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circa 1446 BC

Sinai & The Law

God meets Israel at Mount Sinai, reveals the Ten Commandments, and establishes the Tabernacle and the priestly covenant.

1,657 वचन · 2 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. निर्गमन ३९:३४लगभग १४९१ ई.पू.

    मेढ़े की खालों का ओढ़ना जो लाल रंग से रंगी गई थी, सूंस की खाल का ओढ़ना तथा पर्दा;

  2. निर्गमन ३९:३५लगभग १४९१ ई.पू.

    संदूक, डंडों समेत करुणासन, बीच वाला पर्दा;

  3. निर्गमन ३९:३६लगभग १४९१ ई.पू.

    मेज़ और उसके सभी सामान, भेंट की रोटी,

  4. निर्गमन ३९:३७लगभग १४९१ ई.पू.

    सारे सामान सहित, दीवट उसकी सजावट के दीपक, और दीये के लिए तेल,

  5. निर्गमन ३९:३८लगभग १४९१ ई.पू.

    सोने की वेदी और अभिषेक का तेल, सुगंधधूप और तंबू के द्वार का पर्दा;

  6. निर्गमन ३९:३९लगभग १४९१ ई.पू.

    कांसे की वेदी और उसकी कांसे की झंझरी, उसके डंडे तथा उसके सामान; कांसे की हौदी;

  7. निर्गमन ३९:४०लगभग १४९१ ई.पू.

    आंगन के द्वार का पर्दा, उसके खंभे और कुर्सियां सहित आंगन का पर्दा; उसकी डोरियां, उसकी खूंटियां; तथा मिलनवाले तंबू के पवित्र स्थान का सारा सामान;

  8. निर्गमन ३९:४१लगभग १४९१ ई.पू.

    पवित्र स्थान में सेवा के अवसर पर पहनने के बुने हुए वस्त्र, अहरोन तथा उनके पुत्रों के लिए पवित्र वस्त्र, जो पुरोहित के पद पर कार्य करते समय पहनकर जाना था.

  9. निर्गमन ३९:४२लगभग १४९१ ई.पू.

    इस प्रकार इस्राएलियों ने वह सब काम पूरा किया, जिसकी याहवेह ने मोशेह को आज्ञा दी थी.

  10. निर्गमन ३९:४३लगभग १४९१ ई.पू.

    मोशेह ने उन सब कामों को जांचा जो उन्होंने किया था, और सब काम जैसी याहवेह की आज्ञा थी, उसी के अनुसार ही किया गया था. फिर मोशेह ने सबको आशीष दी.

  11. निर्गमन ४०:१लगभग १४९१ ई.पू.

    फिर याहवेह ने मोशेह से कहा:

  12. निर्गमन ४०:२लगभग १४९१ ई.पू.

    “पहले महीने के पहले दिन मिलनवाले तंबू के पवित्र स्थान को खड़ा कर देना.

  13. निर्गमन ४०:३लगभग १४९१ ई.पू.

    उसमें साक्षी पत्र के संदूक को रखकर बीचवाले पर्दे के पीछे रख देना.

  14. निर्गमन ४०:४लगभग १४९१ ई.पू.

    मेज़ का सारा सामान लेकर उसे अंदर ले आना, फिर दीप स्तंभों को ले आना और दीयों को जला देना.

  15. निर्गमन ४०:५लगभग १४९१ ई.पू.

    साक्षी पत्र के संदूक के सामने सोने की वेदी को, जो धूप के लिए है, उसे रखना और पवित्र स्थान के पर्दे को लगा देना.

  16. निर्गमन ४०:६लगभग १४९१ ई.पू.

    “और पवित्र स्थान के प्रवेश द्वार पर, अर्थात् मिलनवाले तंबू के सामने, होमबलि की वेदी को रखना.

  17. निर्गमन ४०:७लगभग १४९१ ई.पू.

    मिलनवाले तंबू और वेदी के बीच हौद में पानी भरकर रखना.

  18. निर्गमन ४०:८लगभग १४९१ ई.पू.

    तुम इसके चारों तरफ आंगन बनाना और आंगन के द्वार पर पर्दा लगाना.

  19. निर्गमन ४०:९लगभग १४९१ ई.पू.

    “फिर अभिषेक का तेल लेकर पवित्र स्थान और जो कुछ उसमें हैं, सबका अभिषेक करना और पवित्र करना.

  20. निर्गमन ४०:१०लगभग १४९१ ई.पू.

    तुम होमबलि की वेदी और उसके सब सामान को अभिषेक करना, तब वेदी महा पवित्र हो जायेगी.

  21. निर्गमन ४०:११लगभग १४९१ ई.पू.

    और पाए समेत हौदी का भी अभिषेक करके पवित्र करना.

  22. निर्गमन ४०:१२लगभग १४९१ ई.पू.

    “फिर अहरोन एवं उनके पुत्रों को मिलनवाले तंबू के द्वार पर नहलाना.

  23. निर्गमन ४०:१३लगभग १४९१ ई.पू.

    और अहरोन को पवित्र वस्त्र पहनाना, और उनका अभिषेक करके उनको पवित्र करना, ताकि वह मेरे लिए पुरोहित होकर मेरी सेवा करे.

  24. निर्गमन ४०:१४लगभग १४९१ ई.पू.

    फिर उनके पुत्रों को उनके वस्त्र पहनाना.

  25. निर्गमन ४०:१५लगभग १४९१ ई.पू.

    और उनका भी अभिषेक उसी प्रकार करना, जिस प्रकार उनके पिता का किया था, ताकि वे भी मेरी सेवा कर सकें. उनका यह अभिषेक उनकी पीढ़ी से पीढ़ी तक पुरोहित होकर मेरी सेवा का चिन्ह रहेगा.”