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The Tribe Of Judah के बारे में बाइबल के वचन

84 वचन · 42 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. यहूदिया के सभी निवासियों ने इस्राएल के निवासियों को उत्तर दिया, “इसलिये, कि राजा हमारे निकट संबंधी हैं. इस पर क्रुद्ध होने का क्या कारण है? क्या हमने अपने भोजन के लिए राजा की धनराशि में से खर्च किया है? अथवा क्या उन्होंने हमें उपहार में कुछ दिया है?”

  2. राजा दावीद ने आदेश दिया, “पुरोहित सादोक, भविष्यद्वक्ता नाथान और यहोयादा के पुत्र बेनाइयाह को मेरे सामने बुलाया जाए.” जब वे राजा के सामने आए,

  3. राजा ने उन्हें आदेश दिया, “मेरे पुत्र शलोमोन को मेरे निज खच्चर पर चढ़ाकर उसे अपने स्वामी के सेवकों के साथ लेकर गीहोन चले जाओ.

  4. वहां पहुंचकर पुरोहित सादोक और भविष्यद्वक्ता नाथान इस्राएल का राजा होने के लिए शलोमोन को अभिषेक करें. इसके बाद नरसिंग फूंकने के साथ यह घोषणा की जाए. ‘राजा शलोमोन सदा जीवित रहें!’

  5. आप सभी इसके बाद शलोमोन के पीछे-पीछे आएं. तब वह यहां आकर मेरे राज सिंहासन पर बैठे कि वह मेरे बाद मेरी जगह पर राजा हो जाए; क्योंकि खुद मैंने उसे यहूदिया और इस्राएल पर राजा बनाया है.”

  6. यहोयादा के पुत्र बेनाइयाह ने राजा से कहा, “आमेन! महाराज, मेरे स्वामी के परमेश्वर, याहवेह भी ऐसा ही कहें.

  7. जिस प्रकार याहवेह महाराज, मेरे स्वामी के साथ साथ रहे हैं, उसी प्रकार वह शलोमोन के साथ साथ बने रहें, और उसके सिंहासन को मेरे स्वामी, राजा दावीद के सिंहासन से भी अधिक बढ़ाएं.”

  8. तब पुरोहित सादोक, भविष्यद्वक्ता नाथान, यहोयादा का पुत्र बेनाइयाह और केरेथि और पेलेथी शलोमोन को राजा दावीद के निज खच्चर पर बैठाकर उसे गीहोन ले गए.

  9. वहां पुरोहित सादोक ने मिलनवाले तंबू से लाए हुए सींग के तेल से शलोमोन का अभिषेक किया. तब उन्होंने नरसिंगा फूंका और सभी ने एक आवाज में यह नारे लगाए: “राजा शलोमोन सदा जीवित रहें!”

  10. तामार द्वारा यहूदाह से फ़ारेस तथा ज़ारा पैदा हुए, फ़ारेस से हेज़रोन, हेज़रोन से हाराम,

  11. हाराम से अम्मीनादाब, अम्मीनादाब से नाहश्शोन, नाहश्शोन से सलमोन,

  12. सलमोन और राहाब से बोअज़, बोअज़ और रूथ से ओबेद, ओबेद से यिशै तथा

  13. यिशै से राजा दावीद पैदा हुए. दावीद और उरियाह की विधवा से शलोमोन पैदा हुए,

  14. शलोमोन से रोबोआम, रोबोआम से अबीयाह, अबीयाह से आसफ,

  15. आसफ से यहोशाफ़ात, यहोशाफ़ात से येहोराम, येहोराम से उज्जियाह,

  16. उज्जियाह से योथाम, योथाम से आख़ाज़, आख़ाज़ से हेज़ेकिया,

  17. हेज़ेकिया से मनश्शेह, मनश्शेह से अमोन, अमोन से योशियाह,

  18. योशियाह से बाबेल पहुंचने के समय यख़ोनिया तथा उसके भाई पैदा हुए.

  19. बाबेल पहुंचने के बाद: यख़ोनिया से सलाथिएल पैदा हुए, सलाथिएल से ज़ेरोबाबेल,

  20. ज़ेरोबाबेल से अबीहूद, अबीहूद से एलियाकिम, एलियाकिम से आज़ोर,

  21. आज़ोर से सादोक, सादोक से आख़िम, आख़िम से एलिहूद,

  22. एलिहूद से एलियाज़र, एलियाज़र से मत्थान, मत्थान से याकोब,

  23. और याकोब से योसेफ़ पैदा हुए, जिन्होंने मरियम से विवाह किया, जिनके द्वारा येशु, जिन्हें मसीह कहा जाता है पैदा हुए.

  24. प्रभु येशु ने जब अपनी सेवकाई प्रारंभ की तब उनकी अवस्था लगभग तीस वर्ष की थी. जैसा समझा जाता है कि वह योसेफ़ के पुत्र हैं, योसेफ़ हेली के,

  25. हेली मथ्थात के, मथ्थात लेवी के, लेवी मेल्ख़ी के, मेल्ख़ी यन्‍नाई के, यन्‍नाई योसेफ़ के,