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Jeroboam

81 वचन · 4 परिवार के सदस्य

Jeroboam का उल्लेख करने वाले वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. ज़ेरेदाह नगर से एक एफ्राईमवासी, नेबाथ के पुत्र यरोबोअम ने भी, जो शलोमोन का ही सेवक था, जिसकी माता का नाम ज़ेरुआह था, जो विधवा थी, राजा के विरुद्ध सिर उठाया.

  2. राजा ने ध्यान दिया कि यरोबोअम शक्तिशाली जवान था, और राजा ने यह भी देखा कि वह मेहनती है, तो राजा ने उसे योसेफ़वंशी दासों का मुखिया बना दिया.

  3. जब यरोबोअम येरूशलेम से बाहर गया तो मार्ग में शीलो वासी भविष्यद्वक्ता अहीयाह से उसकी भेंट हो गई. अहीयाह ने नए कपड़े पहने हुए था. सिर्फ ये दोनों इस समय मैदान में खड़े हुए थे.

  4. यरोबोअम से उन्होंने कहा, “अपने लिए इनमें से दस भाग उठा लो, क्योंकि याहवेह, इस्राएल के परमेश्वर ने यह कहा है, ‘यह देख लेना कि मैं शलोमोन के हाथ से छीनकर तुम्हें दस गोत्रों का अधिकार दे दूंगा,

  5. यह सुन शलोमोन ने यरोबोअम की हत्या करने की कोशिश की, मगर यरोबोअम मिस्र के राजा शिशाक की शरण में चला गया और शलोमोन की मृत्यु तक वहीं रहा.

  6. जब नेबाथ के पुत्र यरोबोअम ने यह सुना, जो इस समय मिस्र देश में ही रह रहा था—वह राजा शलोमोन से भागकर यहीं ठहरा हुआ था—

  7. लोगों ने संदेश भेजकर उसे बुलवा लिया. तब यरोबोअम और सारी इस्राएली सभा अपनी बात रखने रिहोबोयाम के पास गई. उन्होंने रिहोबोयाम से कहा,

  8. जब यरोबोअम और सारी भीड़ तीन दिन बाद रिहोबोयाम के सामने आया, जैसा राजा द्वारा बताया गया था, “मेरे पास तीन दिन के बाद आना.”

  9. राजा ने लोगों की एक न सुनी क्योंकि यह सारी बातें याहवेह द्वारा तय की जा चुकी थी, कि वह अपनी कही हुई बात पूरी करे, जो उन्होंने नेबाथ के पुत्र यरोबोअम से शीलो के भविष्यद्वक्ता अहीयाह द्वारा की थी.

  10. जब सारे इस्राएल देश में यह मालूम चल गया कि यरोबोअम लौट आया है, उन्होंने उसे सभा में आमंत्रित किया और उसका सारे इस्राएल के राजा के रूप में राजाभिषेक कर दिया. सिर्फ यहूदाह गोत्र दावीद वंश के साथ रहा.

  11. यरोबोअम ने एफ्राईम के पहाड़ी इलाके में शेकेम नामक नगर को बसाया और वहीं रहने लगा. कुछ समय बाद उसे छोड़ उसने पनीएल नामक स्थान को मजबूत किया.

  12. यरोबोअम ने विचार किया, “अब तो राज्य दावीद वंश के पास लौट जाएगा.

  13. तब यरोबोअम ने आठवें महीने के पन्द्रहवें दिन एक पर्व घोषित कर दिया. यह वैसा ही पर्व था, जो यहूदिया में मनाया जाता था. उसने बेथेल में वेदी पर उन बछड़ों के लिए, जो स्वयं उसने गढ़ी थी, बलियां चढ़ाईं. उसने बेथेल में उन पूजा की जगहों पर पुरोहित चुन लिए, जिन पूजा घरों को खुद उसी ने बनवाया था.

  14. जहां यरोबोअम धूप जलाने के लिए वेदी के पास खड़ा था, वहां ऐसा हुआ कि याहवेह के आदेश पर परमेश्वर का एक दूत यहूदिया से बेथेल आया.

  15. जब राजा ने परमेश्वर के दूत के ये शब्द सुने, जो उसने बेथेल में बनी वेदी के बारे में कहे थे, वेदी के पास खड़े यरोबोअम ने हाथ बढ़ाते हुए यह कहा: “पकड़ लो उसे!” परमेश्वर के दूत की ओर बढ़ाया हुआ उसका हाथ सूख चुका था, वह उसे दोबारा अपनी ओर खींच न सका.

  16. यह सब होने पर भी यरोबोअम अपने गलत कामों से न फिरा. उसने पूजा की जगहों के लिए अपनी सारी प्रजा में से पुरोहित चुने. जो कोई भी पुरोहित का पद चाहता था, वह उसे पूजा की जगहों के पुरोहित होने के लिए अभिषिक्त कर देता था.

  17. यह नीति यरोबोअम के परिवार के लिए पाप हो गई, यही यरोबोअम के वंश का पृथ्वी पर से विनाश का कारण हो गया.

  18. उसी समय यरोबोअम का पुत्र अबीयाह बीमार हो गया.

  19. यरोबोअम ने अपनी पत्नी से कहा, “ऐसा भेष बदलो, कि कोई भी तुम्हें पहचान न सके, कि तुम यरोबोअम की पत्नी हो. और तुम शीलो को चली जाओ, जहां भविष्यद्वक्ता अहीयाह रहते हैं. यह वही भविष्यद्वक्ता हैं, जिन्होंने मेरे विषय में यह भविष्यवाणी की थी, मैं ही इस प्रजा का राजा बन जाऊंगा.

  20. यरोबोअम की पत्नी ने ऐसा ही किया. वह तैयार हो शीलो नगर में अहीयाह के घर पर जा पहुंची. बूढ़ा होने के कारण अहीयाह की नज़रें धुंधली पड़ चुकी थी, और वह देख नहीं सकता था.

  21. मगर याहवेह ने अहीयाह को पूर्वसूचित किया, “यरोबोअम की पत्नी तुमसे अपने पुत्र की स्थिति के विषय में पूछताछ करने आ रही है. यह बालक अस्वस्थ है. तुम उसे ऐसा और ऐसा जवाब देना है.” जब वह भविष्यद्वक्ता के निकट पहुंची, उसने अन्य स्त्री होने का बहाना किया.

  22. अहीयाह उसके पदचाप सुन रहे थे. जैसे ही वह द्वार पर पहुंची, अहीयाह ने पुकारते हुए कहा, “श्रीमती यरोबोअम, भीतर आ जाइए. क्या लाभ है आपके वेष बदलने का? मुझे आपको अप्रिय समाचार देने का दायित्व सौंपा गया है.

  23. जाकर यरोबोअम को सूचित कर दीजिए, ‘याहवेह, इस्राएल के परमेश्वर का यह संदेश है, मैंने सारी प्रजा में से तुम्हें चुनकर उन्‍नत किया, तुम्हें अपनी प्रजा का प्रधान नियुक्त किया.

  24. “ ‘इसलिये मैं यरोबोअम के परिवार पर मुसीबत ड़ाल दूंगा. मैं यरोबोअम के वंश से हर एक पुरुष को नाश कर दूंगा, चाहे वह इस्राएल में बंधुआ हो या स्वतंत्र. मैं यरोबोअम के परिवार को उसी प्रकार भस्म कर दूंगा जिस प्रकार कोई गोबर को पूरी तरह भस्म कर फेंक देता है.

  25. यदि यरोबोअम के किसी भी संबंधी की मृत्यु नगर के भीतर होती है, तो उसका शव कुत्ते खा जाएंगे; यदि किसी की मृत्यु खुले मैदान में होती है, तो वह आकाश के पक्षियों का आहार हो जाएगा; यह याहवेह का संदेश है!’