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circa 930–586 BC

The Divided Kingdom

The kingdom splits into Israel and Judah; prophets warn of judgment as both nations slowly drift into idolatry and exile.

1,722 वचन · 3 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. 2 इतिहास ११:६लगभग ९७५ ई.पू.

    वे ये थे: बेथलेहेम, एथाम, तकोआ,

  2. 2 इतिहास ११:७लगभग ९७५ ई.पू.

    बेथ-त्सूर, सोकोह, अदुल्लाम,

  3. 2 इतिहास ११:८लगभग ९७५ ई.पू.

    गाथ, मारेशाह, ज़ीफ़,

  4. 2 इतिहास ११:९लगभग ९७५ ई.पू.

    अदोराईम, लाकीश, अज़ेका,

  5. 2 इतिहास ११:१०लगभग ९७५ ई.पू.

    ज़ोराह, अय्जालोन और हेब्रोन. ये सभी यहूदिया और बिन्यामिन प्रदेश के गढ़नगर थे.

  6. 2 इतिहास ११:११लगभग ९७५ ई.पू.

    उसने गढ़ों को मजबूत बनाया, उनमें अधिकारी ठहराए और इनमें भोजन सामग्री, तेल और अंगूर के रस के भंडार रखवा दिए.

  7. 2 इतिहास ११:१२लगभग ९७५ ई.पू.

    उसने हर एक नगर में ढालें और बर्छियां रख दीं और इन नगरों को बहुत ही मजबूत सुरक्षा के नगर बना दिए. इस प्रकार यहूदिया और बिन्यामिन प्रदेश ही उसके अधिकार में रह गए.

  8. 2 इतिहास ११:१३लगभग ९७४ ई.पू.

    पूरे इस्राएल के पुरोहित और लेवी वंशज रिहोबोयाम से सहमत थे और वे उसके साथ हो गए.

  9. 2 इतिहास ११:१४लगभग ९७४ ई.पू.

    यरोबोअम और उसके पुत्रों द्वारा याहवेह के लिए लेवियों की पौरोहितिक सेवा पर रोक लगाने के कारण वे अपनी चरागाह और संपत्ति को त्याग कर यहूदिया और येरूशलेम आ गए.

  10. 2 इतिहास ११:१५लगभग ९७४ ई.पू.

    यरोबोअम ने पूजा स्थलों पर बकरे देवता और बछड़े देवताओं की मूर्तियां प्रतिष्ठित कर दीं और इनके लिए खुद अपने ही चुने हुए व्यक्तियों को पुरोहित बना दिया.

  11. 2 इतिहास ११:१६लगभग ९७४ ई.पू.

    इस्राएल के सारे गोत्रों में से वे लोग, जो हृदय से इस्राएल के परमेश्वर याहवेह के खोजी थे, इन पुरोहितों और लेवियों का अनुसरण करते हुए अपने पूर्वजों के याहवेह परमेश्वर के लिए बलि चढ़ाने येरूशलेम चले जाते थे.

  12. 2 इतिहास ११:१७लगभग ९७५ ई.पू.

    ये लोग तीन साल तक शलोमोन के पुत्र रिहोबोयाम का समर्थन करने के द्वारा यहूदिया राज्य को मजबूत बना रहे थे, क्योंकि वे दावीद और शलोमोन की नीतियों का पालन तीन साल तक करते रहे.

  13. 2 इतिहास ११:१८लगभग ९७५ ई.पू.

    रिहोबोयाम ने दावीद की पोती, येरीमोथ की पुत्री माहलाथ से विवाह कर लिया. येरीमोथ की माता का नाम अबीहाइल था, वह यिशै के पुत्र एलियाब की पुत्री थी.

  14. 2 इतिहास ११:१९लगभग ९७५ ई.पू.

    माहलाथ से उत्पन्‍न रिहोबाम के पुत्रों के नाम ये: है येऊश, शेमारियाह और त्सेहाम.

  15. 2 इतिहास ११:२०लगभग ९७५ ई.पू.

    इसके बाद उसने अबशालोम की पुत्री माकाह से विवाह किया, जिससे पैदा उसके पुत्रों के नाम है अबीयाह, अत्तई, ज़िज़ा और शेलोमीथ.

  16. 2 इतिहास ११:२१लगभग ९७५ ई.पू.

    रिहोबोयाम को अबशालोम की पुत्री माकाह बहुत प्रिय थी-अपनी दूसरी पत्नियों और उपपत्नियों से अधिक. उसकी अठारह पत्नियां और साठ उपपत्नियां थी. इनसे उसके अट्ठाईस पुत्र और साठ पुत्रियां पैदा हुई.

  17. 2 इतिहास ११:२२लगभग ९७५ ई.पू.

    रिहोबोयाम ने माकाह के पुत्र अबीयाह को उसके भाइयों के ऊपर प्रधान और उनका अगुआ बनाया; क्योंकि उसकी इच्छा थी कि वह उसे राजा बनाए.

  18. 2 इतिहास ११:२३लगभग ९७५ ई.पू.

    बड़ी ही बुद्धिमानी से उसने अपने कुछ पुत्रों को यहूदिया और बिन्यामिन राज्य की सीमा में सारे गढ़ नगरों में अलग-अलग ज़िम्मेदारियां सौंप दीं और उनके लिए बहुत मात्रा में भोजन की व्यवस्था भी कर दी. इसके अलावा उसने इन सबके लिए अनेक पत्नियों का प्रबंध भी कर दिया.

  19. 2 इतिहास १२:१लगभग ९७२ ई.पू.

    जब रिहोबोयाम का शासन मजबूत और स्थिर हो गया, उसने और उसके साथ सारे इस्राएल ने याहवेह की व्यवस्था को छोड़ दिया.

  20. 2 इतिहास १२:२लगभग ९७० ई.पू.

    याहवेह से उनके विश्वासघात के कारण, रिहोबोयाम के शासनकाल के पांचवें साल में मिस्र के राजा शिशाक ने बारह सौ रथों और साठ हजार घुड़सवारों को लेकर येरूशलेम पर हमला किया. उसके साथ आए लिबिया के, सुक्किईम के और कूश देशवासी मिस्री सैनिक अनगिनत थे.

  21. 2 इतिहास १२:३लगभग ९७० ई.पू.

    With twelve hundred chariots, and threescore thousand horsemen: and the people were without number that came with him out of Egypt; the Lubims, the Sukkiims, and the Ethiopians.

  22. 2 इतिहास १२:४लगभग ९७० ई.पू.

    शिशाक ने यहूदिया के गढ़ नगरों को अपने अधीन कर लिया और वह येरूशलेम आ पहुंचा.

  23. 2 इतिहास १२:५लगभग ९७० ई.पू.

    तब भविष्यद्वक्ता शेमायाह रिहोबोयाम और यहूदिया के राजाओं के पास आए, जो इस समय शिशाक के हमले के कारण येरूशलेम में ही इकट्ठा थे. भविष्यद्वक्ता शेमायाह ने उनसे कहा, “यह याहवेह का संदेश है ‘तुमने मुझे छोड़ दिया है इसलिये मैंने भी तुम्हें छोड़कर शिशाक के हाथों में सौंप दिया है.’ ”

  24. 2 इतिहास १२:६लगभग ९७० ई.पू.

    यह सुन इस्राएल के शासकों और राजा ने खुद को नम्र बनाते हुए यह स्वीकार किया, “महान हैं याहवेह.”

  25. 2 इतिहास १२:७लगभग ९७० ई.पू.

    जब याहवेह ने देखा कि वे सब नम्र हो गए हैं, शेमायाह को याहवेह का यह संदेश मिला: “उन्होंने अपने आपको नम्र बना लिया है, इसलिये अब मैं उन्हें नाश होने न दूंगा; मैं उन्हें एक हद्द तक छुड़ौती दूंगा. अब शिशाक द्वारा मेरा क्रोध येरूशलेम पर उंडेला न जाएगा.