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circa 1446 BC

Sinai & The Law

God meets Israel at Mount Sinai, reveals the Ten Commandments, and establishes the Tabernacle and the priestly covenant.

1,657 वचन · 2 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. निर्गमन ३९:९लगभग १४९१ ई.पू.

    इसे मोड़कर दो भाग बनाए, और इसका आकार चौकोर था, यह साढ़े बाईस सेंटीमीटर लंबा तथा साढ़े बाईस सेंटीमीटर चौड़ा था.

  2. निर्गमन ३९:१०लगभग १४९१ ई.पू.

    इस पर उन्होंने मणियों की चार पंक्तियां बनाई. पहली पंक्ति में एक माणिक्य, एक पुखराज और एक मरकत थे.

  3. निर्गमन ३९:११लगभग १४९१ ई.पू.

    दूसरी पंक्ति में एक लाल मणि, एक नीलम और एक हीरा लगाए.

  4. निर्गमन ३९:१२लगभग १४९१ ई.पू.

    तीसरी पंक्ति में एक तृणमणि, एक यशब और एक याकूत.

  5. निर्गमन ३९:१३लगभग १४९१ ई.पू.

    चौथी पंक्ति में एक स्वर्णमणि, एक सुलेमानी और एक सूर्यकांत मणि; इन्हें नक्काशी किए हुए सोने के खांचों में लगा दिये.

  6. निर्गमन ३९:१४लगभग १४९१ ई.पू.

    ये इस्राएल के बारह पुत्रों के अनुसार बारह मणियां थी. हर मणि पर बारह गोत्रों में से एक नाम लिखे गये, जिस तरह एक कारीगर मुहर पर खोदता है. एक मणि पर इस्राएल के बारह गोत्रों में से एक का नाम था.

  7. निर्गमन ३९:१५लगभग १४९१ ई.पू.

    वक्षपेटिका के लिए बंटी हुई डोरियों के रूप में सोने की गुंथी हुई जंजीर बनवाया.

  8. निर्गमन ३९:१६लगभग १४९१ ई.पू.

    वक्षपेटिका के लिए सोने के दो कड़े भी बनवाये, और इन दोनों कड़ों को वक्षपेटिका के दोनों सिरों पर लगवाये.

  9. निर्गमन ३९:१७लगभग १४९१ ई.पू.

    इसके बाद सोने की इन दोनों डोरियों को वक्षपेटिका के सिरों में लगे हुए दोनों कड़ों में लगवाये.

  10. निर्गमन ३९:१८लगभग १४९१ ई.पू.

    उन्होंने दोनों डोरियों के दूसरे सिरों को नक्काशी किए हुए दोनों खांचों में जुड़वाये. उन्हें एफ़ोद के कंधों में सामने की ओर लगवाये.

  11. निर्गमन ३९:१९लगभग १४९१ ई.पू.

    उन्होंने फिर सोने के दो और कड़े बनाकर इन्हें वक्षपेटिका के सिरों पर अंदर की ओर एफ़ोद से सटाकर लगवाये.

  12. निर्गमन ३९:२०लगभग १४९१ ई.पू.

    फिर उन्होंने दो कड़े बनाए और उन्हें एफ़ोद के कंधों की तरफ़ की छोर के सामने की तरफ़ से मिला दिया, जो एफ़ोद की बुनी हुई पट्टी के पास से थी.

  13. निर्गमन ३९:२१लगभग १४९१ ई.पू.

    उन्होंने वक्ष पटल को उसके कड़ों के द्वारा एफ़ोद के कड़ों से एक नीले रंग की रस्सी द्वारा बांध दिया, जिससे यह अब एफ़ोद के बुने हुए भाग पर जुड़ गया, जिससे वक्ष पटल एवं एफ़ोद एक दूसरे से जुड़े रहते थे. यह सब याहवेह द्वारा मोशेह से कहे गये वचन के अनुसार किया गया.

  14. निर्गमन ३९:२२लगभग १४९१ ई.पू.

    फिर उन्होंने एफ़ोद का पूरा अंगरखा नीले कपड़े का बनवाया.

  15. निर्गमन ३९:२३लगभग १४९१ ई.पू.

    इस वस्त्र के बीच में एक छेद था. छेद के चारों ओर एक कोर बनाया ताकि वह फट न पाए.

  16. निर्गमन ३९:२४लगभग १४९१ ई.पू.

    इस वस्त्र की किनारी पर नीली, बैंगनी तथा लाल, सूक्ष्म बंटी हुई सन के रेशों से अनार बनाए.

  17. निर्गमन ३९:२५लगभग १४९१ ई.पू.

    उन्होंने सोने की घंटियां भी बनाईं और इन्हें वस्त्र की किनारी के चारों ओर अनारों के बीच में लगा दिया.

  18. निर्गमन ३९:२६लगभग १४९१ ई.पू.

    वस्त्र में एक अनार, फिर एक घंटी, और एक अनार फिर एक घंटी लगाई गई कि वह वस्त्र पहनकर सेवा का काम करें. यह वैसा ही किया जैसा याहवेह ने मोशेह से कहा था.

  19. निर्गमन ३९:२७लगभग १४९१ ई.पू.

    अहरोन एवं उनके पुत्रों के लिए उन्होंने मलमल के कुर्ते,

  20. निर्गमन ३९:२८लगभग १४९१ ई.पू.

    पगड़ियां एवं टोपियां और जांघिया बनाई.

  21. निर्गमन ३९:२९लगभग १४९१ ई.पू.

    उन्होंने नीले, बैंगनी तथा लाल रंग के मलमल से पगड़ी बनाई, जैसा याहवेह ने मोशेह को आज्ञा दी थी.

  22. निर्गमन ३९:३०लगभग १४९१ ई.पू.

    शुद्ध सोने की एक पट पर मुहर के समान ये अक्षर खोदे गए: याहवेह के लिए पवित्र.

  23. निर्गमन ३९:३१लगभग १४९१ ई.पू.

    उन्होंने उसमें एक नीला फीता लगाया कि वह पगड़ी के ऊपर रहे—जैसा याहवेह ने मोशेह को आज्ञा दी थी.

  24. निर्गमन ३९:३२लगभग १४९१ ई.पू.

    इस प्रकार मिलनवाले तंबू और पवित्र स्थान का काम पूरा हुआ. इस्राएलियों ने सब कुछ वैसा ही किया, जैसे जैसे याहवेह ने मोशेह को आज्ञा दी थी.

  25. निर्गमन ३९:३३लगभग १४९१ ई.पू.

    फिर वे पवित्र स्थान की सब वस्तुएं मोशेह के पास लाए: अर्थात् तंबू, इसकी अंकुड़ियों, तख्ते, छड़ें, खंभे तथा कुर्सियां;