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circa 1446 BC
Sinai & The Law
God meets Israel at Mount Sinai, reveals the Ten Commandments, and establishes the Tabernacle and the priestly covenant.
इस काल के वचन
- लेवी १२:४लगभग १४९० ई.पू.
वह स्त्री रक्तस्राव के नियत तैंतीस दिन तक शुद्ध होने की क्रिया में रहेगी, जब तक उसके शुद्ध होने के दिन पूरे न हो जाएं, वह न तो किसी पवित्र वस्तु को छुएगी और न ही पवित्र स्थान में प्रवेश करेगी.
- लेवी १२:५लगभग १४९० ई.पू.
किंतु यदि वह पुत्री को जन्म दे, तो वह दो सप्ताह तक अशुद्ध रहेगी, जैसे वह ऋतुस्राव में होती है. वह स्त्री रक्तस्राव के नियत छियासठ दिन तक शुद्ध होने की क्रिया में रहेगी.
- लेवी १२:६लगभग १४९० ई.पू.
“ ‘जब उस स्त्री की शुद्ध होने की क्रिया पूर्ण हो जाए, चाहे वह पुत्र के लिए हो अथवा पुत्री के लिए, वह मिलनवाले तंबू के द्वार पर पुरोहित के सामने होमबलि के लिए एक वर्ष का मेमना तथा पापबलि के लिए एक कबूतर का बच्चा अथवा एक कपोत का बच्चा लेकर आए.
- लेवी १२:७लगभग १४९० ई.पू.
तब पुरोहित इसे उस स्त्री के प्रायश्चित्त पूरा करने के लिए याहवेह को भेंट करे. और वह अपने रक्तस्राव से शुद्ध हो जाएगी. “ ‘यह विधि हर एक प्रसूता के लिए है, चाहे वह पुत्र को जन्मे अथवा पुत्री को.
- लेवी १२:८लगभग १४९० ई.पू.
किंतु यदि वह स्त्री एक मेमना खरीदने में असमर्थ है, तो वह दो कपोत अथवा दो कबूतर के बच्चे लेकर आए; एक होमबलि के लिए और अन्य पापबलि के लिए. इस प्रकार पुरोहित उस स्त्री के लिए प्रायश्चित्त पूरा करे और वह स्त्री पवित्र हो जाएगी.’ ”
- लेवी १३:१लगभग १४९० ई.पू.
याहवेह ने मोशेह और अहरोन को यह आदेश दिया,
- लेवी १३:२लगभग १४९० ई.पू.
“यदि किसी व्यक्ति की त्वचा पर सूजन, चकत्ते अथवा कोई चमकीला धब्बा हो, और यदि यह उसकी त्वचा पर कोढ़ का संक्रमण बन जाए, तब उस व्यक्ति को पुरोहित अहरोन अथवा उनके किसी पुरोहित पुत्र के सामने लाया जाए.
- लेवी १३:३लगभग १४९० ई.पू.
पुरोहित उस व्यक्ति की त्वचा पर के धब्बे का निरीक्षण करेगा और यदि उस संक्रमित स्थान के रोएं सफेद हो गए हों, और संक्रमण त्वचा से गहरा ज्ञात होता हो, तो यह निश्चित ही कोढ़ का संक्रमण है. फिर जब पुरोहित उस व्यक्ति का निरीक्षण पूरा कर ले, तब उसे अशुद्ध घोषित कर दे.
- लेवी १३:४लगभग १४९० ई.पू.
यदि त्वचा पर का धब्बा सफेद तो है, किंतु संक्रमण त्वचा से गहरा मालूम नहीं होता है, और इस स्थान के रोएं भी सफेद नहीं हुए हैं, तो पुरोहित उस संक्रमित व्यक्ति को सात दिन के लिए अलग रखे.
- लेवी १३:५लगभग १४९० ई.पू.
सातवें दिन पुरोहित उस व्यक्ति का निरीक्षण करे और यदि उसे प्रतीत हो कि संक्रमण तो ज्यों का त्यों है, किंतु वह त्वचा में फैला नहीं है, तो पुरोहित उस व्यक्ति को और सात दिन के लिए अलग रखे.
- लेवी १३:६लगभग १४९० ई.पू.
सातवें दिन पुरोहित दोबारा उस व्यक्ति का निरीक्षण करे; यदि संक्रमित स्थान का सुधार होने के कारण उसका रंग हल्का हो गया है, और वह त्वचा पर नहीं फैला है; तो पुरोहित उसे शुद्ध घोषित कर दे; यह एक चकत्ते मात्र है. वह व्यक्ति अपने वस्त्र धो ले और शुद्ध हो जाए.
- लेवी १३:७लगभग १४९० ई.पू.
किंतु यदि पुरोहित के सामने शुद्ध प्रमाणित होने के बाद वह धब्बा त्वचा पर फैलने लगे, तो वह व्यक्ति स्वयं को दोबारा पुरोहित के सामने प्रस्तुत करे.
- लेवी १३:८लगभग १४९० ई.पू.
पुरोहित इसका निरीक्षण करे और यदि उसे यह जान पड़े कि त्वचा पर धब्बा फैल रहा है, तो पुरोहित उस व्यक्ति को अशुद्ध घोषित कर दे; यह कोढ़ का रोग है.
- लेवी १३:९लगभग १४९० ई.पू.
“यदि कोढ़ का संक्रमण किसी पुरुष पर है, तो उसे पुरोहित के सामने लाया जाए.
- लेवी १३:१०लगभग १४९० ई.पू.
पुरोहित उसका निरीक्षण करे. यदि उसकी त्वचा में सफेद रंग की सूजन है और उसके उस स्थान के रोएं भी सफेद हो गए हैं तथा सूजन में खुला घाव है,
- लेवी १३:११लगभग १४९० ई.पू.
तो यह उस व्यक्ति की त्वचा पर पुराना कोढ़ का रोग है, पुरोहित उस व्यक्ति को अशुद्ध घोषित कर दे, किंतु वह उस व्यक्ति को इसलिये दूसरे लोगों से अलग न करे, कि वह अशुद्ध है.
- लेवी १३:१२लगभग १४९० ई.पू.
“यदि कोढ़ त्वचा में और अधिक फूट जाए और कोढ़ उस व्यक्ति के सिर से लेकर पांव तक पूरी देह में फैल जाए, जहां तक पुरोहित इसको देख सके,
- लेवी १३:१३लगभग १४९० ई.पू.
जब पुरोहित इसको बारीकी से देख ले कि कोढ़ उस व्यक्ति के पूरे शरीर में फैल गया है, तो वह उस व्यक्ति को इस रोग से शुद्ध घोषित कर दे; क्योंकि यह पूरी तरह से सफेद रंग का हो गया है, इसलिये वह व्यक्ति शुद्ध होगा.
- लेवी १३:१४लगभग १४९० ई.पू.
किंतु यदि उसे त्वचा पर घाव दिखाई दें, तो वह व्यक्ति अशुद्ध होगा.
- लेवी १३:१५लगभग १४९० ई.पू.
पुरोहित त्वचा के उस घाव को ध्यान से देखे और उस व्यक्ति को अशुद्ध घोषित कर दे; बिना चमड़ी का मांस अशुद्ध है और यह कोढ़ का रोग है.
- लेवी १३:१६लगभग १४९० ई.पू.
किंतु यदि त्वचा का घाव दोबारा सफेद रंग का हो जाए, तो वह व्यक्ति पुरोहित के सामने आए,
- लेवी १३:१७लगभग १४९० ई.पू.
पुरोहित इसको ध्यान से देखे और यदि वह धब्बा सफेद रंग का हो गया है, तो पुरोहित उस संक्रमित व्यक्ति को शुद्ध घोषित कर दे; वह शुद्ध है.
- लेवी १३:१८लगभग १४९० ई.पू.
“जब किसी व्यक्ति की त्वचा पर फोड़ा हो गया है और वह फोड़ा स्वस्थ हो जाए,
- लेवी १३:१९लगभग १४९० ई.पू.
तथा उस फोड़े के स्थान पर सफेद अथवा लालिमा युक्त सफेद रंग की सूजन हो जाए, तब पुरोहित को इसको दिखवाया जाए;
- लेवी १३:२०लगभग १४९० ई.पू.
पुरोहित इसको ध्यान से देखे; यदि उसे यह लगे कि यह त्वचा में फैल रहा है और इसके रोएं भी सफेद हो गए हैं, तब पुरोहित उस व्यक्ति को अशुद्ध घोषित कर दे; यह कोढ़ का संक्रमण है, जिसकी शुरुआत फोड़े से हुई है.