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circa 1446–1406 BC
The Wilderness Years
Forty years of wandering in the desert test Israel's faith and prepare a new generation to enter the promised land.
इस काल के वचन
- गणना १३:५लगभग १४९० ई.पू.
शिमओन के गोत्र से होरी का पुत्र शाफात;
- गणना १३:६लगभग १४९० ई.पू.
यहूदिया के गोत्र से येफुन्नेह का पुत्र कालेब;
- गणना १३:७लगभग १४९० ई.पू.
इस्साखार के गोत्र से योसेफ़ का पुत्र यिगाल;
- गणना १३:८लगभग १४९० ई.पू.
एफ्राईम के गोत्र से नून का पुत्र होशिया;
- गणना १३:९लगभग १४९० ई.पू.
बिन्यामिन के गोत्र से राफू का पुत्र पालती;
- गणना १३:१०लगभग १४९० ई.पू.
ज़ेबुलून के गोत्र से सोदी का पुत्र गद्दिएल;
- गणना १३:११लगभग १४९० ई.पू.
योसेफ़ के गोत्र से अर्थात् मनश्शेह के गोत्र से सुसी का पुत्र गद्दी;
- गणना १३:१२लगभग १४९० ई.पू.
दान के गोत्र से गमेली का पुत्र अम्मिएल;
- गणना १३:१३लगभग १४९० ई.पू.
आशेर के गोत्र से मिखाएल का पुत्र सेथुर;
- गणना १३:१४लगभग १४९० ई.पू.
नफताली के गोत्र से वोफसी का पुत्र नाहबी;
- गणना १३:१५लगभग १४९० ई.पू.
तथा गाद के गोत्र से माखी का पुत्र गेउएल.
- गणना १३:१६लगभग १४९० ई.पू.
ये नाम उन व्यक्तियों के हैं, जिन्हें मोशेह ने उस देश का भेद लेने के उद्देश्य से भेजा था. (मोशेह नून के पुत्र होशिया को यहोशू बुलाते थे.)
- गणना १३:१७लगभग १४९० ई.पू.
कनान देश में भेद लेने के उद्देश्य से भेजते हुए मोशेह ने उन्हें यह आज्ञा दी, “तुम उस नेगेव प्रदेश में जाओ; उसके बाद पर्वतीय प्रदेश में जाना.
- गणना १३:१८लगभग १४९० ई.पू.
देखना कि वह देश किस प्रकार का है, वहां के निवासी बलवान हैं या कमजोर, संख्या में कम हैं या बहुत.
- गणना १३:१९लगभग १४९० ई.पू.
वह देश, जहां लोग निवास करते हैं, कैसा है वह देश, अच्छा या बुरा? कैसे हैं वे नगर, जहां वे निवास करते हैं, क्या ये नगर खुले में हैं अथवा वे क़िले में बसे हैं?
- गणना १३:२०लगभग १४९० ई.पू.
वहां की भूमि कैसी है, उपजाऊ या बंजर? वहां वृक्ष हैं या नहीं? इसके बाद तुम उस देश के कुछ फल साथ ले आने की कोशिश करना.” (यह अंगूरों की पहली पकी फसल का समय है.)
- गणना १३:२१लगभग १४९० ई.पू.
तब वे चले गए. उन्होंने ज़िन के निर्जन प्रदेश से लेकर लबो-हामाथ के रेहोब तक उस प्रदेश का भेद लिया.
- गणना १३:२२लगभग १४९० ई.पू.
उन लोगों ने जब नेगेव में प्रवेश किया, वे हेब्रोन पहुंच गए, जहां अनाक के घराने के अहीमान, शेशाइ तथा तालमाई निवास करते थे. (हेब्रोन नगर मिस्र देश के ज़ोअन के सात वर्ष पहले बन चुका था.)
- गणना १३:२३लगभग १४९० ई.पू.
इसके बाद वे एशकोल घाटी में जा पहुंचे. वहां उन्होंने एक डाली काट ली, जिसमें अंगूरों का एक ही गुच्छा था. इसे उन्होंने एक लाठी पर लादा और दो व्यक्तियों ने उसको उठा लिया. इसके अलावा वे कुछ अनार एवं अंजीर भी ले आए.
- गणना १३:२४लगभग १४९० ई.पू.
वह स्थान एशकोल घाटी के नाम से मशहूर हो गया, क्योंकि इस्राएल के घराने वहां से वह अंगूर का गुच्छा साथ ले गए थे.
- गणना १३:२५लगभग १४९० ई.पू.
चालीस दिन के बाद वे उस देश का भेद लेकर लौटे.
- गणना १३:२६लगभग १४९० ई.पू.
वे पारान के निर्जन प्रदेश के कादेश में मोशेह, अहरोन तथा इस्राएल के घराने की सारी सभा के सामने उपस्थित हुए. उन्होंने उस देश के फल उनके सामने दिखाते हुए सारी सभा के सामने अपना संदेश रख दिया.
- गणना १३:२७लगभग १४९० ई.पू.
अपने संदेश में उन्होंने यह कहा: “आपके द्वारा बताए गए देश में हम गए थे. इसमें कोई संदेह नहीं कि इस देश में दूध एवं मधु का भण्ड़ार है. हम वहां से ये फल भी लाए हैं.
- गणना १३:२८लगभग १४९० ई.पू.
किंतु, उस देश के निवासी बलवान हैं, नगर किले में बसे हैं, तथा आकार में बहुत बड़े हैं. इसके अलावा हमने वहां अनाक के घराने के लोग भी देखे हैं.
- गणना १३:२९लगभग १४९० ई.पू.
वहां नेगेव में तो अमालेक का निवास है, तथा पर्वतीय क्षेत्र में हित्ती, यबूसी तथा अमोरियों का; समुद्र के पास वाले क्षेत्र में तथा यरदन के इस ओर कनानी निवास करते हैं.”