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The Tribe Of Judah के बारे में बाइबल के वचन

84 वचन · 42 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. “यहूदाह, तुम्हारे भाई तुम्हारी प्रशंसा करेंगे; तुम्हारा हाथ तुम्हारे शत्रुओं की गर्दन पर पड़ेगा; तुम्हारे पिता की अन्य संतान तुम्हारे सम्मान में झुक जाएंगे.

  2. यहूदाह तो जवान सिंह के समान है; हे मेरे पुत्र, तुम अपने शिकार पर खड़े शेर के समान हो जो आराम करने के लिए लेटता है, किसमें उसे छेड़ने का साहस है?

  3. यहूदाह से राजदंड कभी भी अलग न होगा और न ही उसके वंश से शासन का राजदंड, दूर होगा, जब तक वह न आ जाये और राज्य-राज्य के लोग उसके अधीन रहेंगे.

  4. अपने गधे को दाखलता से बांध देता है, तथा गधे के बच्‍चे को उत्तम दाखलता पर बांधेगा; उसने अपना वस्त्र दाखमधु में धोया है, तथा बाहरी वस्त्र दाखरस में धोया है.

  5. उसकी आंखें दाखमधु से चमकीली तथा, उसके दांत दूध से भी अधिक सफेद होंगे.

  6. जिस व्यक्ति ने पहले दिन भेंट चढ़ाई, वह यहूदाह गोत्र से अम्मीनादाब का पुत्र नाहशोन था.

  7. भेंट में उसने अन्‍नबलि के लिए चांदी की एक परात एवं एक चांदी की कटोरी भेंट की, जिनमें तेल मिला हुआ मैदा भरा गया था. पात्र पवित्र स्थान की तौल के अनुसार एक सौ तीस शेकेल तथा कटोरी सत्तर शेकेल की थी;

  8. सुगंधित धूप से भरा हुआ दस शेकेल सोने का धूपदान;

  9. होमबलि के लिए एक बछड़ा, एक मेढ़ा, एक, एक वर्ष का नर मेमना;

  10. पापबलि के लिए एक बकरा;

  11. मेल बलि के लिए दो बछड़े, पांच मेढ़े, पांच बकरे तथा पांच एक वर्ष के नर मेमने. यही अम्मीनादाब के पुत्र नाहशोन द्वारा चढ़ाई गई भेंट थी.

  12. यहूदाह के दो पुत्र एर और ओनान, कनान में मर गए थे.

  13. यहूदाह के परिवार समूह के ये परिवार हैं: शेलाह से शेलाह परिवार; पेरेज़ से पेरेज़ परिवार; ज़ेराह से ज़ेराह परिवार;

  14. पेरेज़ के ये परिवार हैं: हेज़रोन से हेज़रोनी परिवार; हामुल से हामूली परिवार.

  15. यहूदाह गोत्र को उनके परिवारों के अनुसार बंटवारे में एदोम की सीमा मिली, जो ज़िन के वन के निर्जन प्रदेश में दक्षिण दिशा की ओर है.

  16. उनकी दक्षिण सीमा लवण-सागर के दक्षिण छोर से, उस खाड़ी से, जो दक्षिण की ओर मुड़ती है;

  17. और यह अक्रब्बीम चढ़ाई की ओर होती हुई ज़िन की ओर बढ़ जाती है, फिर कादेश-बरनेअ के दक्षिण से बढ़ते हुए हेज़रोन पहुंचती है, और अद्दार की ओर से कारका की ओर बढ़ जाती है.

  18. यह आज़मोन की ओर से मिस्र की सरिता की ओर बढ़ती है तथा समुद्र में जाकर मिल जाती है; यह दक्षिण सीमा में थी.

  19. यरदन के मुहाने तक लवण-सागर पूर्वी सीमा थी; और उत्तरी सीमा समुद्र की खाड़ी से थी, जो यरदन के मुहाने पर है.

  20. फिर सीमा उत्तर दिशा से बढ़कर बेथ-होगलाह तक और उत्तर में बेथ-अराबाह से आगे बढ़ते हुए रियूबेन के पुत्र बोहन की शिला तक पहुंची.

  21. सीमा फिर आकोर की घाटी से दबीर तक बढ़ी, और उत्तर में गिलगाल की ओर मुड़ गई, जो अदुम्मीम की चढ़ाई के पास, घाटी के दक्षिण में है. यह सीमा आगे बढ़ते हुए एन-शेमेश के सीमा तक पहुंचकर एन-रोगेल पर खत्म हो गई.

  22. इसके बाद यह सीमा बेन-हिन्‍नोम की घाटी के यबूसी ढाल तक पहुंची, जो दक्षिण दिशा में अर्थात् येरूशलेम में हे, और यह सीमा पश्चिम में हिन्‍नोम की घाटी के पास पर्वत के शिखर तक पहुंची. जो हिन्‍नोम की घाटी के पश्चिमी में है, जो उत्तर की ओर रेफाइम की घाटी के अंतिम छोर पर है.

  23. पर्वत शिखर से सीमा आगे बढ़कर नेफतोआह के झरने की ओर मुड़कर एफ्रोन पर्वत के नगरों की ओर बढ़ जाती है, तत्पश्चात सीमा बालाह अर्थात् किरयथ-यआरीम की ओर मुड़ जाती है.

  24. फिर सीमा बालाह से पश्चिम दिशा में सेईर पर्वत की ओर मुड़ जाती है, और आगे बढ़ते हुए उत्तर में यआरीम पर्वत के अर्थात् कसालोन के ढाल पर पहुंचती है और आगे बेथ-शेमेश में जो तिमनाह पहुंचती है.

  25. तब सीमा एक्रोन के उत्तर की ओर बढ़कर शिक्‍केरोन की ओर जाती है और बालाह पर्वत की ओर से यबनेएल समुद्र पर जाकर समाप्‍त हुई.