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circa 1446 BC

Sinai & The Law

God meets Israel at Mount Sinai, reveals the Ten Commandments, and establishes the Tabernacle and the priestly covenant.

1,657 वचन · 2 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. निर्गमन २६:१३लगभग १४९१ ई.पू.

    और पर्दों की लंबाई में बचा हुआ भाग पवित्र स्थान के दोनों तरफ ढकने के लिए पैंतालीस-पैंतालीस सेंटीमीटर दोनों ओर लटका हुआ छोड़ देना.

  2. निर्गमन २६:१४लगभग १४९१ ई.पू.

    तंबू के लिए लाल रंग से रंगी हुई भेडों की खाल का एक ओढ़ना बनवाना और फिर उसके ऊपर लगाने के लिए सूस के चमड़े का एक और ओढ़ना बनवाना.

  3. निर्गमन २६:१५लगभग १४९१ ई.पू.

    “फिर पवित्र स्थान को खड़ा करने के लिए बबूल की लकड़ी के तख्ते बनवाना.

  4. निर्गमन २६:१६लगभग १४९१ ई.पू.

    हर तख्ते की लंबाई साढ़े चार मीटर और चौड़ाई साढ़े सड़सठ सेंटीमीटर की हो.

  5. निर्गमन २६:१७लगभग १४९१ ई.पू.

    तख्ते को जोड़ने के लिए दो समानांतर चूल्हे हों. पवित्र स्थान के सब तख्ते इसी तरह बनवाना.

  6. निर्गमन २६:१८लगभग १४९१ ई.पू.

    पवित्र स्थान के लिए बीस तख्ते दक्षिण की ओर बनवाना.

  7. निर्गमन २६:१९लगभग १४९१ ई.पू.

    उनके नीचे चांदी की चालीस कुर्सियां बनवाना जो तख्तों के नीचे रखी जायेंगी. हर तख्ते के नीचे उसकी दो चूलों के लिए दो कुर्सियां बनवाना.

  8. निर्गमन २६:२०लगभग १४९१ ई.पू.

    और इसी प्रकार उत्तर की ओर भी बीस तख्ते बनवाना.

  9. निर्गमन २६:२१लगभग १४९१ ई.पू.

    और चांदी की चालीस कुर्सियां, हर एक तख्ते के नीचे दो कुर्सियां बनवाना.

  10. निर्गमन २६:२२लगभग १४९१ ई.पू.

    पवित्र स्थान के पीछे पश्चिम की ओर छः तख्ते बनवाना.

  11. निर्गमन २६:२३लगभग १४९१ ई.पू.

    और पीछे के भाग के कोनों के लिए दो तख्ते बनवाना.

  12. निर्गमन २६:२४लगभग १४९१ ई.पू.

    कोने के दोनों तख्ते एक साथ जोड़ देना चाहिए. तले में दोनों तख्तों की खूंटियां चांदी के एक ही आधार में लगेंगी और दोनों भाग ऊपर से जुड़े हों, और नीचे का भाग अलग हो.

  13. निर्गमन २६:२५लगभग १४९१ ई.पू.

    इस प्रकार आठ तख्ते बनवाना, जिनके नीचे चांदी की सोलह कुर्सियां हों, हर तख्ते के नीचे दो कुर्सियां हों.

  14. निर्गमन २६:२६लगभग १४९१ ई.पू.

    “फिर बबूल की लकड़ी की छड़ें बनवाना. अर्थात् पवित्र स्थान की एक तरफ के तख्तों के लिए पांच छड़ें हों,

  15. निर्गमन २६:२७लगभग १४९१ ई.पू.

    और तथा पवित्र स्थान की दूसरी तरफ के तख्तों के लिए पांच कड़े तथा पवित्र स्थान के पश्चिमी दिशा के तख्ते के लिए पांच कड़े बनवाना.

  16. निर्गमन २६:२८लगभग १४९१ ई.पू.

    तख्ते के एक तरफ से दूसरी तरफ जाने के लिए तख्ते के बीच में कड़े बनवाना.

  17. निर्गमन २६:२९लगभग १४९१ ई.पू.

    तख्तों के ऊपर सोना लगवाना और कड़े में भी सोना लगवाना. लकड़े की डंड़ियों को भी सोना लगवाना.

  18. निर्गमन २६:३०लगभग १४९१ ई.पू.

    “इसी प्रकार पवित्र स्थान को बनाना, जैसे तुमको पर्वत पर दिखाया गया था.

  19. निर्गमन २६:३१लगभग १४९१ ई.पू.

    “फिर नीले, बैंगनी और लाल रंग के कपड़ों से और बंटी हुई मलमल से एक बीच वाला पर्दा बनवाना, जिस पर कढ़ाई के काम द्वारा करूबों के रूप बने हुए हों.

  20. निर्गमन २६:३२लगभग १४९१ ई.पू.

    बबूल की लकड़ी के चार खंभे बनवाना और उनके ऊपर सोना लगाना. इन खंभों पर पर्दों के लिए सोने की कड़ियां और चांदी की चार कुर्सियां बनवाना.

  21. निर्गमन २६:३३लगभग १४९१ ई.पू.

    बीचवाले पर्दे को अंकुड़ियों के नीचे लटकाकर उसकी आड़ में साक्षी पत्र का संदूक अंदर रखना. बीचवाले पर्दे के एक तरफ पवित्र स्थान तथा दूसरी तरफ परम पवित्र स्थान होगा.

  22. निर्गमन २६:३४लगभग १४९१ ई.पू.

    परम पवित्र स्थान में साक्षी पत्र के संदूक के ऊपर करुणासन को रखना.

  23. निर्गमन २६:३५लगभग १४९१ ई.पू.

    पर्दे के बाहर पवित्र स्थान के उत्तरी भाग में मेज़ रखना और उसके दक्षिण की ओर मेज़ के सामने दीया रखना.

  24. निर्गमन २६:३६लगभग १४९१ ई.पू.

    “तंबू के द्वार के लिए नीले, बैंगनी और लाल रंग के कपड़ों का तथा बंटी हुई बारीक़ सनी वाले कपड़ो की कढ़ाई का काम किया हुआ एक पर्दा बनवाना.

  25. निर्गमन २६:३७लगभग १४९१ ई.पू.

    इस पर्दे को लटकाने के लिए बबूल की लकड़ी के सोने से मढ़े हुए पांच खंभे बनवाना. उनकी कुण्डियां सोने की हों और उनके लिए कांसे की पांच कुर्सियां बनवाना.