मुख्य सामग्री पर जाएँ

circa 1446 BC

Sinai & The Law

God meets Israel at Mount Sinai, reveals the Ten Commandments, and establishes the Tabernacle and the priestly covenant.

1,657 वचन · 2 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. निर्गमन २८:३०लगभग १४९१ ई.पू.

    न्याय पेटी में उरीम और थुम्मीम को रखना, जिससे अहरोन उन्हें अपने हृदय पर लिए हुए याहवेह के सामने आए. इस प्रकार अहरोन याहवेह के सामने आते समय इस्राएल को हमेशा अपने हृदय पर लगाए रखे.

  2. निर्गमन २८:३१लगभग १४९१ ई.पू.

    “एफ़ोद का पूरा अंगरखा नीले कपड़े का बनवाना.

  3. निर्गमन २८:३२लगभग १४९१ ई.पू.

    बीच में सिर के लिए एक छेद हो और उस छेद के चारों ओर गिरेबां जैसी एक गोट हो, जिससे वह फटे नहीं.

  4. निर्गमन २८:३३लगभग १४९१ ई.पू.

    इस वस्त्र की किनारी पर नीली, बैंगनी तथा लाल सूक्ष्म बंटी हुई सन के रेशों से अनार बनवाना. सोने की घंटियां भी बनवाना और इन्हें वस्त्र की किनारी के चारों ओर अनारों के बीच में लगा देना.

  5. निर्गमन २८:३४लगभग १४९१ ई.पू.

    अंगरखे के निचले घेरे में एक अनार के बाद सोने की एक घंटी हो, फिर एक अनार के बाद फिर एक सोने की घंटी.

  6. निर्गमन २८:३५लगभग १४९१ ई.पू.

    अहरोन सेवा करते समय उसे पहन लेगा जब वह याहवेह के सामने पवित्र स्थान में जाएगा और उसमें से निकल आएगा, तो घण्टियों का शब्द सुनाई देगा, ऐसा नहीं होने पर उसकी मृत्यु हो जाएगी.

  7. निर्गमन २८:३६लगभग १४९१ ई.पू.

    “शुद्ध सोने की एक पट पर मुहर के समान ये अक्षर खोदे जायें: याहवेह के लिए पवित्र

  8. निर्गमन २८:३७लगभग १४९१ ई.पू.

    तुम उसे नीला फीता से सामने की ओर पगड़ी में बांधना

  9. निर्गमन २८:३८लगभग १४९१ ई.पू.

    अहरोन उसे अपने सिर पर रखे और इससे वह इस्राएलियों द्वारा चढ़ाए पवित्र चढ़ावों का दोष अहरोन अपने ऊपर उठाए रखे. वह उस पटिए को सदा अपने सिर पर उठाए रखे, जिससे याहवेह उससे खुश रहे.

  10. निर्गमन २८:३९लगभग १४९१ ई.पू.

    “कुर्ता और पगड़ी मलमल के और कमरबंध बेलबूटेदार हों.

  11. निर्गमन २८:४०लगभग १४९१ ई.पू.

    अहरोन के पुत्रों की मर्यादा और शोभा के लिए कुर्ता, कमरबंध ओर टोपी बनवाना.

  12. निर्गमन २८:४१लगभग १४९१ ई.पू.

    अपने भाई अहरोन और उसके पुत्रों को उन्हें पहनाना और उनका पुरोहित के रूप में अभिषेक करना. उन्हें पवित्र करना, जिससे वे मेरे लिए पुरोहित का काम कर सकें.

  13. निर्गमन २८:४२लगभग १४९१ ई.पू.

    “उनके शरीर ढकने के लिए मलमल के जांघिये बनवाना.

  14. निर्गमन २८:४३लगभग १४९१ ई.पू.

    उनकी लंबाई कमर से जांघ तक हो जब अहरोन और उसके पुत्र मिलनवाले तंबू में जायें अथवा पवित्र स्थान में सेवा करने के लिए वेदी के पास जायें, तब वे उस वस्त्र को पहनें, जिससे वे अपराधी न बनें और उनकी मृत्यु न हो. “यह उसके और उसके बाद होनेवाले उसके वंश के लिए स्थिर आदेश है.

  15. निर्गमन २९:१लगभग १४९१ ई.पू.

    “अब तुम उनको पवित्र करने के लिए एक निर्दोष बछड़ा तथा दो मेढ़ों को लाना.

  16. निर्गमन २९:२लगभग १४९१ ई.पू.

    उनको लेकर बिना खमीर रोटी तथा तेल से बनी बिना खमीर की पूरियां, तेल लगाई हुई बिना खमीर की रोटियां जिन्हें मैदे से तैयार किया गया हो, लेना.

  17. निर्गमन २९:३लगभग १४९१ ई.पू.

    इन सभी को तुम एक टोकरी में रखकर तथा बछड़े एवं मेढ़ों के साथ चढ़ाना.

  18. निर्गमन २९:४लगभग १४९१ ई.पू.

    तब तुम अहरोन और उसके पुत्रों को मिलनवाले तंबू के द्वार पर लाकर उनको नहलाना.

  19. निर्गमन २९:५लगभग १४९१ ई.पू.

    और अहरोन को कुर्ता तथा एफ़ोद का परिधान, एफ़ोद तथा वक्ष पटल पहनाकर उसे एफ़ोद के फ़ीते से बांध देना;

  20. निर्गमन २९:६लगभग १४९१ ई.पू.

    उसके सिर पर वह पगड़ी रखना तथा उस पगड़ी पर पवित्र मुकुट रख देना.

  21. निर्गमन २९:७लगभग १४९१ ई.पू.

    तब अभिषेक का तेल लेकर उसके सिर पर डालकर उसका अभिषेक करना.

  22. निर्गमन २९:८लगभग १४९१ ई.पू.

    फिर उसके पुत्रों को कुर्ते पहनाना.

  23. निर्गमन २९:९लगभग १४९१ ई.पू.

    अहरोन तथा उनके पुत्रों की कमर बांधकर उनके सिर पर टोपियां रख देना. ऐसे पुरोहित पद पर हमेशा उनका अधिकार हो जाएगा. “इस तरह अहरोन तथा उसके पुत्रों का अभिषेक करना.

  24. निर्गमन २९:१०लगभग १४९१ ई.पू.

    “इसके बाद बछड़े को मिलनवाले तंबू के सामने लाना और अहरोन के पुत्र उस बछड़े के सिर पर अपना हाथ रखें.

  25. निर्गमन २९:११लगभग १४९१ ई.पू.

    तब उस बछड़े को याहवेह के सामने मिलनवाले तंबू के द्वार पर बलि चढ़ाना.