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circa 1446 BC

Sinai & The Law

God meets Israel at Mount Sinai, reveals the Ten Commandments, and establishes the Tabernacle and the priestly covenant.

1,657 वचन · 2 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. निर्गमन २३:२९लगभग १४९१ ई.पू.

    मैं उन्हें तुम्हारे आगे से एक ही वर्ष में न निकालूंगा, नहीं तो पृथ्वी में लोग कम पड़ते जायेंगे और जंगली पशु बढ़ते जायेंगे जिससे परेशानी बढ़ जायेगी.

  2. निर्गमन २३:३०लगभग १४९१ ई.पू.

    मैं उनको थोड़ा-थोड़ा करके निकालूंगा जब तक तुम देश को अपने अधिकार में न कर लो.

  3. निर्गमन २३:३१लगभग १४९१ ई.पू.

    “मैं लाल सागर से फिलिस्तीनियों के सागर तक तथा निर्जन प्रदेश से फरात नदी तक तुम्हें दे दूंगा. और उस देश के लोगों को भी तुम्हें सौंप दूंगा और तुम ही उन्हें अपने सामने से निकाल देना.

  4. निर्गमन २३:३२लगभग १४९१ ई.पू.

    तुम उनके देवताओं के साथ कोई भी वायदा नहीं करना.

  5. निर्गमन २३:३३लगभग १४९१ ई.पू.

    वे तुम्हारे साथ नहीं रहेंगे, क्योंकि वे तुम्हें मेरे विरुद्ध पाप करने के लिए मजबूर करेंगे; और यदि तुम उनके देवताओं की सेवा करोगे, तो तुम मुसीबत में पड़ जाओगे.”

  6. निर्गमन २४:१लगभग १४९१ ई.पू.

    फिर याहवेह ने मोशेह से कहा, “तुम और अहरोन, नादाब, अबीहू और इस्राएल के सत्तर अगुए याहवेह के पास ऊपर आकर दूर से याहवेह को दंडवत करना.

  7. निर्गमन २४:२लगभग १४९१ ई.पू.

    केवल मोशेह ही याहवेह के पास जायेंगे और कोई नहीं. अन्य लोगों में से कोई भी पास नहीं आये, अन्य कोई जन उनके साथ ऊपर न आये.”

  8. निर्गमन २४:३लगभग १४९१ ई.पू.

    मोशेह नीचे उतर आए तथा जब उन्होंने लोगों को याहवेह द्वारा कही सब बातें बताई तब सबने एक साथ कहा कि याहवेह की कही सब बातों के अनुसार ही हम करेंगे.

  9. निर्गमन २४:४लगभग १४९१ ई.पू.

    तब मोशेह ने याहवेह की कही सब बातों को लिख लिया. मोशेह ने सुबह जल्दी उठकर पर्वत के नीचे एक वेदी बनाई, और इस्राएल के बारह गोत्रों के अनुसार बारह खंभे भी खड़े किए.

  10. निर्गमन २४:५लगभग १४९१ ई.पू.

    उन्होंने इस्राएलियों में से जवानों को भेजा और उन्होंने याहवेह के लिए होमबलि तथा मेल बलि चढ़ाई.

  11. निर्गमन २४:६लगभग १४९१ ई.पू.

    मोशेह ने आधा रक्त बर्तन में रखा और आधा वेदी पर छिड़क दिया.

  12. निर्गमन २४:७लगभग १४९१ ई.पू.

    फिर मोशेह ने वाचा की किताब लेकर सबको पढ़कर सुनाया. उसे सुनकर लोगों ने कहा “हम याहवेह की सब बात मानेंगे और उनके साथ चलेंगे!”

  13. निर्गमन २४:८लगभग १४९१ ई.पू.

    तब मोशेह ने रक्त लेकर लोगों पर छिड़का और कहा, “यह उस वाचा का रक्त है, जो तुम्हारे साथ याहवेह ने बांधी हैं.”

  14. निर्गमन २४:९लगभग १४९१ ई.पू.

    फिर मोशेह, अहरोन, नादाब तथा अबीहू और इस्राएल के सत्तर अगुओं को साथ लेकर ऊपर गए.

  15. निर्गमन २४:१०लगभग १४९१ ई.पू.

    वहां उन्होंने इस्राएल के परमेश्वर का दर्शन किया. उनके पांव के नीचे आकाश के जैसा साफ़ नीलमणि था.

  16. निर्गमन २४:११लगभग १४९१ ई.पू.

    परमेश्वर ने उन लोगों पर अपना हाथ नहीं बढ़ाया. उन्होंने परमेश्वर को देखा और खाया पिया.

  17. निर्गमन २४:१२लगभग १४९१ ई.पू.

    याहवेह ने मोशेह से कहा, “तुम यहां पर्वत के ऊपर मेरे पास आओ और, मैं तुम्हें मेरे नियम लिखी हुई पट्टिया दूंगा, उसे लेकर तुम इन सबको सिखाना.”

  18. निर्गमन २४:१३लगभग १४९१ ई.पू.

    तब मोशेह यहोशू को साथ लेकर परमेश्वर के पर्वत पर गए.

  19. निर्गमन २४:१४लगभग १४९१ ई.पू.

    किंतु मोशेह ने अगुओं से कहा, “तुम लोग हमारे वापस आने तक यहीं रहना. अहरोन तथा हूर यहां तुम्हारे साथ हैं. यदि कोई विवाद हो तो उनको बताना.”

  20. निर्गमन २४:१५लगभग १४९१ ई.पू.

    यह कहकर मोशेह पर्वत पर चले गए और बादल ने पर्वत को ढक दिया.

  21. निर्गमन २४:१६लगभग १४९१ ई.पू.

    सीनायी पर्वत पर याहवेह का प्रकाश छा गया. छः दिन तक बादल उस पर्वत को ढके रहा. सातवें दिन याहवेह ने बादलों के बीच से मोशेह को बुलाया.

  22. निर्गमन २४:१७लगभग १४९१ ई.पू.

    इस्राएलियों को याहवेह का प्रकाश, पर्वत पर भस्म करनेवाली आग के समान दिख रहा था.

  23. निर्गमन २४:१८लगभग १४९१ ई.पू.

    मोशेह पर्वत पर बादलों के बीच से होते हुए चढ़ गए और चालीस दिन और चालीस रात वहां रहे.

  24. निर्गमन २५:१लगभग १४९१ ई.पू.

    फिर याहवेह ने मोशेह से कहा:

  25. निर्गमन २५:२लगभग १४९१ ई.पू.

    “इस्राएलियों से कहो कि वे मेरे लिए भेंट लाएं. और तुम यह भेंट उन्हीं से लेना जो अपनी इच्छा से दे.