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circa 800–400 BC

The Hebrew Prophets

God speaks through Isaiah, Jeremiah, and the minor prophets—calling Israel to repentance and foretelling the coming Messiah.

3,706 वचन · 14 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. ज़करयाह ८:१३लगभग ५१८ ई.पू.

    जैसा कि हे यहूदिया और इस्राएल, तुम जाति-जाति के लोगों के बीच एक अभिशाप बन गये हो, तो मैं तुम्हें बचाऊंगा, और तुम एक आशीष का कारण बनोगे. भयभीत न हो, पर तुम्हारे हाथ मजबूत बने रहें.”

  2. ज़करयाह ८:१४लगभग ५१८ ई.पू.

    सर्वशक्तिमान याहवेह का यह कहना है: “जब तुम्हारे पूर्वजों ने मुझे क्रोधित किया था, तो जैसा कि मैंने तुम्हारे ऊपर विपत्ति लाने और दया न करने की बात ठान ली थी,” सर्वशक्तिमान याहवेह का कहना है,

  3. ज़करयाह ८:१५लगभग ५१८ ई.पू.

    “वैसा ही अब मैंने येरूशलेम तथा यहूदिया पर फिर से भलाई करने की ठान ली है. भयभीत न हो.

  4. ज़करयाह ८:१६लगभग ५१८ ई.पू.

    ये वे बातें हैं, जिन्हें तुम्हें करना है: एक दूसरे के साथ सत्य बोलो, और अपने अदालतों में सच और सही निर्णय दिया करो;

  5. ज़करयाह ८:१७लगभग ५१८ ई.पू.

    एक दूसरे के विरुद्ध बुरी युक्ति न करो, और झूठी शपथ खाने में तत्पर न हो. क्योंकि मैं इन सब बातों से घृणा करता हूं,” याहवेह की यह घोषणा है.

  6. ज़करयाह ८:१८लगभग ५१८ ई.पू.

    सर्वशक्तिमान याहवेह का यह वचन मेरे पास आया.

  7. ज़करयाह ८:१९लगभग ५१८ ई.पू.

    सर्वशक्तिमान याहवेह का यह कहना है: “चौथे, पांचवें, सातवें तथा दसवें माह के उपवास यहूदिया के लिए आनंद और खुशी के अवसर और सुखद पर्व हो जायेंगे. अतः सत्य और शांति से प्रेम करो.”

  8. ज़करयाह ८:२०लगभग ५१८ ई.पू.

    सर्वशक्तिमान याहवेह का यह कहना है: “बहुत से लोग और बहुत से शहरों के रहनेवाले आएंगे,

  9. ज़करयाह ८:२१लगभग ५१८ ई.पू.

    और एक शहर के रहनेवाले दूसरे शहर में जाकर कहेंगे, ‘आओ, याहवेह से विनती करने तुरंत चलें और सर्वशक्तिमान याहवेह की खोज में रहें. मैं स्वयं जा रहा हूं.’

  10. ज़करयाह ८:२२लगभग ५१८ ई.पू.

    और बहुत सारे लोग और सामर्थ्यी जातियों के लोग सर्वशक्तिमान याहवेह को खोजने और उससे विनती करने येरूशलेम आएंगे.”

  11. ज़करयाह ८:२३लगभग ५१८ ई.पू.

    सर्वशक्तिमान याहवेह का यह कहना है: “उन दिनों में सब भाषाओं और जातियों से दस व्यक्ति एक यहूदी व्यक्ति को उसके कपड़े के छोर से पकड़कर कहेंगे, ‘हम तुम्हारे साथ चलते हैं, क्योंकि हमने यह सुना है कि परमेश्वर तुम्हारे साथ हैं.’ ”

  12. ज़करयाह ९:१लगभग ४८७ ई.पू.

    एक भविष्यवाणी: हद्राख देश के विरुद्ध में याहवेह का यह वचन है और इसका प्रभाव दमेशेक पर पड़ेगा— क्योंकि सारे लोगों और इस्राएल के सारे गोत्रों की दृष्टि याहवेह पर लगी है—

  13. ज़करयाह ९:२लगभग ४८७ ई.पू.

    और इसकी सीमा से लगे देश हामाथ पर लगी है, और सोर और सीदोन पर भी लगी है, यद्यपि वे बहुत कुशल हैं.

  14. ज़करयाह ९:३लगभग ४८७ ई.पू.

    सोर ने अपने लिए एक दृढ़ गढ़ बनाया है; उसने चांदी को धूल के समान, और सोना को गली के कीचड़ के समान बटोर रखा है.

  15. ज़करयाह ९:४लगभग ४८७ ई.पू.

    पर प्रभु उसकी सब चीज़ों को ले लेगा और उसकी शक्ति को समुद्र में डाल देगा, और वह आग में जलकर नष्ट हो जाएगी.

  16. ज़करयाह ९:५लगभग ४८७ ई.पू.

    अश्कलोन यह देखकर भयभीत होगा; अज्जाह अति कष्ट में छटपटाएगा, और यही स्थिति एक्रोन की भी होगी, क्योंकि उसकी आशा जाती रहेगी. अज्जाह में राजा न रह जाएगा और अश्कलोन को त्याग दिया जाएगा.

  17. ज़करयाह ९:६लगभग ४८७ ई.पू.

    एक दोगली जाति के लोग अशदोद पर अधिकार कर लेंगे, और मैं फिलिस्तीनियों के घमंड को तोड़ दूंगा.

  18. ज़करयाह ९:७लगभग ४८७ ई.पू.

    मैं उनके मुंह में से रक्त, और उनके दांतों के बीच से निषेध किए गये भोजन को छीन लूंगा. तब वे जो बच जाएंगे, वे हमारे परमेश्वर के हो जाएंगे और यहूदिया में एक गोत्र बन जाएंगे, और एक्रोन यबूसियों के समान हो जाएगा.

  19. ज़करयाह ९:८लगभग ४८७ ई.पू.

    पर मैं अपने मंदिर को लुटेरों से बचाने के लिये उसकी पहरेदारी हेतु पड़ाव डालूंगा. कोई भी अत्याचारी फिर कभी मेरे लोगों पर अधिकार करने न पाएगा, क्योंकि अब मैं पहरेदारी कर रहा हूं.

  20. ज़करयाह ९:९लगभग ४८७ ई.पू.

    हे बेटी ज़ियोन, अति आनंदित हो! हे बेटी येरूशलेम, जय जयकार करो! देखो, तुम्हारा राजा तुम्हारे पास आ रहा है, वह धर्मी और विजयी होकर आता है, वह विनम्र और एक गधे पर, एक बछड़े पर, एक गधी के बच्‍चे पर सवार है.

  21. ज़करयाह ९:१०लगभग ४८७ ई.पू.

    मैं एफ्राईम से रथों को और येरूशलेम से युद्ध के घोड़ों को ले लूंगा, और युद्ध के धनुष तोड़ दिये जाएंगे. तब वह जाति-जाति के लोगों के बीच शांति की घोषणा करेगा. उसका साम्राज्य एक समुद्र से लेकर दूसरे समुद्र तक और नदी से लेकर पृथ्वी के छोर तक फैलेगा.

  22. ज़करयाह ९:११लगभग ४८७ ई.पू.

    जहां तक तुम्हारा संबंध है, तुम्हारे साथ मेरी वाचा के लहू के कारण, मैं तुम्हारे कैदियों को उस जलहीन गड्ढे से बाहर निकाल लूंगा.

  23. ज़करयाह ९:१२लगभग ४८७ ई.पू.

    हे आशा लिये हुए कैदियों, अपने गढ़ में लौट आओ; आज मैं घोषणा करता हूं कि मैं तुम्हें उसका दो गुणा लौटा दूंगा.

  24. ज़करयाह ९:१३लगभग ४८७ ई.पू.

    मैं यहूदिया को अपने धनुष के सदृश झुकाऊंगा और एफ्राईम से इसे भर दूंगा. हे ज़ियोन, मैं तुम्हारे बेटों को यावन के बेटों के विरुद्ध उत्तेजित करूंगा, और तुम्हें योद्धा की तलवार के समान कर दूंगा.

  25. ज़करयाह ९:१४लगभग ४८७ ई.पू.

    तब याहवेह उन पर प्रकट होगा; और उसके तीर बिजली के समान चमकेंगे. परम याहवेह तुरही फूंकेंगे; वे दक्षिण से उठे आंधी से होकर चलेंगे,