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circa 1446 BC

Sinai & The Law

God meets Israel at Mount Sinai, reveals the Ten Commandments, and establishes the Tabernacle and the priestly covenant.

1,657 वचन · 2 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. लेवी ११:१लगभग १४९० ई.पू.

    याहवेह ने मोशेह और अहरोन को आदेश दिया,

  2. लेवी ११:२लगभग १४९० ई.पू.

    “इस्राएल की प्रजा को यह आदेश दो, ‘पृथ्वी पर के सारे पशुओं में से

  3. लेवी ११:३लगभग १४९० ई.पू.

    कोई भी पशु, जिसके खुर अलग हैं, जिसके खुर फटे हों और वह पागुर करता है, तुम्हारे लिए भोज्य है.

  4. लेवी ११:४लगभग १४९० ई.पू.

    “ ‘परंतु वे पशु, जो पागुर करते हैं अथवा जिनके खुर चिरे हैं, उनमें से ये पशु तुम्हारे खाने योग्य नहीं हैं: ऊंट, क्योंकि यह पागुर तो करता है, किंतु इसके खुर चिरे नहीं, यह तुम्हारे लिए अशुद्ध है;

  5. लेवी ११:५लगभग १४९० ई.पू.

    इसी प्रकार चट्टानी बिज्जू क्योंकि यद्यपि यह पागुर करता है, परंतु इसके खुर चिरे नहीं होते, यह तुम्हारे लिए अशुद्ध है;

  6. लेवी ११:६लगभग १४९० ई.पू.

    इसी प्रकार खरगोश भी, यह पागुर तो करता है, परंतु इसके खुर चिरे नहीं होते, यह तुम्हारे लिए अशुद्ध है,

  7. लेवी ११:७लगभग १४९० ई.पू.

    और सूअर क्योंकि यद्यपि इसके खुर चिरे अर्थात् इसके खुर दो भागों में तो हैं, किंतु यह पागुर नहीं करता; तब यह तुम्हारे लिए अशुद्ध है.

  8. लेवी ११:८लगभग १४९० ई.पू.

    तुम्हें न तो उनके मांस को खाना है और न ही उनके शवों का स्पर्श; वे तुम्हारे लिए अशुद्ध हैं.

  9. लेवी ११:९लगभग १४९० ई.पू.

    “ ‘तुम इन जलचरों को खा सकते हो: समुद्र अथवा नदियों के वे सारे जलचर जिनके पक्ष और शल्क हैं, तुम उनको खा सकते हो.

  10. लेवी ११:१०लगभग १४९० ई.पू.

    किंतु समुद्र और नदियों के वे जलचर, अर्थात् जल के वे जंतु, जो समूहों में रहते हैं और जल के समस्त प्राणी, जिनके न तो पंख हैं और न छिलके, वे तुम्हारे लिए घृणित हैं,

  11. लेवी ११:११लगभग १४९० ई.पू.

    और क्योंकि वे तुम्हारे लिए घृणित हैं, तुम उनके मांस को खा नहीं सकते और उनके शव तुम्हारे लिए घृणित वस्तु हों.

  12. लेवी ११:१२लगभग १४९० ई.पू.

    जल के कोई भी जीव, जिसके पक्ष और शल्क नहीं हैं, वह तुम्हारे लिए घृणित है.

  13. लेवी ११:१३लगभग १४९० ई.पू.

    “ ‘पक्षियों में से तुम्हारे लिए घृणित ये हैं; और जिनको खाना मना है; वे ये है: गरुड़, गिद्ध, काला गिद्ध,

  14. लेवी ११:१४लगभग १४९० ई.पू.

    लाल चील और काली चील और समस्त प्रकार की चीलें,

  15. लेवी ११:१५लगभग १४९० ई.पू.

    समस्त प्रकार के कौवे,

  16. लेवी ११:१६लगभग १४९० ई.पू.

    शुतुरमुर्ग, उल्लू, सागर काक और शिकारे की सभी प्रजातियां,

  17. लेवी ११:१७लगभग १४९० ई.पू.

    छोटी प्रजाति के उल्लू, जलकौए और बड़ी प्रजाति के उल्लू,

  18. लेवी ११:१८लगभग १४९० ई.पू.

    बख़ारी उल्लू, जल मुर्गी और शवभक्षी गिद्ध,

  19. लेवी ११:१९लगभग १४९० ई.पू.

    छोटा गरुड़, सभी प्रकार के बगुले, टिटिहरी और चमगादड़.

  20. लेवी ११:२०लगभग १४९० ई.पू.

    “ ‘सभी प्रकार के पंख वाले कीड़े, जो अपने चारों पैरों पर चलते हैं, तुम्हारे लिए घृणित हैं.

  21. लेवी ११:२१लगभग १४९० ई.पू.

    फिर भी वे उड़ते हुए कीड़े, जो अपने चारों पैरों पर चलते हैं, तथा जिनके पैरों के ऊपर एक मुड़ी हुई टांग होती है, जिसके बल पर वे भूमि पर कूदते हैं, उनको तुम खा सकते हो.

  22. लेवी ११:२२लगभग १४९० ई.पू.

    तुम उनमें से इनको खा सकते हो: सभी प्रकार की टिड्डियां, सभी प्रकार के पतंगे, सभी प्रकार के झींगुर और सभी प्रकार के टिड्डे.

  23. लेवी ११:२३लगभग १४९० ई.पू.

    किंतु सभी प्रकार के उड़ते हुए कीड़े, जो चार पैरों पर चलते हैं, वे तुम्हारे लिए घृणित हैं.

  24. लेवी ११:२४लगभग १४९० ई.पू.

    “ ‘इन सभी जीवों के कारण भी तुम अशुद्ध हो जाओगे; जो कोई इनके शव को छू लेगा, वह संध्या तक अशुद्ध रहेगा,

  25. लेवी ११:२५लगभग १४९० ई.पू.

    और जो कोई इनके शव को हटाता है, वह अपने वस्त्रों को धो डाले, वह शाम तक अशुद्ध रहेगा.