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circa 1446 BC

Sinai & The Law

God meets Israel at Mount Sinai, reveals the Ten Commandments, and establishes the Tabernacle and the priestly covenant.

1,657 वचन · 2 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. निर्गमन २५:२८लगभग १४९१ ई.पू.

    डंडे बबूल की लकड़ी से बनाकर उस पर सोना चढ़ाना. डंडे के सहारे से ही मेज़ को उठाया जाए.

  2. निर्गमन २५:२९लगभग १४९१ ई.पू.

    तुम धूप के लिए थालियों, तवों, कटोरियों तथा सुराहियां, चम्मच सब सोने से बनवाना.

  3. निर्गमन २५:३०लगभग १४९१ ई.पू.

    मेज़ पर मेरे सामने भेंट की रोटी हमेशा रखना.

  4. निर्गमन २५:३१लगभग १४९१ ई.पू.

    “फिर शुद्ध सोने का एक दीपस्तंभ बनाना. उसके आधार तथा उसके डंडे को बनाना, और उसमें फूलों के समान प्याले बनाना. प्यालों के साथ कलियां और खिले हुए पुष्प हों. ये सभी चीज़ें सोना पीटकर एक ही इकाई में परस्पर जुड़ी हुई हो.

  5. निर्गमन २५:३२लगभग १४९१ ई.पू.

    दीये से छः डालियां निकलें, तीन एक तरफ और तीन दूसरी तरफ रखना.

  6. निर्गमन २५:३३लगभग १४९१ ई.पू.

    हर डाली में बादाम के फूल जैसी तीन कलियां और एक गांठ हों, और एक फूल दीये से बाहर निकली हुई, पूरी छः डालियों को इसी आकार से बनाना.

  7. निर्गमन २५:३४लगभग १४९१ ई.पू.

    दीये की डंडी में चार फूल बनाना, जिसमें बादाम के फूल के समान कलियां तथा पंखुड़ियां बनाना.

  8. निर्गमन २५:३५लगभग १४९१ ई.पू.

    दीये से निकली हुई छः डालियों में से दो-दो डालियों के नीचे एक-एक गांठ हों और दीये समेत एक ही टुकड़े से बने हो.

  9. निर्गमन २५:३६लगभग १४९१ ई.पू.

    कलियां, शाखाएं और दीप का स्तंभ शुद्ध सोने को पीटकर बने हो.

  10. निर्गमन २५:३७लगभग १४९१ ई.पू.

    “सात दीये बनाना और सातों दीयों को जलाए रखना ताकि वे रोशनी दे सकें.

  11. निर्गमन २५:३८लगभग १४९१ ई.पू.

    चिमटियां तथा इन्हें रखने के बर्तन भी सोने के हों.

  12. निर्गमन २५:३९लगभग १४९१ ई.पू.

    ये पूरा सामान लगभग पैंतीस किलो सोने से बना हो.

  13. निर्गमन २५:४०लगभग १४९१ ई.पू.

    सावधानी से इन सभी चीज़ों को बिलकुल वैसा ही बनाना जैसा तुम्हें पर्वत पर दिखाया गया था.

  14. निर्गमन २६:१लगभग १४९१ ई.पू.

    “फिर पवित्र स्थान के लिए कुशल कारीगरों द्वारा दस पर्दे बनाना, जो बंटी हुई मलमल और नीले, बैंगनी और लाल रंग के कपड़ों से बने हों और उस पर कढ़ाई के काम किए हुए करूबों के चित्र हों.

  15. निर्गमन २६:२लगभग १४९१ ई.पू.

    हर पर्दे की लंबाई बारह मीटर साठ सेंटीमीटर और चौड़ाई एक मीटर अस्सी सेंटीमीटर हो. हर पर्दा एक ही नाप का हो.

  16. निर्गमन २६:३लगभग १४९१ ई.पू.

    पांच पर्दों को एक साथ जोड़ना और इसी प्रकार दूसरे पांच पर्दे भी एक साथ जुड़े.

  17. निर्गमन २६:४लगभग १४९१ ई.पू.

    फिर पहले पांच पर्दे के किनारी पर तथा इसी तरह दूसरी पांच पर्दे के किनारी पर भी नीले रंग का फंदा बनाना.

  18. निर्गमन २६:५लगभग १४९१ ई.पू.

    एक पर्दे में पचास फंदे और दूसरे में भी पचास फंदे. वे फंदे एक दूसरे के सामने बनाना.

  19. निर्गमन २६:६लगभग १४९१ ई.पू.

    फिर, सोने के पचास अंकुड़े बनवाना. और उन अंकुड़ों से दोनों पर्दों को मिलाना, जिससे पवित्र स्थान मिलकर एक हो जाए.

  20. निर्गमन २६:७लगभग १४९१ ई.पू.

    “फिर बकरे के रोमों से ग्यारह पर्दे बनवाना जो पवित्र स्थान के ऊपर का हिस्सा है.

  21. निर्गमन २६:८लगभग १४९१ ई.पू.

    हर पर्दे की लंबाई साढ़े तेरह मीटर और चौड़ाई एक मीटर अस्सी सेंटीमीटर हो. ग्यारहों पर्दे एक ही नाप के हों.

  22. निर्गमन २६:९लगभग १४९१ ई.पू.

    उन पर्दों में पांच को जोड़कर एक पर्दा बनवाना. और बाकी छः पर्दों को जोड़कर एक और पर्दा बनवाना. छठे पर्दे को तंबू के सामने मोड़ देना.

  23. निर्गमन २६:१०लगभग १४९१ ई.पू.

    और दोनों अलग-अलग पर्दों की एक-एक किनारी पर पचास-पचास फंदे लगाना.

  24. निर्गमन २६:११लगभग १४९१ ई.पू.

    फिर कांसे के पचास अंकुड़े बनवाना. उन अंकुड़ों में फंदे लगवाना और तंबू के दोनों तरफ इस प्रकार जोड़ना कि वे एक बन जाए.

  25. निर्गमन २६:१२लगभग १४९१ ई.पू.

    पर्दों का जो भाग बचा है, उसका आधा भाग पवित्र स्थान के पीछे लटका देना