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circa 2100–1900 BC

Abraham: The Covenant

God calls Abram from Ur, establishes an everlasting covenant, and promises a son through whom all nations will be blessed.

394 वचन · 1 पुस्तक शामिल

  1. उत्पत्ति २४:५८लगभग १८५७ ई.पू.

    तब उन्होंने रेबेकाह को बुलाकर उससे पूछा, “क्या तुम इस व्यक्ति के साथ जाओगी?” उसने कहा, “हां, मैं जाऊंगी.”

  2. उत्पत्ति २४:५९लगभग १८५७ ई.पू.

    इसलिये उन्होंने अपनी बहन रेबेकाह को उसकी परिचारिका और अब्राहाम के सेवक और उसके लोगों के साथ विदा किया.

  3. उत्पत्ति २४:६०लगभग १८५७ ई.पू.

    और उन्होंने रेबेकाह को आशीर्वाद देते हुए कहा, “हे हमारी बहन, तुम्हारा वंश हजारों हजार की संख्या में बढ़े; तुम्हारा वंश अपने शत्रुओं के नगर पर अधिकार करने पाये.”

  4. उत्पत्ति २४:६१लगभग १८५७ ई.पू.

    तब रेबेकाह और उसकी परिचारिकाएं तैयार हुईं और ऊंटों पर चढ़कर उस व्यक्ति के साथ गईं और वह सेवक रेबेकाह को लेकर रवाना हो गया.

  5. उत्पत्ति २४:६२लगभग १८५७ ई.पू.

    यित्सहाक बएर-लहाई-रोई से आकर अब नेगेव में निवास कर रहे थे.

  6. उत्पत्ति २४:६३लगभग १८५७ ई.पू.

    एक शाम जब वे चिंतन करने मैदान में गये थे, तब उन्होंने ऊंटों को आते हुए देखा.

  7. उत्पत्ति २४:६४लगभग १८५७ ई.पू.

    रेबेकाह ने भी आंख उठाकर यित्सहाक को देखा और वह अपने ऊंट पर से नीचे उतरी

  8. उत्पत्ति २४:६५लगभग १८५७ ई.पू.

    और सेवक से पूछा, “मैदान में वह कौन व्यक्ति है, जो हमसे मिलने आ रहे हैं?” सेवक ने उत्तर दिया, “वे मेरे स्वामी हैं.” यह सुनकर रेबेकाह ने अपना घूंघट लिया और अपने आपको ढांप लिया.

  9. उत्पत्ति २४:६६लगभग १८५७ ई.पू.

    तब सेवक ने यित्सहाक को वे सब बातें बताई, जो उसने किया था.

  10. उत्पत्ति २४:६७लगभग १८५७ ई.पू.

    तब यित्सहाक रेबेकाह को अपनी मां साराह के तंबू में ले आया, और उसने रेबेकाह से शादी की. वह उसकी पत्नी हो गई, और उसने उससे प्रेम किया; इस प्रकार यित्सहाक को उसकी माता की मृत्यु के बाद सांत्वना मिली.

  11. उत्पत्ति २५:१लगभग १८५३ ई.पू.

    अब्राहाम ने केतुराह नामक एक और स्त्री से विवाह कर लिया था.

  12. उत्पत्ति २५:२लगभग १८५२ ई.पू.

    उससे अब्राहाम के जो पुत्र हुए, उनका नाम था ज़िमरान, योकशान, मेदान, मिदियान, इशबक और शुआह.

  13. उत्पत्ति २५:३लगभग १८२४ ई.पू.

    योकशान शीबा तथा देदान के पिता थे. देदान के वंश में असशुरिम, लेतुशिम तथा लेउम्मिम लोगों का जन्म हुआ.

  14. उत्पत्ति २५:४लगभग १८०४ ई.पू.

    मिदियान के पुत्र: एफाह, एफ़र, हनोख, अविदा तथा एलदाह थे. ये सब केतुराह से पैदा हुए थे.

  15. उत्पत्ति २५:५लगभग १८२९ ई.पू.

    अब्राहाम ने अपनी पूरी संपत्ति यित्सहाक को सौंप दी थी.

  16. उत्पत्ति २५:६लगभग १८२९ ई.पू.

    किंतु अब्राहाम ने अपनी रखैलों की संतानों को अपने जीवनकाल में ही उपहार देकर उन्हें अपने पुत्र यित्सहाक से दूर पूर्व के देश में भेज दिया था.

  17. उत्पत्ति २५:७लगभग १८२१ ई.पू.

    अब्राहाम की उम्र एक सौ पचहत्तर साल की थी.

  18. उत्पत्ति २५:८लगभग १८२१ ई.पू.

    तब अब्राहाम ने अपनी पूरी वृद्धावस्था में आखिरी सांस ली, एक वृद्ध व्यक्ति के रूप में उनकी पूरी आयु में मृत्यु हुई; और वे अपने लोगों में जा मिले.

  19. उत्पत्ति २५:९लगभग १८२१ ई.पू.

    उनके पुत्र यित्सहाक और इशमाएल ने उन्हें ममरे के पास माखपेलाह के गुफा में मिट्टी दी, जो हित्ती ज़ोहार के पुत्र एफ्रोन के खेत में थी,

  20. उत्पत्ति २५:१०लगभग १८२१ ई.पू.

    यह वही खेत था, जिसे अब्राहाम ने हित्तियों से खरीदा था. वहां उनकी पत्नी साराह के पास अब्राहाम दफनाया गया.

  21. उत्पत्ति २५:११लगभग १८२१ ई.पू.

    अब्राहाम की मृत्यु के बाद, परमेश्वर ने उनके पुत्र यित्सहाक को आशीष दी, जो उस समय बएर-लहाई-रोई में रहता था.

  22. उत्पत्ति २५:१२लगभग १८२१ ई.पू.

    अब्राहाम के पुत्र इशमाएल, जो साराह के मिस्र की दासी हागार से पैदा हुआ था, उसकी वंशावली इस प्रकार है.

  23. उत्पत्ति २५:१३लगभग १८२१ ई.पू.

    जन्म के अनुसार इशमाएल के बेटों का नाम इस प्रकार है: इशमाएल का बड़ा बेटा नेबाइयोथ, फिर केदार, अदबील, मिबसाम,

  24. उत्पत्ति २५:१४लगभग १८२१ ई.पू.

    मिशमा, दूमाह, मास्सा,

  25. उत्पत्ति २५:१५लगभग १८२१ ई.पू.

    हदद, तेमा, येतुर, नाफिश और केदेमाह.