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circa 1446 BC

Sinai & The Law

God meets Israel at Mount Sinai, reveals the Ten Commandments, and establishes the Tabernacle and the priestly covenant.

1,657 वचन · 2 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. निर्गमन १९:२२लगभग १४९१ ई.पू.

    और पुरोहित भी, जो मेरे पास आने के लिए अलग किए गए हैं, वे भी अपने आपको पवित्र करें, ताकि याहवेह उन्हें नष्ट न करें.”

  2. निर्गमन १९:२३लगभग १४९१ ई.पू.

    मोशेह ने याहवेह से कहा, “लोग सीनायी पर्वत पर नहीं आएंगे, क्योंकि आप पहले ही बता चुके हैं कि पर्वत के आस-पास बाड़ा लगाकर उसे पवित्र रखना.”

  3. निर्गमन १९:२४लगभग १४९१ ई.पू.

    याहवेह ने मोशेह से कहा, “तुम नीचे जाओ और फिर तुम और अहरोन दोनों पर्वत पर आना. परंतु इस्राएली और पुरोहित सीमा पार न करने पाएं.”

  4. निर्गमन १९:२५लगभग १४९१ ई.पू.

    मोशेह पर्वत से नीचे आए और लोगों को सब बातें बताईं.

  5. निर्गमन २०:१लगभग १४९१ ई.पू.

    तब परमेश्वर ने कहा:

  6. निर्गमन २०:२लगभग १४९१ ई.पू.

    “मैं ही हूं याहवेह, तुम्हारा परमेश्वर, जिसने तुम्हें मिस्र देश के बंधन से छुड़ाया.

  7. निर्गमन २०:३लगभग १४९१ ई.पू.

    “मेरे अलावा तुम किसी दूसरे को ईश्वर नहीं मानोगे.

  8. निर्गमन २०:४लगभग १४९१ ई.पू.

    तुम अपने लिए न तो आकाश की, न पृथ्वी की, और न जल की किसी वस्तु की मूर्ति बनाना.

  9. निर्गमन २०:५लगभग १४९१ ई.पू.

    न इनमें से किसी को दंडवत करना और न उसकी आराधना करना—मैं, याहवेह, जो तुम्हारा परमेश्वर हूं, जलन रखनेवाला परमेश्वर हूं, जो मुझे अस्वीकार करते हैं, मैं उनके पापों का प्रतिफल उनके बेटों को, पोतों और परपोतों को तक दूंगा,

  10. निर्गमन २०:६लगभग १४९१ ई.पू.

    किंतु उन हजारों पीढ़ियों पर, जिन्हें मुझसे प्रेम है तथा जो मेरे आदेशों का पालन करते हैं, अपनी करुणा प्रकट करता रहूंगा.

  11. निर्गमन २०:७लगभग १४९१ ई.पू.

    तुम याहवेह, अपने परमेश्वर के नाम का गलत इस्तेमाल नहीं करोगे, क्योंकि याहवेह उस व्यक्ति को बिना दंड दिए नहीं छोड़ेंगे, जो याहवेह का नाम व्यर्थ में लेता है.

  12. निर्गमन २०:८लगभग १४९१ ई.पू.

    शब्बाथ को पवित्र दिन के रूप में मानने को याद रखो.

  13. निर्गमन २०:९लगभग १४९१ ई.पू.

    छः दिन मेहनत करते हुए तुम अपने सारे काम पूरे कर लोगे,

  14. निर्गमन २०:१०लगभग १४९१ ई.पू.

    मगर सातवां दिन याहवेह तुम्हारे परमेश्वर का शब्बाथ है; इस दिन तुम कोई भी काम नहीं करोगे; तुम, तुम्हारे पुत्र-पुत्रियां, तुम्हारे पुरुष अथवा महिला सेवक न तुम्हारे सारे पशु अथवा तुम्हारे यहां रहनेवाले विदेशी, तुम्हारे सेवक-सेविकाएं भी तुम्हारे समान विश्राम करें.

  15. निर्गमन २०:११लगभग १४९१ ई.पू.

    क्योंकि याहवेह ने इन छः दिनों में आकाशमंडल और पृथ्वी, तथा समुद्र और सभी की सृष्टि की, तथा सातवें दिन याहवेह ने कोई काम नहीं किया; तब याहवेह ने सातवें दिन को पवित्र ठहराया.

  16. निर्गमन २०:१२लगभग १४९१ ई.पू.

    तुम अपने पिता एवं अपनी माता का आदर करना, ताकि वह देश, जो याहवेह तुम्हारे परमेश्वर, तुम्हें देनेवाले हैं, उसमें तुम बहुत समय तक रह पाओ.

  17. निर्गमन २०:१३लगभग १४९१ ई.पू.

    तुम मानव हत्या नहीं करना.

  18. निर्गमन २०:१४लगभग १४९१ ई.पू.

    तुम व्यभिचार नहीं करना.

  19. निर्गमन २०:१५लगभग १४९१ ई.पू.

    तुम चोरी नहीं करना.

  20. निर्गमन २०:१६लगभग १४९१ ई.पू.

    तुम अपने पड़ोसी के विरुद्ध झूठी गवाही नहीं देना.

  21. निर्गमन २०:१७लगभग १४९१ ई.पू.

    तुम अपने पड़ोसी के घर का लालच नहीं करना; तुम अपने पड़ोसी की पत्नी का लालच नहीं करना; न किसी सेवक, सेविका का; अथवा उसके बैल अथवा गधे का—उसकी किसी भी वस्तु का लालच नहीं करना.”

  22. निर्गमन २०:१८लगभग १४९१ ई.पू.

    सभी इस्राएली बादल के गरजने तथा बिजली के चमकने तथा नरसिंगे के शब्द एवं पर्वत से धुंआ उठते हुए देखते रहे, और डरते और कांपते हुए दूर खड़े रहे.

  23. निर्गमन २०:१९लगभग १४९१ ई.पू.

    उन्होंने मोशेह से कहा, “स्वयं आप ही हमसे बात कीजिए, किंतु परमेश्वर को हमसे बात न करने दीजिए. कहीं ऐसा न हो, कि हम मर जाएं.”

  24. निर्गमन २०:२०लगभग १४९१ ई.पू.

    मोशेह ने लोगों से कहा, “डरो मत; क्योंकि परमेश्वर यहां इसलिये आए हैं कि वह तुम्हें जांचें, ताकि उनके प्रति तुम्हारे मन में भय और श्रद्धा हो और तुम पाप न करो.”

  25. निर्गमन २०:२१लगभग १४९१ ई.पू.

    तब लोग दूर ही खड़े रहे, किंतु मोशेह उस घने बादल की ओर बढ़ते गए, जहां परमेश्वर की उपस्थिति थी.