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circa 970–930 BC

Solomon & The Temple

Solomon builds the great Temple in Jerusalem and rules with unprecedented wisdom and wealth before foreign gods divide his heart.

635 वचन · 2 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. 1 राजा ५:१५लगभग १०१४ ई.पू.

    शलोमोन ने पहाड़ी क्षेत्र में सत्तर हज़ार बोझा ढोनेवाले और अस्सी हज़ार पत्थर का काम करनेवाले चुने थे.

  2. 1 राजा ५:१६लगभग १०१४ ई.पू.

    इन सबके अलावा पूरे काम को देखने के लिए तीन हज़ार तीन सौ अधिकारी भी चुने गए थे, कि वे सारी योजना और कर्मचारियों की गतिविधि पर नज़र रख सकें.

  3. 1 राजा ५:१७लगभग १०१४ ई.पू.

    राजा के आदेश पर उन्होंने बड़े-बड़े कीमती पत्थर खोद निकाले, कि इन्हें तराशकर भवन की नींव के लिए इस्तेमाल किया जा सके.

  4. 1 राजा ५:१८लगभग १०१४ ई.पू.

    इस प्रकार शलोमोन के कर्मचारियों ने, हीराम के कर्मचारियों और गिबलियों ने मिलकर भवन बनाने के लिए लकड़ी और पत्थर तैयार किए.

  5. 1 राजा ६:१लगभग १०११ ई.पू.

    यह उस समय की बात है, जब इस्राएलियों को मिस्र देश से निकले हुए चार सौ अस्सी साल हो चुके थे, और इस्राएल पर शलोमोन के शासन के चार साल. शलोमोन ने साल के ज़ीव नामक दूसरे महीने में याहवेह के लिए भवन बनाना शुरू किया.

  6. 1 राजा ६:२लगभग १०११ ई.पू.

    राजा शलोमोन ने यह जो भवन याहवेह के लिए बनाया, उसकी लंबाई सत्ताईस मीटर और चौड़ाई नौ मीटर ऊंचाई चौदह मीटर थी.

  7. 1 राजा ६:३लगभग १०११ ई.पू.

    भवन के बीच के द्वार-मंडप की लंबाई भी नौ मीटर थी, जितनी भवन की चौड़ाई थी. भवन के सामने इसकी गहराई साढ़े चार मीटर थी.

  8. 1 राजा ६:४लगभग १०११ ई.पू.

    शलोमोन ने भवन की खिड़कियां आकर्षक जालीदार बनाईं थी.

  9. 1 राजा ६:५लगभग १०११ ई.पू.

    भवन की बाहरी दीवारों के चारों ओर शलोमोन ने अनेक कमरों का परिसर बनाया, दोनों ओर पीछे भी.

  10. 1 राजा ६:६लगभग १०११ ई.पू.

    सबसे नीचे का तल सवा दो मीटर चौड़ा था. बीच वाला तल दो मीटर सत्तर सेंटीमीटर, और तीसरा तीन मीटर पन्द्रह सेंटीमीटर चौड़ा. उन्होंने भवन की बाहरी दीवार कुर्सीदार बना दिए थे, कि बोझ उठाती बल्लियों को मूल भवन के भीतर तक न पहुंचना पड़े.

  11. 1 राजा ६:७लगभग १०११ ई.पू.

    भवन के लिए इस्तेमाल किए गए पत्थरों को वहीं तैयार कर लिया गया था, जहां से उन्हें निकाला जा रहा था. फलस्वरूप जब नया भवन बनाया जा रहा था, वहां न तो घन की, न हथौड़े की और न किसी भी लोहे के औज़ार की आवाज सुनाई दी.

  12. 1 राजा ६:८लगभग १०११ ई.पू.

    बीचवाले तल का प्रवेश भवन के दक्षिण ओर था: जब किसी को तीसरे तल को जाना होता था, वह सीढ़ियों से चढ़कर बीचवाले तल पर पहुंचता था, फिर वहां से तीसरे तल को;

  13. 1 राजा ६:९लगभग १०११ ई.पू.

    इस प्रकार शलोमोन ने भवन बनाना समाप्‍त किया. भवन की छत उन्होंने देवदार की बल्लियों और पटरियों से बनाई.

  14. 1 राजा ६:१०लगभग १०११ ई.पू.

    उन्होंने पूरे भवन के आस-पास छज्जे बनाए, जिसकी ऊंचाई सवा दो मीटर थी. इन सभी को मूल भवन के देवदार से जकड़ दिया गया था.

  15. 1 राजा ६:११लगभग १०११ ई.पू.

    यह सब हो जाने पर शलोमोन को याहवेह का यह संदेश भेजा गया.

  16. 1 राजा ६:१२लगभग १०११ ई.पू.

    “तुम जिस भवन को बना रहे हो, उसके संबंध में, यदि तुम मेरी विधियों का पालन करते रहोगे, और मेरी आज्ञाओं को पूरा मानोगे और मेरे आदेशों का पालन करोगे, तब मैं तुम्हारे साथ अपनी वह प्रतिज्ञा पूरी करूंगा, जो मैंने तुम्हारे पिता दावीद से की थी.

  17. 1 राजा ६:१३लगभग १०११ ई.पू.

    मैं इस्राएल वंशजों के बीच रहूंगा और उन्हें छोड़ न दूंगा.”

  18. 1 राजा ६:१४लगभग १०११ ई.पू.

    शलोमोन ने भवन बनाना समाप्‍त किया.

  19. 1 राजा ६:१५लगभग १०११ ई.पू.

    फिर उसने भवन की दीवारों के अंदर से देवदार की पटियां लगवा दीं. उन्होंने भवन की ज़मीन से लेकर भवन की छत तक दीवारों का अंदरूनी भाग देवदार लकड़ी से ढकवा दिया. इसके बाद उन्होंने भवन का तल सनोवर की लकड़ी से ढकवा दिया.

  20. 1 राजा ६:१६लगभग १०११ ई.पू.

    शलोमोन ने भवन की पीछे की दीवार से नौ मीटर भीतर की ओर एक दीवार बनवाई. यह ज़मीन से छत तक देवदार की बनी हुई थी. इससे एक अंदर का कमरा बन गया. यही परम पवित्र स्थान था.

  21. 1 राजा ६:१७लगभग १०११ ई.पू.

    इसके सामने बीच वाला स्थान अठारह मीटर लंबा था.

  22. 1 राजा ६:१८लगभग १०११ ई.पू.

    भवन की दीवारों का अंदरूनी भाग देवदार की लकड़ी से ढका था, जिस पर कलियां और खिले हुए फूल खुद हुए थे. सभी कुछ देवदार से ढका था-पत्थर कहीं से भी दिखाई नहीं पड़ता था.

  23. 1 राजा ६:१९लगभग १०११ ई.पू.

    तब उन्होंने अंदरूनी पवित्र स्थान बनवाया. यह भवन के भीतर था, कि इसमें याहवेह की वाचा का संदूक प्रतिष्ठित किया जा सके.

  24. 1 राजा ६:२०लगभग १०११ ई.पू.

    अंदरूनी कमरे की लंबाई छः मीटर, चौड़ाई छः मीटर और ऊंचाई भी छः मीटर ही थी. इसे शुद्ध कुन्दन से मढ़ दिया गया था. उन्होंने देवदार से बनी हुई वेदी को भी मढ़ दिया.

  25. 1 राजा ६:२१लगभग १०११ ई.पू.

    शलोमोन ने भवन के भीतरी भाग को शुद्ध कुन्दन से मढ़वा दिया. तब उन्होंने अंदरूनी पवित्र स्थान के सामने सोने की सांकलें खींचवा दीं. इसे भी उन्होंने सोने से मढ़वा दिया.