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circa 1446 BC

Sinai & The Law

God meets Israel at Mount Sinai, reveals the Ten Commandments, and establishes the Tabernacle and the priestly covenant.

1,657 वचन · 2 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. निर्गमन २८:५लगभग १४९१ ई.पू.

    वे सुनहरे, नीले, बैंगनी और लाल रंग के कपड़े और मलमल का उपयोग करें.

  2. निर्गमन २८:६लगभग १४९१ ई.पू.

    “तुम एक कुशल शिल्पकार द्वारा सोने के तारों से, नीले, बैंगनी और लाल रंग के कपड़ों तथा बंटी हुई मलमल से, एफ़ोद बनवाना.

  3. निर्गमन २८:७लगभग १४९१ ई.पू.

    एफ़ोद को जोड़ने के लिए कंधों की पट्टियां बनाना और कंधे की इन पट्टियों को एफ़ोद के कंधे से उसके दोनों भाग जोड़ देना.

  4. निर्गमन २८:८लगभग १४९१ ई.पू.

    कमरबंध एफ़ोद के साथ बुना हुआ हो और एक ही प्रकार की सामग्री से बना हो, अर्थात् सुनहरे, नीले, बैंगनी और लाल रंग के कपड़ों से और बंटी हुई मलमल से बनाना.

  5. निर्गमन २८:९लगभग १४९१ ई.पू.

    “सुलेमानी दो मणियों पर इस्राएल के पुत्रों के नाम खुदवाना,

  6. निर्गमन २८:१०लगभग १४९१ ई.पू.

    उनके जन्म के अनुसार, एक मणि पर छः नाम और दूसरी मणि पर बाकी छः नाम खुदवाना.

  7. निर्गमन २८:११लगभग १४९१ ई.पू.

    जिस प्रकार जौहरी मुद्राओं को खोदता है, उसी प्रकार इन दोनों मणियों पर इस्राएल के पुत्रों के नाम खुदवाना. उन्हें सोने के खांचों में जड़वा देना.

  8. निर्गमन २८:१२लगभग १४९१ ई.पू.

    इन दोनों मणियों को इस्राएल के पुत्रों के यादगार मणियों के रूप में एफ़ोद के कंधे में लगवाना. अहरोन अपने दोनों कंधों पर उनके नाम याहवेह के सामने याद कराने वाली ये मणि हो.

  9. निर्गमन २८:१३लगभग १४९१ ई.पू.

    फिर सोने के खाने बनवाना.

  10. निर्गमन २८:१४लगभग १४९१ ई.पू.

    और रस्सियों के समान गुंथी हुई कुन्दन की दो जंजीरें बनवाना और इन गुंथी हुई जंजीरों को खांचों में लगवाना.

  11. निर्गमन २८:१५लगभग १४९१ ई.पू.

    “तुम एक कुशल शिल्पकार द्वारा न्याय की पेटी बनवाना, उसे बेलबूटेदार एफ़ोद के समान बनवाना. उसे सुनहरे, नीले, बैंगनी और लाल रंग के कपड़े तथा बंटी हुई मलमल से बनवाना.

  12. निर्गमन २८:१६लगभग १४९१ ई.पू.

    वक्ष पटल को मोड़कर दो भाग बनाना. और इसका आकार चौकोर हो, और यह साढ़े बाईस सेंटीमीटर लंबा तथा साढ़े बाईस सेंटीमीटर चौड़ा हो.

  13. निर्गमन २८:१७लगभग १४९१ ई.पू.

    उसमें मणियों की चार पंक्तियां लगवाना. पहली पंक्ति में एक माणिक्य, एक पुखराज और एक मरकत हो.

  14. निर्गमन २८:१८लगभग १४९१ ई.पू.

    दूसरी पंक्ति में एक लाल मणि, एक नीलम और एक हीरा हो.

  15. निर्गमन २८:१९लगभग १४९१ ई.पू.

    तीसरी पंक्ति में एक तृणमणि, एक यशब और एक याकूत.

  16. निर्गमन २८:२०लगभग १४९१ ई.पू.

    चौथी पंक्ति में एक स्वर्णमणि, एक सुलेमानी और एक सूर्यकांत मणि इन्हें नक्काशी किए हुए सोने के खांचों में लगवाना.

  17. निर्गमन २८:२१लगभग १४९१ ई.पू.

    इस्राएल के बारह पुत्रों के अनुसार बारह मणियां हों. हर मणि पर बारह गोत्रों में से एक नाम लिखा हो जिस तरह मोहरों पर होता है.

  18. निर्गमन २८:२२लगभग १४९१ ई.पू.

    “वक्षपेटिका के लिए बंटी हुई डोरियों के रूप में सोने की गुंथी हुई जंजीर बनवाना.

  19. निर्गमन २८:२३लगभग १४९१ ई.पू.

    वक्षपेटिका के लिए सोने के दो कड़े भी बनवाना और इन दोनों कड़ों को वक्षपेटिका के दोनों सिरों पर लगवाना.

  20. निर्गमन २८:२४लगभग १४९१ ई.पू.

    इसके बाद सोने की इन दोनों डोरियों को वक्षपेटिका के सिरों में लगे हुए दोनों कड़ों में लगवाना.

  21. निर्गमन २८:२५लगभग १४९१ ई.पू.

    दोनों डोरियों के दूसरे सिरों को नक्काशी किए हुए दोनों खांचों में जुड़वाना. उन्हें एफ़ोद के कंधों में सामने की ओर लगवाना.

  22. निर्गमन २८:२६लगभग १४९१ ई.पू.

    फिर सोने के दो और कड़े बनवाकर इन्हें वक्षपेटिका के सिरों पर अंदर की ओर एफ़ोद से सटाकर लगवाना.

  23. निर्गमन २८:२७लगभग १४९१ ई.पू.

    दो कड़े बनवाना और उन्हें एफ़ोद के कंधों की तरफ़ की छोर के सामने की तरफ़ से मिला देना, जो एफ़ोद के बुनी हुई पट्टी के पास से हो.

  24. निर्गमन २८:२८लगभग १४९१ ई.पू.

    वक्ष पटल को उसके कड़ों के द्वारा एफ़ोद के कड़ों से एक नीले रंग की रस्सी द्वारा बांधना, जिससे यह अब एफ़ोद के बुने हुए भाग पर जुड़ जायें ताकि वक्ष पटल एवं एफ़ोद एक दूसरे से जुड़े रहेंगे.

  25. निर्गमन २८:२९लगभग १४९१ ई.पू.

    “जब अहरोन पवित्र स्थान में जाएगा, तब वह न्याय पेटी पर लिखे इस्राएल के नाम अपने हृदय पर लगाकर रखें जिससे याहवेह के सामने हमेशा उसे याद करते रहे.