The Tribe Of Simeon के बारे में बाइबल के वचन
प्रमुख बाइबल वचन
लियाह का एक और पुत्र पैदा हुआ. उसने कहा, “क्योंकि याहवेह ने यह सुन लिया कि मैं प्रिय नहीं हूं और मुझे यह एक और पुत्र दिया.” उसने उसका नाम शिमओन रखा.
“शिमओन तथा लेवी भाई-भाई हैं; उनकी तलवारें हिंसा का साधन हैं.
ऐसा कभी न हो कि मुझे उनकी सभा में जाना पड़े, मैं उनकी सभाओं से न जुडूं, क्योंकि गुस्से में उन्होंने मनुष्यों को मार डाला तथा सनक में उन्होंने बैलों की नसें काट दी.
शापित है उनका क्रोध जो भीषण हैं और उनका ऐसा गुस्सा, जो निर्दयी और क्रूर है! मैं उन्हें याकोब में बांट दूंगा. और उन्हें इस्राएल में तितर-बितर कर दूंगा.
शिमओन से ज़ुरीशद्दाय का पुत्र शेलुमिएल;
शिमओन के वंशज: बीस अथवा इससे अधिक आयु के वे सारे पुरुष, जो युद्ध के लिए योग्य थे, उनके कुटुंब, उनके पितरों एवं परिवारों के अनुसार;
शिमओन के गोत्र से 59,300.
इसके पास वाला शिविर होगा शिमओन गोत्र का, तथा उनका प्रधान होगा ज़ुरीशद्दाय का पुत्र शेलुमिएल.
इनके सैनिकों की संख्या है 59,300.
पांचवें दिन ज़ुरीशद्दाय के पुत्र शेलुमिएल ने जो शिमओन गोत्र का प्रधान था, उसने भेंट चढ़ाई.
उसने पवित्र स्थान की तौल के अनुसार एक सौ तीस शेकेल चांदी की परात तथा सत्तर शेकेल की चांदी की कटोरी में अन्नबलि के रूप में तेल मिला हुआ मैदा,
सुगंधित धूप से भरा हुआ दस शेकेल सोने का धूपदान;
होमबलि के लिए एक बछड़ा, एक मेढ़ा, एक, एक वर्ष का नर मेमना;
पापबलि के लिए एक बकरा;
मेल बलि चढ़ाने के लिए दो बछड़े, पांच मेढ़े, पांच बकरे, और एक वर्ष के पांच नर मेमने चढ़ाए. यह ज़ुरीशद्दाय के पुत्र शेलुमिएल द्वारा चढ़ाई गई थी.
इनके बाद रियूबेन गोत्र की छावनी के झंडे के साथ शेदेउर के पुत्र एलिज़ुर के नेतृत्व में सेना ने कूच किया.
इनके साथ थे शिमओन के गोत्र की सेना, जिनका सेनापति था ज़ुरीशद्दाय का पुत्र शेलुमिएल.
शिमओन के गोत्र से होरी का पुत्र शाफात;
महामारी से मरने वालों की संख्या 24,000 पहुंच गई.
उस इस्राएली व्यक्ति का नाम, जिसको उस मिदियानी स्त्री के साथ मारा गया था, ज़िमरी था, जिसका पिता सालू था, जो शिमओन के गोत्र से उनके घराने का प्रधान था.
शिमओन के गोत्र के ये परिवार थे: नमूएल से नमूएल के परिवार; यामिन से यामिन परिवार; याकिन से याकिन परिवार;
ज़ेराह से जेराही परिवार; शाऊल से शाऊल परिवार.
शिमओन के परिवार समूह में वे परिवार थे; इसमें कुल 22,200 पुरुष थे.
शिमओन के वंशजों में से अम्मीहूद का पुत्र शमुएल;
जब तुम यरदन नदी को पार करोगे, गेरिज़िम पर्वत पर खड़े होकर लोगों के लिए आशीर्वाद देने के लिए तय व्यक्ति इन गोत्रों से होंगे: शिमओन, लेवी, यहूदाह, इस्साखार, योसेफ़ और बिन्यामिन.