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circa 800–400 BC

The Hebrew Prophets

God speaks through Isaiah, Jeremiah, and the minor prophets—calling Israel to repentance and foretelling the coming Messiah.

3,706 वचन · 14 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. ज़करयाह १३:५लगभग ४८७ ई.पू.

    परंतु हर एक कहेगा, ‘मैं भविष्यवक्ता नहीं हूं. मैं एक किसान हूं; मैं अपनी जवानी से ही भूमि से अपनी जीविका चलाता आया हूं.’

  2. ज़करयाह १३:६लगभग ४८७ ई.पू.

    यदि कोई उससे पूछे, ‘तुम्हारे शरीर पर ये घाव कैसे हैं?’ तो वह उत्तर देगा, ‘मेरे मित्रों के घर में मुझे ये घाव लगे हैं.’

  3. ज़करयाह १३:७लगभग ४८७ ई.पू.

    “हे तलवार, मेरे चरवाहे के विरुद्ध सक्रिय हो जा, उस व्यक्ति के विरुद्ध, जो मेरा घनिष्ठ है!” सर्वशक्तिमान याहवेह की यह घोषणा है. “चरवाहे पर वार करो, और भेड़ें तितर-बितर हो जाएंगी, और मैं बच्चों के विरुद्ध अपना हाथ उठाऊंगा.

  4. ज़करयाह १३:८लगभग ४८७ ई.पू.

    याहवेह की घोषणा है, पूरे देश में दो तिहाई लोगों पर वार करके मार डाला जाएगा; फिर भी एक तिहाई लोग उसमें बचे रहेंगे.

  5. ज़करयाह १३:९लगभग ४८७ ई.पू.

    इन एक तिहाई लोगों को मैं आग में डाल दूंगा; मैं उन्हें चांदी की तरह परिष्कृत करूंगा और उन्हें ऐसे परखूंगा, जैसे सोने को परखा जाता है. वे लोग मेरा नाम लेकर पुकारेंगे और मैं उनकी सुनूंगा; मैं कहूंगा, ‘वे मेरे लोग हैं,’ और वे कहेंगे, ‘याहवेह हमारे परमेश्वर हैं.’ ”

  6. ज़करयाह १४:१लगभग ४८७ ई.पू.

    हे येरूशलेम, याहवेह का एक ऐसा दिन आनेवाला है, जब तुम्हारी संपत्ति लूट ली जाएगी और तुम्हारे अपने घेरे के अंदर ही बांट ली जाएगी.

  7. ज़करयाह १४:२लगभग ४८७ ई.पू.

    मैं जाति-जाति के लोगों को येरूशलेम के विरुद्ध युद्ध करने के लिए इकट्ठा करूंगा; शहर पर अधिकार कर लिया जाएगा, घर-द्वार लूट लिये जाएंगे, और स्त्रियों से बलात्कार किया जाएगा. शहर की आधी जनसंख्या बंधुआई में चली जाएगी, पर बचे लोग शहर में ही रहेंगे.

  8. ज़करयाह १४:३लगभग ४८७ ई.पू.

    तब याहवेह जाकर उन जातियों के विरुद्ध ऐसे लड़ेंगे जैसे वे युद्ध के दिन लड़ते हैं.

  9. ज़करयाह १४:४लगभग ४८७ ई.पू.

    उस दिन याहवेह येरूशलेम के पूर्व में जैतून पहाड़ पर जा खड़े होंगे, और जैतून पहाड़ पूर्व और पश्चिम दो भाग में बंट जाएगा और बीच में एक बड़ी घाटी बन जाएगी, जिससे आधा पहाड़ उत्तर की ओर तथा आधा पहाड़ दक्षिण की ओर हट जाएगा.

  10. ज़करयाह १४:५लगभग ४८७ ई.पू.

    तब तुम मेरी इस पहाड़ की घाटी से होकर भागोगे, क्योंकि यह घाटी आत्सल तक फैली होगी. तुम ऐसे भागोगे, जैसे तुम यहूदिया के राजा उज्जियाह के दिनों में हुए भूकंप के समय भागे थे. तब याहवेह मेरे परमेश्वर सब पवित्र लोगों के साथ आएंगे.

  11. ज़करयाह १४:६लगभग ४८७ ई.पू.

    उस दिन न तो सूर्य का प्रकाश होगा और न ही ठंडा, कुहरे से भरा अंधेरा.

  12. ज़करयाह १४:७लगभग ४८७ ई.पू.

    वह एक अतुलनीय दिन होगा—ऐसा दिन जिसे सिर्फ याहवेह ही जानते हैं—दिन और रात के बीच कोई अंतर न होगा. जब शाम होगी, तभी प्रकाश होगा.

  13. ज़करयाह १४:८लगभग ४८७ ई.पू.

    उस दिन जीवन का जल येरूशलेम से बह निकलेगा, इसमें का आधा पानी पूर्व से मृत सागर की ओर तथा आधा पानी पश्चिम से भूमध्य सागर की ओर बहेगा, और यह ग्रीष्मकाल और साथ ही साथ शीतकाल में भी बहता रहेगा.

  14. ज़करयाह १४:९लगभग ४८७ ई.पू.

    सारी पृथ्वी पर याहवेह ही राजा होंगे. उस दिन एक ही याहवेह होंगे, और सिर्फ उन्हीं का ही नाम होगा.

  15. ज़करयाह १४:१०लगभग ४८७ ई.पू.

    सारी भूमि, गेबा से लेकर येरूशलेम के दक्षिण में रिम्मोन तक अराबाह के समान हो जाएगी. परंतु बिन्यामिन द्वार से लेकर पहले द्वार के लिए चिन्हित स्थान तक, तथा कोने के द्वार तक और हनानेल के मीनार से लेकर राजा के रसकुण्डों तक येरूशलेम को ऊंचा उठाया जाएगा, और यह अपने स्थान में बना रहेगा.

  16. ज़करयाह १४:११लगभग ४८७ ई.पू.

    लोग आकर इसमें बसेंगे; और यह फिर कभी नाश नहीं किया जाएगा. येरूशलेम सुरक्षित होगा.

  17. ज़करयाह १४:१२लगभग ४८७ ई.पू.

    वे जनता, जिन्होंने येरूशलेम से युद्ध किया है, उन सब पर याहवेह ऐसी महामारी लायेंगे कि जब वे अपने पैरों पर खड़े ही होंगे तो उनका मांस सड़ जाएगा, उनकी आंखें उनके गोलकों में ही सड़ जाएंगी, और उनकी जीभ उनके मुंह में ही सड़ जाएगी.

  18. ज़करयाह १४:१३लगभग ४८७ ई.पू.

    उस दिन याहवेह की ओर से लोगों में बड़े आतंक के साथ घबराहट फैलेगी. वे एक दूसरे को हाथ से पकड़कर एक दूसरे पर वार करेंगे.

  19. ज़करयाह १४:१४लगभग ४८७ ई.पू.

    यहूदिया भी आकर येरूशलेम में लड़ेगा. आस-पास की सभी जनताओं की संपत्ति इकट्ठी की जाएगी—जिसमें बहुत सारा सोना, चांदी और कपड़ा होगा.

  20. ज़करयाह १४:१५लगभग ४८७ ई.पू.

    घोड़ों, खच्चरों, ऊंटों, गधों और उन शिविरों में सब पशुओं पर भी इसी प्रकार की महामारी आ पड़ेगी.

  21. ज़करयाह १४:१६लगभग ४८७ ई.पू.

    तब वे सब जनता, जिन्होंने येरूशलेम पर आक्रमण किया था, उनमें से बचे लोग हर साल येरूशलेम जाकर राजा, सर्वशक्तिमान याहवेह की आराधना करेंगे, और तंबुओं का त्योहार मनायेंगे.

  22. ज़करयाह १४:१७लगभग ४८७ ई.पू.

    और यदि पृथ्वी के लोगों में से कोई भी राजा, सर्वशक्तिमान याहवेह की आराधना करने के लिये येरूशलेम नहीं जाएगा, तो उनके यहां वर्षा न होगी.

  23. ज़करयाह १४:१८लगभग ४८७ ई.पू.

    यदि मिस्र के लोग आराधना और उत्सव में भाग लेने के लिये नहीं जाएंगे, तो उनके यहां भी वर्षा न होगी. याहवेह उन पर वह महामारी लायेगा, जो वह उन जनताओं पर लाता है, जो तंबुओं का उत्सव मनाने नहीं जाते हैं.

  24. ज़करयाह १४:१९लगभग ४८७ ई.पू.

    यह मिस्र देश के लोगों की सजा और उन सब जनताओं की सजा होगी, जो तंबुओं का उत्सव मनाने नहीं जाते हैं.

  25. ज़करयाह १४:२०लगभग ४८७ ई.पू.

    उस दिन घोड़ों की गर्दन में लटकी घण्टियों पर ये शब्द खुदे हुए होंगे, “याहवेह के लिए पवित्र,” और याहवेह के भवन में भोजन पकाने के बर्तन, वेदी के सामने रखे पवित्र कटोरों के समान होंगे.