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circa 1010–970 BC

The Reign of David

David unites the tribes, conquers Jerusalem, and establishes Israel's golden age—even through deep personal failure.

1,230 वचन · 2 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. 2 शमुएल २३:२०लगभग १०५५ ई.पू.

    कबज़ीएल के एक वीर के पोते, यहोयादा के पुत्र, बेनाइयाह ने बड़े-बड़े काम किए थे, उसने मोआब के अरीएल के दो पुत्रों को मार गिराया. उसने ही उस दिन, जब बर्फ गिर रही थी, जाकर एक गड्ढे में बैठे सिंह का वध किया था.

  2. 2 शमुएल २३:२१लगभग १०५५ ई.पू.

    उसने एक बड़ा सा मिस्री का भी वध किया. उस मिस्री के हाथ में भाला अवश्य था मगर बेनाइयाह ने जाकर अपनी छड़ी से उसके भाले को उससे छीन लिया और उस मिस्र का वध उसी के भाले के कर दिया.

  3. 2 शमुएल २३:२२लगभग १०५५ ई.पू.

    यहोयादा के पुत्र बेनाइयाह ने ये सारे काम किए, और उन तीन वीरों के समान प्रतिष्ठा प्राप्‍त की.

  4. 2 शमुएल २३:२३लगभग १०५५ ई.पू.

    वह उन तीसों में ही प्रख्यात हुआ, मगर उन तीन के तुल्य नहीं. दावीद ने उसे अपने अंगरक्षक का अधिकारी नियुक्त कर दिया.

  5. 2 शमुएल २३:२४लगभग १०५५ ई.पू.

    तीस योद्धाओं के समूह में अन्य व्यक्ति ये थे: योआब का भाई आसाहेल, बेथलेहेम के दोदो का पुत्र एलहानन,

  6. 2 शमुएल २३:२५लगभग १०५५ ई.पू.

    हेरोदी शम्माह, हेरोदी एलीका,

  7. 2 शमुएल २३:२६लगभग १०५५ ई.पू.

    पेलेथी हेलेस, तकोआ निवासी इक्‍केश का पुत्र ईरा,

  8. 2 शमुएल २३:२७लगभग १०५५ ई.पू.

    अनाथोथी अबीएज़ेर, हुशाथी मबुन्‍ने,

  9. 2 शमुएल २३:२८लगभग १०५५ ई.पू.

    अहोही सलमोन, नेतोफ़ाही माहाराई,

  10. 2 शमुएल २३:२९लगभग १०५५ ई.पू.

    नेतोफ़ाही के बाअनाह का पुत्र हेलेब, गिबियाह के बिन्यामिन परिवार समूह रिबाई का पुत्र इथाई,

  11. 2 शमुएल २३:३०लगभग १०५५ ई.पू.

    पिराथोनी बेनाइयाह, गाश के नालों का हिद्दै,

  12. 2 शमुएल २३:३१लगभग १०५५ ई.पू.

    अरबाथवासी अबीअल्बोन, बहूरीमी अज़मावेथ,

  13. 2 शमुएल २३:३२लगभग १०५५ ई.पू.

    शालबोनी एलीअहाब, याशेन के पुत्र; योनातन

  14. 2 शमुएल २३:३३लगभग १०५५ ई.पू.

    हरारी शम्माह का पुत्र, अरारी शारार का अहीयम,

  15. 2 शमुएल २३:३४लगभग १०५५ ई.पू.

    माकाहथि का अहसबै का पुत्र एलिफेलेत, गीलोई अहीतोफ़ेल का पुत्र एलियाम,

  16. 2 शमुएल २३:३५लगभग १०५५ ई.पू.

    कर्मेली हेस्रो, अराबी पारै,

  17. 2 शमुएल २३:३६लगभग १०५५ ई.पू.

    ज़ोबाह के नाथान का पुत्र यिगाल; गादी बानी;

  18. 2 शमुएल २३:३७लगभग १०५५ ई.पू.

    अम्मोनवासी सेलेक, बीरोथवासी नाहाराई, जो ज़ेरुइयाह के पुत्र योआब का हथियार उठानेवाला था;

  19. 2 शमुएल २३:३८लगभग १०५५ ई.पू.

    इथरी ईरा इथरी गारेब;

  20. 2 शमुएल २३:३९लगभग १०५५ ई.पू.

    और हित्ती उरियाह. सब मिलाकर ये सैंतीस थे.

  21. 2 शमुएल २४:१लगभग १०१७ ई.पू.

    इस्राएल के विरुद्ध याहवेह का क्रोध एक बार फिर भड़क उठा. उन्होंने दावीद को ही इस्राएल के विरुद्ध कर दिया. उन्होंने दावीद को उकसाया, “इस्राएल और यहूदिया की गिनती करो.”

  22. 2 शमुएल २४:२लगभग १०१७ ई.पू.

    तब राजा ने सेना के आदेशक योआब और उनके सहयोगियों को आदेश दिया, “दान से लेकर बेअरशेबा तक जाकर इस्राएल के सारे गोत्रों की जनगणना करो, कि मुझे जनसंख्या का पता चल सके.”

  23. 2 शमुएल २४:३लगभग १०१७ ई.पू.

    मगर योआब ने राजा से कहा, “जब तक आपकी आंखों में ज्योति है, याहवेह आपके परमेश्वर वर्तमान जनसंख्या की सौ गुणा वृद्धि करें, मगर महाराज, मेरे स्वामी, ऐसा करना क्यों चाह रहे हैं?”

  24. 2 शमुएल २४:४लगभग १०१७ ई.पू.

    मगर राजा के आदेश के आगे योआब और अन्य प्रधानों का तर्क विफल ही रहा. तब योआब और सेना के प्रधान संसद भवन से निकलकर इस्राएल की जनगणना के लिए चल पड़े.

  25. 2 शमुएल २४:५लगभग १०१७ ई.पू.

    उन्होंने यरदन नदी पार कर अरोअर नामक स्थान पर शिविर डाले. यह स्थान याज़र की ओर, गाद की तराई के बीच में है.