ही उनके बलिदान से परमेश्वर खुश होंगे. उस प्रकार का बलिदान उनके लिये शोक करनेवालों के रोटी जैसा है; वे सब जो उसे खाते हैं वे अशुद्ध हो जाएंगे. यह भोजन उनके स्वयं के लिये होगा; इसे याहवेह के मंदिर में नहीं लाया जाएगा.

  25. होशेआ ९:५लगभग ७६० ई.पू.

    तुम अपने ठहराए त्योहारों के दिन, याहवेह के भोज के दिनों में क्या करोगे?