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The Tribe Of Simeon के बारे में बाइबल के वचन

50 वचन · 21 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. दूसरा पासा शिमओन गोत्र के नाम पड़ा, शिमओन वंशजों के कुलों के नाम, उनके परिवारों के अनुसार. उनकी मीरास यहूदाह गोत्रजों की मीरास के मध्य हो गई.

  2. परिणामस्वरूप, मीरास के रूप में: उन्हें बेअरशेबा अथवा शीबा, मोलादाह,

  3. हाज़र-शूआल, बालाह, एज़ेम,

  4. एलतोलद, बतूल, होरमाह,

  5. ज़िकलाग, बेथ-मरकाबोथ, हाज़र-सूसाह,

  6. बेथ-लबाओथ तथा शारूहेन; उनके गांवों सहित तेरह नगर.

  7. एइन, रिम्मोन, एतेर तथा आशान; चार नगर उनके गांवों सहित.

  8. इनके अतिरिक्त इन सभी नगरों के आस-पास के गांव भी, जो बालथ-बएर, नेगेव की सीमा तक फैले हुए थे. यह शिमओन गोत्र के कुलों की उनके परिवारों के अनुसार दी गयी मीरास थी.

  9. यहूदाह वंशजों ने अपने भाई शिमओन वंशजों से कहा, “हमें दी गई जगह में आ जाओ, कि हम कनानियों से युद्ध करें तथा समय आने पर मैं तुम्हें दी गई जगह में आकर युद्ध करूंगा.” शिमओन वंशज इसके लिए राज़ी हो गये.

  10. तब यहूदाह वंशजों ने अपने भाई शिमओन वंशजों के साथ जाकर सेफथ में निवास कर रहे कनानियों को मार दिया, और नगर का पूरा विनाश कर दिया. सो इस नगर का नाम होरमाह पड़ गया.

  11. वे बेअरशेबा, मोलादाह, हाज़र-शूआल,

  12. बिल्हा, एज़ेम, तोलाद,

  13. बेथुएल, होरमाह, ज़िकलाग,

  14. बेथ-मरकाबोथ, हाज़र-सुसिम, बेथ-बिरी और शअरयिम नगरों में निवास करते थे. जब तक दावीद का शासन रहा, ये इन्हीं के नगर रहे.

  15. उनके आस-पास के गांवों के नाम थे, एथाम, एइन, रिम्मोन, तोकेन और आशान, पांच गांव.

  16. ये गांव उन नगरों के आस-पास ही थे. इनका विस्तार बाल नामक नगर तक था. ये इन्हीं के द्वारा बसाए गए नगर थे. ये अपनी वंशावली का लेखा भी रखते थे:

  17. उन्होंने घाटी की पूर्वी दिशा की ओर, गेदोर के फाटक की ओर बढ़ना शुरू किया, कि उन्हें अपने भेड़-बकरियों के लिए चरागाह मिल जाए.

  18. यहां उन्हें उत्तम और उपजाऊ चरागाह मिल गया, भूभाग भी बहुत ही फैला हुआ था. यहां शांति थी, चैन था क्योंकि इसके पहले यहां के निवासी हाम के वंश थे.

  19. ये, जिनके नाम यहां लिखे हैं, यहूदिया के राजा हिज़किय्याह के शासनकाल में आए, उन्होंने वहां के मिऊनियों को और उनके शिविरों को नष्ट कर दिया. वे उनके स्थान पर वहां रहने लगे, क्योंकि यहां उनके पशुओं के लिए चरागाह था.

  20. शिमओन के पुत्रों में से पांच सौ पुरुष वहां से सेईर पर्वत को गए. इशी के पुत्र, पेलातियाह, नेअरियाह, रेफ़ाइयाह और उज्ज़िएल उनके प्रधान थे.

  21. उन्होंने अमालेकियों के भाग को, जो जीवित बचकर यहां आए हुए थे, नष्ट कर दिया, जो अब तक वहां रहते आ रहे थे.

  22. शिमओन से वीर योद्धा 7,100;

  23. इस्राएल के गोत्रों का प्रबंधन: रियूबेन: ज़ीकरी का पुत्र एलिएज़र; शिमओन: माकाह का पुत्र शेपाथियाह;

  24. तब उसने सारे यहूदिया, बिन्यामिन और इनके अलावा एफ्राईम, मनश्शेह और शिमओन के रहनेवालों को इकट्ठा होने को कहा. इस्राएल राज्य से अनेक यहां आकर बस गए थे, क्योंकि उन्होंने यह देखा, कि याहवेह, उनके परमेश्वर उनके साथ थे.

  25. मनश्शेह, एफ्राईम शिमओन में भी, यहां कि नफताली और उसके पास के क्षेत्रों में, उसने वेदियां गिरा दीं,