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Hur

12 वचन · 25 परिवार के सदस्य

Hur का उल्लेख करने वाले वचन

  1. यहोशू ने वैसा ही किया और वे अमालेकियों से लड़ने गए उस समय मोशेह, अहरोन तथा हूर पहाड़ी के ऊपर पहुंच गए.

  2. जब मोशेह के हाथ थक गये तब उन्होंने एक पत्थर लाकर वहां रखा और मोशेह उस पर बैठ गए और अहरोन और हूर ने उनके दोनों हाथों को ऊपर उठाए रखा. शाम तक मोशेह का हाथ ऊपर रहा.

  3. किंतु मोशेह ने अगुओं से कहा, “तुम लोग हमारे वापस आने तक यहीं रहना. अहरोन तथा हूर यहां तुम्हारे साथ हैं. यदि कोई विवाद हो तो उनको बताना.”

  4. “सुनो, मैंने यहूदाह गोत्र के हूर के पौत्र, उरी के पुत्र बसलेल को नाम लेकर बुलाया है.

  5. तब मोशेह ने इस्राएलियों से कहा, “सुनो, याहवेह ने यहूदाह गोत्र से हूर के पौत्र उरी के पुत्र बसलेल को चुना है,

  6. जिन वस्तुओं को बनाने की आज्ञा याहवेह द्वारा मोशेह को दी गई थी, वह यहूदाह गोत्र के बसलेल ने बना दी—बसलेल उरी के पुत्र, हूर के पोते थे.

  7. जब अत्सूबा की मृत्यु हुई, कालेब ने एफ़राथा से विवाह कर लिया, जिसने हूर को जन्म दिया.

  8. हूर उरी का पिता हुआ और उरी बसलेल का.

  9. ये सभी कालेब के वंश के थे. एफ़राथाह के पहलौठे हूर के पुत्र: किरयथ-यआरीम का पिता शोबल,

  10. यहूदाह के पुत्र: पेरेज़, हेज़रोन, कारमी, हूर और शोबल.

  11. पेनुएल गेदोर का पिता हुआ और एज़र हुशाह का. बेथलेहेम के पिता, एफ़राथा के पहलौठे हूर के पुत्र ये थे

  12. इस समय वह कांसे की वेदी, जिसको उरी के पुत्र, हूर के पोते बसलेल ने बनाया था, याहवेह के मिलनवाले तंबू के सामने ही थी. शलोमोन और सभा ने इससे याहवेह की इच्छा मालूम की.