मुख्य सामग्री पर जाएँ

circa 800–400 BC

The Hebrew Prophets

God speaks through Isaiah, Jeremiah, and the minor prophets—calling Israel to repentance and foretelling the coming Messiah.

3,706 वचन · 14 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. मीकाह ५:६लगभग ७१० ई.पू.

    जो अश्शूर देश पर, निमरोद के देश पर तलवार से शासन करेंगे. वह हमें अश्शूरवासियों से छुड़ाएगा जब वे हमारे देश पर आक्रमण करेंगे और हमारी सीमाओं को पार करेंगे.

  2. मीकाह ५:७लगभग ७१० ई.पू.

    याकोब का बचा भाग बहुत से लोगों के बीच होगा. वह याहवेह द्वारा भेजे ओस, घांस पर पड़नेवाली वर्षा के समान होगा, जो किसी का इंतजार नहीं करता और न ही किसी मनुष्य पर निर्भर रहता है.

  3. मीकाह ५:८लगभग ७१० ई.पू.

    याकोब का बचा भाग जातियों के बीच और लोगों के बीच ऐसा होगा, जैसा एक सिंह जंगली जानवरों के बीच होता है, और एक जवान सिंह जो भेड़ों के झुंड के बीच होता है, और वह उनके मध्य से जाते हुए उन पर झपटता है और उनको फाड़ डालता है, और कोई उन्हें बचा नहीं सकता.

  4. मीकाह ५:९लगभग ७१० ई.पू.

    तुम्हारा हाथ अपने शत्रुओं के ऊपर विजय उल्लास में ऊंचा उठेगा, और तुम्हारे सब शत्रु नाश किए जाएंगे.

  5. मीकाह ५:१०लगभग ७१० ई.पू.

    याहवेह की घोषणा यह है, “उस दिन मैं तुम्हारे घोड़ों को तुम्हारे बीच नाश कर दूंगा और तुम्हारे रथों को भी नष्ट कर दूंगा.

  6. मीकाह ५:११लगभग ७१० ई.पू.

    मैं तुम्हारे देश के शहरों को नष्ट कर दूंगा और तुम्हारे गढ़ों को ध्वस्त कर दूंगा.

  7. मीकाह ५:१२लगभग ७१० ई.पू.

    मैं तुम्हारे बीच जादू-टोने को समाप्‍त कर दूंगा और तुम फिर कभी ज्योतिष की बात न कर सकोगे.

  8. मीकाह ५:१३लगभग ७१० ई.पू.

    मैं तुम्हारे मूर्तियों और तुम्हारे बीच तुम्हारे पवित्र पत्थरों को नाश कर दूंगा; तुम फिर कभी अपने हाथ से बनाये चीज़ों की आराधना नहीं करोगे.

  9. मीकाह ५:१४लगभग ७१० ई.पू.

    जब मैं तुम्हारे शहरों का विनाश करूंगा तो मैं तुम्हारे बीच से तुम्हारे अशेरा-स्तम्भों को उखाड़ फेंकूंगा.

  10. मीकाह ५:१५लगभग ७१० ई.पू.

    मैं गुस्सा और क्रोध में उन जनताओं से बदला लूंगा जिन्होंने मेरी बात नहीं मानी है.”

  11. मीकाह ६:१लगभग ७१० ई.पू.

    सुनो कि याहवेह क्या कहते हैं: “उठो, और पर्वतों के आगे मेरा मामला रखो; पहाड़ियां सुनें कि तुम क्या कहते हो.

  12. मीकाह ६:२लगभग ७१० ई.पू.

    “हे पर्वतों, याहवेह के द्वारा लगाये आरोपों पर ध्यान दो; हे पृथ्वी के अटल नींव, तुम भी सुनो. क्योंकि याहवेह का अपने लोगों के विरुद्ध एक मुकद्दमा है; वे इस्राएल के विरुद्ध एक मामला दायर कर रहे हैं.

  13. मीकाह ६:३लगभग ७१० ई.पू.

    “हे मेरे लोगों, प्रजा, मैंने तुम्हारे साथ क्या अन्याय किया है? मुझे बताओ कि मैंने तुम्हारे ऊपर क्या बोझ डाला है?

  14. मीकाह ६:४लगभग ७१० ई.पू.

    मैंने तुम्हें मिस्र देश से बाहर निकाला है और तुम्हें दासत्व के बंधन से छुड़ाया है. मैंने तुम्हारी अगुवाई करने के लिये मोशेह को भेजा, अहरोन और मिरियम को भी भेजा.

  15. मीकाह ६:५लगभग ७१० ई.पू.

    हे मेरे लोगों, याद करो मोआब के राजा बालाक ने क्या षड़्‍यंत्र किया था और बेओर के पुत्र बिलआम ने क्या उत्तर दिया था. शित्तीम से गिलगाल तक अपनी यात्रा का स्मरण करो, कि तुम याहवेह के धर्मी कामों को जानो.”

  16. मीकाह ६:६लगभग ७१० ई.पू.

    मैं याहवेह के सामने क्या लेकर आऊं और प्रशंसा के योग्य परमेश्वर के सामने दंडवत करूं? क्या मैं होमबलि के लिये एक-एक साल के बछड़े लेकर उसके सामने आऊं?

  17. मीकाह ६:७लगभग ७१० ई.पू.

    क्या याहवेह की प्रसन्‍नता के लिए हजारों मेढ़े, अथवा जैतून तेल की दस हजार नदियां पर्याप्‍त होंगी? क्या मैं अपने अपराध के प्रायश्चित के लिये अपने पहलौठे पुत्र का बलिदान करूं, या अपनी आत्मा के पाप के अपने जन्माए किसी का बलिदान करूं?

  18. मीकाह ६:८लगभग ७१० ई.पू.

    हे मनुष्य, उन्होंने तुम्हें दिखाया है कि क्या अच्छा है. और याहवेह तुमसे क्या अपेक्षा करता है? न्याय के काम करो और दया करो और परमेश्वर के साथ नम्रता से चलो.

  19. मीकाह ६:९लगभग ७१० ई.पू.

    सुनो! याहवेह शहर को पुकार रहे हैं, और आपके नाम का भय मानना ही बुद्धिमता है, “डंडा और उसे नियुक्त करनेवाले की बात ध्यान से सुनो.

  20. मीकाह ६:१०लगभग ७१० ई.पू.

    हे दुष्ट घर, क्या मैं अब भी तुम्हारे अनाचार से कमाए धन, और उस छोटे माप को भूल जाऊं, जो अभिशप्‍त है?

  21. मीकाह ६:११लगभग ७१० ई.पू.

    क्या मैं किसी को गलत वजन की थैली के साथ, उसे उसके गलत मापों से छुटकारा दूं?

  22. मीकाह ६:१२लगभग ७१० ई.पू.

    तेरे धनवान लोग हिंसा करते हैं; तेरे निवासी झूठे हैं और उनकी जीभ धोखा देनेवाली बात करती हैं.

  23. मीकाह ६:१३लगभग ७१० ई.पू.

    इसलिये मैं तुम्हें तुम्हारे पापों के कारण नाश करना, तुम्हारा पतन करना शुरू कर चुका हूं.

  24. मीकाह ६:१४लगभग ७१० ई.पू.

    तुम खाना तो खाओगे किंतु संतुष्टि नहीं मिलेगी; खाने के बाद भी तुम्हारा पेट खाली रहेगा. तुम जमा तो करोगे, पर बचेगा कुछ भी नहीं, क्योंकि तुम्हारी बचत को मैं तलवार से लुटवा दूंगा.

  25. मीकाह ६:१५लगभग ७१० ई.पू.

    तुम बोओगे, पर फसल नहीं काटोगे; तुम जैतून का तेल तो निकालोगे, किंतु उस तेल का उपयोग न कर सकोगे, तुम अंगूर को तो रौंदोगे, पर उसका दाखमधु पान न कर सकोगे.