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circa 800–400 BC

The Hebrew Prophets

God speaks through Isaiah, Jeremiah, and the minor prophets—calling Israel to repentance and foretelling the coming Messiah.

3,706 वचन · 14 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. ज़करयाह ११:११लगभग ४८७ ई.पू.

    वह वाचा उसी दिन तोड़ दी गयी, और झुंड के पीड़ित पशु जो मेरी ओर ताक रहे थे, वे जान गये कि यह याहवेह का वचन है.

  2. ज़करयाह ११:१२लगभग ४८७ ई.पू.

    तब मैंने उनसे कहा, “यदि तुमको यह अच्छा लगे, तो तुम मुझे मेरी मजदूरी दे दो; पर यदि नहीं देना चाहते, तो कोई बात नहीं.” तब उन्होंने मेरी मजदूरी के तीस चांदी के टुकड़े मुझे दिये.

  3. ज़करयाह ११:१३लगभग ४८७ ई.पू.

    तब याहवेह ने मुझसे कहा, “इस राशि को कुम्हार के आगे फेंक दो”—यह अच्छा मूल्य है जिसे उन्होंने मेरा ठहराया है! अतः मैंने चांदी के उन तीस टुकड़ों को लेकर याहवेह के भवन में कुम्हार के आगे फेंक दिया.

  4. ज़करयाह ११:१४लगभग ४८७ ई.पू.

    तब मैंने यहूदिया और इस्राएल के बीच पारिवारिक संबंध को तोड़ते हुए, मैंने एकता नाम के अपनी दूसरी लाठी को तोड़ा.

  5. ज़करयाह ११:१५लगभग ४८७ ई.पू.

    तब याहवेह ने मुझसे कहा, “एक मूर्ख चरवाहा के साज-सामान को फिर से लो.

  6. ज़करयाह ११:१६लगभग ४८७ ई.पू.

    क्योंकि मैं इस देश में एक ऐसा चरवाहा ठहरानेवाला हूं, जो खोये हुओं की चिंता नहीं करेगा, न जवानों को ढूंढ़ेगा, न घायलों को चंगा करेगा, न ही तंदुरुस्तों को खिलायेगा, पर वह अच्छे भेड़ के मांस को खायेगा, और उनके खुरों को फाड़ डालेगा.

  7. ज़करयाह ११:१७लगभग ४८७ ई.पू.

    “उस निकम्मे चरवाहे पर हाय, जो पशुओं के झुंड को छोड़कर भाग जाता है! ऐसा हो कि उसकी भुजा और दायीं आंख पर तलवार चले! उसकी भुजा पूरी तरह सूख जाए, और वह अपनी दायीं आंख से पूरी तरह अंधा हो जाए!”

  8. ज़करयाह १२:१लगभग ४८७ ई.पू.

    एक भविष्यवाणी: इस्राएल के विषय में याहवेह का वचन. याहवेह, जो आकाश को फैलाते हैं, जो पृथ्वी की नींव रखते हैं, और जो मनुष्य के भीतर आत्मा को बनाते हैं, वे यह कहते हैं:

  9. ज़करयाह १२:२लगभग ४८७ ई.पू.

    “मैं येरूशलेम को एक ऐसा प्याला बनानेवाला हूं, जो आस-पास के लोगों को लड़खड़ा देगा. यहूदिया और साथ ही साथ येरूशलेम भी घेर लिया जाएगा.

  10. ज़करयाह १२:३लगभग ४८७ ई.पू.

    उस दिन, जब पृथ्वी सब जातियां येरूशलेम के विरुद्ध इकट्ठा होंगी, तो मैं उसे सब जातियों के लिये एक अडिग चट्टान बना दूंगा. जो भी उसे हटाने की कोशिश करेगा, वह अपने आपको घायल करेगा.

  11. ज़करयाह १२:४लगभग ४८७ ई.पू.

    उस दिन, मैं हर एक घोड़े को आतंकित करूंगा और उस पर सवार व्यक्ति के मति को भ्रष्‍ट कर दूंगा,” याहवेह की यह घोषणा है. “यहूदाह के घराने पर कृपादृष्टि रखूंगा, पर मैं अन्यजातियों के सब घोड़ों को अंधा कर दूंगा.

  12. ज़करयाह १२:५लगभग ४८७ ई.पू.

    तब यहूदाह गोत्र के लोग अपने मन में कहेंगे, ‘येरूशलेम के लोग बलवान हैं, क्योंकि सर्वशक्तिमान याहवेह उनका परमेश्वर है.’

  13. ज़करयाह १२:६लगभग ४८७ ई.पू.

    “उस दिन मैं यहूदाह के लोगों को लकड़ी के ढेर में आग का एक भट्ठा जैसे, पूलियों के बीच जलता हुआ एक मशाल जैसे बना दूंगा. वे अपने दाएं तथा बाएं आस-पास के सब लोगों को भस्म कर देंगे, पर येरूशलेम अपने जगह में अडिग बना रहेगा.

  14. ज़करयाह १२:७लगभग ४८७ ई.पू.

    “याहवेह पहले यहूदिया के निवासियों को बचायेंगे, ताकि दावीद के घराने और येरूशलेम के निवासियों का आदर यहूदिया से बढ़कर न हो.

  15. ज़करयाह १२:८लगभग ४८७ ई.पू.

    उस दिन स्वयं याहवेह येरूशलेम में रहनेवालों की रक्षा करेंगे, ताकि उनमें सबसे दुर्बल भी दावीद के जैसा शक्तिशाली हो जाए और दावीद का घराना परमेश्वर के जैसा, याहवेह के आगे-आगे जानेवाले स्वर्गदूत के जैसा हो जाए.

  16. ज़करयाह १२:९लगभग ४८७ ई.पू.

    उस दिन मैं उन सब जनताओं को नष्ट करने के लिये निकलूंगा, जो येरूशलेम पर चढ़ाई करते हैं.

  17. ज़करयाह १२:१०लगभग ४८७ ई.पू.

    “और मैं दावीद के घराने और येरूशलेम के निवासियों पर कृपा तथा याचना करनेवाली एक आत्मा उंडेलूंगा. वे मेरी ओर ताकेंगे, जिसे उन्होंने बेधा है, और वे उसके लिए वैसा ही विलाप करेंगे, जैसे कोई अपने एकमात्र बच्‍चे के लिए विलाप करता है, और वे उसके लिये ऐसे शोक मनाएंगे जैसे कोई अपने पहलौठे बेटे की मृत्यु पर शोक मनाता है.

  18. ज़करयाह १२:११लगभग ४८७ ई.पू.

    उस दिन येरूशलेम में विलाप ऐसा भयंकर होगा, जैसा हदद-रिम्मोन ने मगिद्दो के मैदान में किया था.

  19. ज़करयाह १२:१२लगभग ४८७ ई.पू.

    पूरा देश शोक मनाएगा, हर गोत्र, हर एक जन अपनी पत्नी के साथ शोक मनाएगा: दावीद के घराने के गोत्र के लोग और उनकी पत्नियां, नाथान के घराने के गोत्र के लोग और उनकी पत्नियां,

  20. ज़करयाह १२:१३लगभग ४८७ ई.पू.

    लेवी के घराने के गोत्र के लोग और उनकी पत्नियां, शिमेई के गोत्र के लोग और उनकी पत्नियां,

  21. ज़करयाह १२:१४लगभग ४८७ ई.पू.

    और बचे सब गोत्र के लोग और उनकी पत्नियां शोक मनाएंगे.

  22. ज़करयाह १३:१लगभग ४८७ ई.पू.

    “उस दिन दावीद के घराने और येरूशलेम निवासियों को उनके पाप और अशुद्धता से शुद्ध करने के लिये एक झरना फूटेगा.

  23. ज़करयाह १३:२लगभग ४८७ ई.पू.

    “उस दिन, मैं देश से सारे मूर्तियों के नाम मिटा दूंगा, और उन्हें फिर कभी याद किया न जाएगा.” सर्वशक्तिमान याहवेह की यह घोषणा है, “मैं देश से भविष्यवक्ताओं और अशुद्धता की आत्मा दोनों को निकाल दूंगा.

  24. ज़करयाह १३:३लगभग ४८७ ई.पू.

    और फिर भी यदि कोई भविष्यवाणी करे, तो उसको पैदा करनेवाले उसके माता-पिता उससे कहेंगे, ‘अवश्य है कि तू मर जाए, क्योंकि तूने याहवेह के नाम में झूठ बोला है,’ तब उसके खुद के माता-पिता उस भविष्यवाणी करनेवाले को तलवार से मार डालेंगे.

  25. ज़करयाह १३:४लगभग ४८७ ई.पू.

    “उस दिन हर एक भविष्यवक्ता अपने भविष्य दर्शन के बारे में लज्जित होगा. वे लोगों को धोखा देने के लिये भविष्यवक्ताओं के लिए निर्धारित बाल से बने कपड़े नहीं पहनेंगे.