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circa 800–400 BC

The Hebrew Prophets

God speaks through Isaiah, Jeremiah, and the minor prophets—calling Israel to repentance and foretelling the coming Messiah.

3,706 वचन · 14 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. होशेआ १०:१४लगभग ७४० ई.पू.

    तुम्हारे लोगों के विरुद्ध युद्ध की ललकार होगी, ताकि तुम्हारे सब गढ़ों को नष्ट कर दिया जाए— जैसा कि युद्ध के समय में शलमन ने बेथ-आरबेल को नष्ट किया था, जब माताओं को उनके बच्चों सहित भूमि पर पटक कर मार डाला गया था.

  2. होशेआ १०:१५लगभग ७४० ई.पू.

    हे बेथेल तुम्हारे साथ भी ऐसा ही होगा, क्योंकि तुम्हारी दुष्टता बहुत बड़ी है. जब उस दिन बड़ी सुबह इस्राएल के राजा को पूरी तरह नाश कर दिया जाएगा.

  3. होशेआ ११:१लगभग ७४० ई.पू.

    “जब इस्राएल बालक था, मैंने उससे प्रेम किया, और मिस्र देश से मैंने अपने पुत्र को बुलाया.

  4. होशेआ ११:२लगभग ७४० ई.पू.

    पर जितना ज्यादा उनको बुलाया गया, उतना ज्यादा वे मुझसे दूर होते गये. वे बाल देवताओं के लिये बलि चढ़ाते थे और उन्होंने मूर्तियों के आगे धूप जलाया है.

  5. होशेआ ११:३लगभग ७४० ई.पू.

    वह मैं ही था, जिसने एफ्राईम को हाथ पकड़कर चलना सिखाया; परंतु उन्होंने इस बात को न जाना कि वह मैं ही था, जिसने उन्हें चंगा किया.

  6. होशेआ ११:४लगभग ७४० ई.पू.

    मैंने मानवीय दया की डोरी, और प्रेम के बंधन से उनकी अगुवाई की. उनके लिये मैं वैसा था जैसे कोई छोटे बच्‍चे को गाल तक उठाता है, और मैं झुककर उन्हें खाना खिलाता था.

  7. होशेआ ११:५लगभग ७४० ई.पू.

    “क्या वे मिस्र देश नहीं लौटेंगे और अश्शूर का राजा उन पर शासन नहीं करेगा क्योंकि वे प्रायश्चित करना नहीं चाहते?

  8. होशेआ ११:६लगभग ७४० ई.पू.

    उनके शहरों में एक तलवार चमकेगी; वह उनके झूठे भविष्यवक्ताओं को मार डालेगी और उनकी योजनाओं का अंत कर देगी.

  9. होशेआ ११:७लगभग ७४० ई.पू.

    मेरे लोग मुझसे दूर जाने का ठान लिये हैं. यद्यपि वे मुझे सर्वोच्च परमेश्वर कहते हैं, मैं उनकी किसी भी प्रकार से प्रशंसा नहीं करूंगा.

  10. होशेआ ११:८लगभग ७४० ई.पू.

    “हे एफ्राईम, मैं तुम्हें कैसे छोड़ सकता हूं? हे इस्राएल, मैं तुम्हें किसी और को सौंप दूं? मैं तुम्हारे साथ अदमाह के जैसे व्यवहार कैसे कर सकता हूं? मैं तुम्हें ज़ेबोईम के समान कैसे बना सकता हूं? मेरा हृदय मेरे भीतर बदल गया है; मेरी सारी करुणा जागृत होती है.

  11. होशेआ ११:९लगभग ७४० ई.पू.

    मैं अपने भयंकर क्रोध के अनुसार नहीं करूंगा, न ही मैं एफ्राईम को फिर से नाश करूंगा. क्योंकि मैं परमेश्वर हूं, मनुष्य नहीं— तुम्हारे बीच एक पवित्र जन. मैं उनके शहरों के विरुद्ध नहीं आऊंगा.

  12. होशेआ ११:१०लगभग ७४० ई.पू.

    वे याहवेह के पीछे चलेंगे; याहवेह एक-एक सिंह के समान गरजेंगे. जब वह गरजेंगे, तो उनकी संतान कांपती हुई पश्चिम दिशा से आएंगी.

  13. होशेआ ११:११लगभग ७४० ई.पू.

    वे मिस्र देश से, गौरेया पक्षी की तरह कांपती हुई, और अश्शूर देश से पंड़की की तरह पंख फड़फड़ाते हुए आएंगी. मैं उन्हें उनके घरों में बसाऊंगा,” याहवेह घोषणा करते हैं.

  14. होशेआ ११:१२लगभग ७४० ई.पू.

    एफ्राईम ने मेरे चारों ओर झूठ का, और इस्राएल ने छल का ढेर लगा दिया है. और यहूदाह उद्दंडता से परमेश्वर के विरुद्ध है, और तो और वह विश्वासयोग्य पवित्र जन के विरुद्ध है.

  15. होशेआ १२:१लगभग ७२५ ई.पू.

    एफ्राईम हवा को अपना भोजन बनाता है; वह सारा दिन पूर्वी वायु का पीछा करता है और अपने झूठ और हिंसा को बढ़ाता रहता है. वह अश्शूर देश से संधि करता है और मिस्र देश को जैतून का तेल भेजता है.

  16. होशेआ १२:२लगभग ७२५ ई.पू.

    यहूदिया के विरुद्ध भी याहवेह का आरोप है; वह याकोब को उसके चालचलन के अनुसार दंड देंगे और उसके कार्यों के अनुरूप उसको बदला देंगे.

  17. होशेआ १२:३लगभग ७२५ ई.पू.

    जब याकोब ने अपने मां के कोख से ही अपने भाई की एड़ी जकड़ ली थी; एक मनुष्य के रूप में उसने परमेश्वर से संघर्ष किया.

  18. होशेआ १२:४लगभग ७२५ ई.पू.

    उसने स्वर्गदूत से संघर्ष किया और उस पर प्रबल हुआ; वह रोया और उससे कृपादृष्टि के लिये विनती की. बेथेल में वह परमेश्वर से मिला और वहां उसने उनसे बातें की—

  19. होशेआ १२:५लगभग ७२५ ई.पू.

    याहवेह सर्वशक्तिमान परमेश्वर, याहवेह उनका नाम है!

  20. होशेआ १२:६लगभग ७२५ ई.पू.

    पर अवश्य है कि तुम अपने परमेश्वर के पास लौटो; प्रेम और न्याय के काम में बने रहो, और हमेशा अपने परमेश्वर पर निर्भर रहो.

  21. होशेआ १२:७लगभग ७२५ ई.पू.

    व्यापारी गलत नाप का उपयोग करता है और छल करना उसको अच्छा लगता है,

  22. होशेआ १२:८लगभग ७२५ ई.पू.

    एफ्राईम घमंड करता है, “मैं बहुत धनवान हूं; मैं धनी हो गया हूं. मेरी सारी संपत्ति सहित वे मुझमें कोई अपराध या पाप नहीं पाएंगे.”

  23. होशेआ १२:९लगभग ७२५ ई.पू.

    “जब से तुम मिस्र देश से निकलकर आये, मैं याहवेह तुम्हारा परमेश्वर हूं; मैं फिर तुम्हें तंबुओं में निवास कराऊंगा, जैसे कि तुम्हारे ठहराए त्योहार के दिनों में हुआ करता था.

  24. होशेआ १२:१०लगभग ७२५ ई.पू.

    मैंने भविष्यवक्ताओं से बात किया, उन्हें कई दर्शन दिखाये और उनके माध्यम से अनेक दृष्टांत बताये.”

  25. होशेआ १२:११लगभग ७२५ ई.पू.

    क्या गिलआद दुष्ट है? इसके लोग बेकार हैं! क्या वे गिलगाल में बैलों का बलिदान करते हैं? उनकी वेदियां जोते गये खेत में पत्थरों के ढेर के समान होंगी.