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circa 800–400 BC

The Hebrew Prophets

God speaks through Isaiah, Jeremiah, and the minor prophets—calling Israel to repentance and foretelling the coming Messiah.

3,706 वचन · 14 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. आमोस २:१०लगभग ७८७ ई.पू.

    मैं ही था, जिसने तुम्हें मिस्र देश से बाहर निकाला और चालीस वर्ष मरुभूमि में तुम्हारी अगुवाई करता रहा, ताकि तुम अमोरियों के देश पर अधिकार कर सको.

  2. आमोस २:११लगभग ७८७ ई.पू.

    “मैंने ही तुम्हारे बच्चों के बीच में से भविष्यद्वक्ता और तुम्हारे जवानों के बीच में से नाजीर खड़ा किया. हे इस्राएलियो, क्या यह सच नहीं है?” यह याहवेह का कहना है.

  3. आमोस २:१२लगभग ७८७ ई.पू.

    “परंतु तुमने नाजिरों को दाखमधु पान के लिए बाध्य किया और भविष्यवक्ताओं को आदेश दिया कि भविष्यवाणी न करें.

  4. आमोस २:१३लगभग ७८७ ई.पू.

    “इसलिये अब, मैं तुम्हें कुचलूंगा जैसे अनाज से भरी हुई गाड़ी कुचलती है.

  5. आमोस २:१४लगभग ७८७ ई.पू.

    तेज गति से भागनेवाला बच नहीं पाएगा, बलवान व्यक्ति अपना बल सहेज नहीं पाएगा, और योद्धा अपना प्राण नहीं बचा सकेगा.

  6. आमोस २:१५लगभग ७८७ ई.पू.

    धनुर्धारी का पैर उखड़ जाएगा, तेज दौड़नेवाला सैनिक भाग नहीं पाएगा, और घुड़सवार अपना प्राण नहीं बचा सकेगा.

  7. आमोस २:१६लगभग ७८७ ई.पू.

    यहां तक कि उस दिन सबसे साहसी योद्धा भी अपने वस्त्र छोड़ भाग खड़े होंगे,” यह याहवेह का कहना है.

  8. आमोस ३:१लगभग ७८७ ई.पू.

    हे इस्राएलियो, सुनो यह वह संदेश है, जिसे याहवेह ने तुम्हारे विरुद्ध कहा है—पूरे वंश के विरुद्ध जिसे मैंने मिस्र देश से बाहर निकाल लाया है:

  9. आमोस ३:२लगभग ७८७ ई.पू.

    “केवल तुम हो जिसे मैंने पृथ्वी के सब कुलों में से चुना है; तब मैं तुम्हारे सब पापों के लिये तुम्हें दंड दूंगा.”

  10. आमोस ३:३लगभग ७८७ ई.पू.

    क्या यह संभव है कि बिना सहमति के दो व्यक्ति एक साथ चलें?

  11. आमोस ३:४लगभग ७८७ ई.पू.

    क्या सिंह वन में शिकार के दिखे बिना दहाड़ता है? क्या वह अपनी मांद में से कुछ पकड़े बिना गुर्राता है?

  12. आमोस ३:५लगभग ७८७ ई.पू.

    क्या कोई पक्षी भूमि पर बिना चारा डाले बिछाए गये जाल की ओर झपटेगा? क्या भूमि पर से फंदा अपने आप उछलता है जब उसमें कुछ न फंसा हो?

  13. आमोस ३:६लगभग ७८७ ई.पू.

    जब तुरही की आवाज से नगर में चेतावनी दी जाती है, तो क्या लोग डर से नहीं कांपते हैं? जब किसी नगर पर विपत्ति आती है, तो क्या यह याहवेह की ओर से नहीं होता?

  14. आमोस ३:७लगभग ७८७ ई.पू.

    निश्चित रूप से प्रभु याहवेह अपने सेवक भविष्यवक्ताओं पर अपनी योजना प्रकट किए बिना कुछ भी नहीं करते.

  15. आमोस ३:८लगभग ७८७ ई.पू.

    जब सिंह की गर्जना सुनाई देती है— तो कौन है, जो भयभीत न होगा? प्रभु याहवेह ने कहा है— तो कौन है, जो भविष्यवाणी न करेगा?

  16. आमोस ३:९लगभग ७८७ ई.पू.

    अशदोद के राजमहलों में और मिस्र देश के राजमहलों में यह घोषणा की जाए: “शमरिया के पर्वतों पर इकट्‍ठे हो जाओ; और उसके बीच हो रहे शोरगुल और उसके लोगों पर हो रहे अत्याचार पर ध्यान दो.”

  17. आमोस ३:१०लगभग ७८७ ई.पू.

    “वे सही काम करना जानते ही नहीं,” यह याहवेह का कहना है, “उनके लूटे और छीने गये माल को उनके राजमहलों में किसने इकट्ठा किया है.”

  18. आमोस ३:११लगभग ७८७ ई.पू.

    तब प्रभु याहवेह का यह संदेश है: “एक शत्रु तुम्हारे देश को घेर लेगा, वह तुम्हारे भवनों को गिरा देगा और तुम्हारे राजमहलों को लूटेगा.”

  19. आमोस ३:१२लगभग ७८७ ई.पू.

    याहवेह का यह कहना है: “जिस प्रकार चरवाहा छुड़ाने के प्रयास में सिंह के मुंह से सिर्फ पैर की दो हड्डी या कान का एक टुकड़ा ही बचा पाता है, उसी प्रकार से वे इस्राएली, जो शमरिया में निवास करते हैं, ऐसे बचाए जायेंगे, जैसे पलंग का सिरहाना और बिस्तर से कपड़े का एक टुकड़ा.”

  20. आमोस ३:१३लगभग ७८७ ई.पू.

    “यह बात सुनो और याकोब के घराने विरुद्ध में कहो,” प्रभु याहवेह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर की यह घोषणा है.

  21. आमोस ३:१४लगभग ७८७ ई.पू.

    “जिस दिन मैं इस्राएल को उसके पापों के लिए दंड दूंगा, मैं बेथेल की वेदियों को नष्ट कर दूंगा; वेदी के सींग जो वेदी की संरचना का अंग हैं, काट दिए जाएंगे और वे भूमि पर गिर पड़ेंगे.

  22. आमोस ३:१५लगभग ७८७ ई.पू.

    मैं शीतकालीन भवन और साथ में ग्रीष्मकालीन भवन को गिरा दूंगा; वे भवन, जो हाथी-दांत से सजाए गये हैं, नाश किए जायेंगे और हवेलियों को नष्ट कर दिया जाएगा,” यह याहवेह का कहना है.

  23. आमोस ४:१लगभग ७८७ ई.पू.

    शमरिया की पहाड़ी पर निवास कर रही बाशान की गायों, यह संदेश तुम्हारे लिए है, तुम निर्धनों पर अत्याचार करती हो, ज़रूरतमंदों को कुचलती हो, अपने पति को आदेश देती हो, “जाओ, पीने के लिए कुछ ले आओ!”

  24. आमोस ४:२लगभग ७८७ ई.पू.

    प्रभु याहवेह ने अपनी पवित्रता की शपथ ली है: “भविष्य में ऐसा समय निश्चित रूप से आएगा जब तुम्हें कांटों में फंसाकर ले जाया जाएगा, तुममें से एक-एक को मछली पकड़ने के कांटों में फंसाकर ले जाया जाएगा.

  25. आमोस ४:३लगभग ७८७ ई.पू.

    तुममें से प्रत्येक दीवार के दरारों से सीधा निकल जाएगा, और तुम्हें हर्मोन की ओर फेंक दिया जाएगा.” याहवेह की यह घोषणा है.