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circa 6 BC – AD 30

The Life of Jesus

The eternal Son of God enters history: born in Bethlehem, baptized in the Jordan, crucified at Golgotha, raised on the third day.

3,779 वचन · 4 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. मत्तियाह १:१लगभग २६ ई.

    अब्राहाम की संतान, दावीद के वंशज येशु मसीह की वंशावली:

  2. मत्तियाह १:२लगभग २६ ई.

    अब्राहाम से यित्सहाक, यित्सहाक से याकोब, याकोब से यहूदाह तथा उनके भाई पैदा हुए,

  3. मत्तियाह १:३लगभग २६ ई.

    तामार द्वारा यहूदाह से फ़ारेस तथा ज़ारा पैदा हुए, फ़ारेस से हेज़रोन, हेज़रोन से हाराम,

  4. मत्तियाह १:४लगभग २६ ई.

    हाराम से अम्मीनादाब, अम्मीनादाब से नाहश्शोन, नाहश्शोन से सलमोन,

  5. मत्तियाह १:५लगभग २६ ई.

    सलमोन और राहाब से बोअज़, बोअज़ और रूथ से ओबेद, ओबेद से यिशै तथा

  6. मत्तियाह १:६लगभग २६ ई.

    यिशै से राजा दावीद पैदा हुए. दावीद और उरियाह की विधवा से शलोमोन पैदा हुए,

  7. मत्तियाह १:७लगभग २६ ई.

    शलोमोन से रोबोआम, रोबोआम से अबीयाह, अबीयाह से आसफ,

  8. मत्तियाह १:८लगभग २६ ई.

    आसफ से यहोशाफ़ात, यहोशाफ़ात से येहोराम, येहोराम से उज्जियाह,

  9. मत्तियाह १:९लगभग २६ ई.

    उज्जियाह से योथाम, योथाम से आख़ाज़, आख़ाज़ से हेज़ेकिया,

  10. मत्तियाह १:१०लगभग २६ ई.

    हेज़ेकिया से मनश्शेह, मनश्शेह से अमोन, अमोन से योशियाह,

  11. मत्तियाह १:११लगभग २६ ई.

    योशियाह से बाबेल पहुंचने के समय यख़ोनिया तथा उसके भाई पैदा हुए.

  12. मत्तियाह १:१२लगभग २६ ई.

    बाबेल पहुंचने के बाद: यख़ोनिया से सलाथिएल पैदा हुए, सलाथिएल से ज़ेरोबाबेल,

  13. मत्तियाह १:१३लगभग २६ ई.

    ज़ेरोबाबेल से अबीहूद, अबीहूद से एलियाकिम, एलियाकिम से आज़ोर,

  14. मत्तियाह १:१४लगभग २६ ई.

    आज़ोर से सादोक, सादोक से आख़िम, आख़िम से एलिहूद,

  15. मत्तियाह १:१५लगभग २६ ई.

    एलिहूद से एलियाज़र, एलियाज़र से मत्थान, मत्थान से याकोब,

  16. मत्तियाह १:१६लगभग २६ ई.

    और याकोब से योसेफ़ पैदा हुए, जिन्होंने मरियम से विवाह किया, जिनके द्वारा येशु, जिन्हें मसीह कहा जाता है पैदा हुए.

  17. मत्तियाह १:१७लगभग २६ ई.

    अब्राहाम से लेकर दावीद तक कुल चौदह पीढ़ियां, दावीद से बाबेल पहुंचने तक चौदह तथा बाबेल पहुंचने से मसीह तक चौदह पीढ़ियां हुईं.

  18. मत्तियाह १:१८लगभग २६ ई.

    मसीह येशु का जन्म इस प्रकार हुआ: उनकी माता मरियम का विवाह योसेफ़ से तय हो चुका था किंतु इससे पहले कि उनमें सहवास होता, यह मालूम हुआ कि मरियम गर्भवती हैं—यह गर्भ पवित्र आत्मा द्वारा था.

  19. मत्तियाह १:१९लगभग २६ ई.

    उनके पति योसेफ़ एक धर्मी पुरुष थे. वे नहीं चाहते थे कि मरियम को किसी प्रकार से लज्जित होना पड़े. इसलिये उन्होंने किसी पर प्रकट किए बिना मरियम को त्याग देने का निर्णय किया.

  20. मत्तियाह १:२०लगभग २६ ई.

    किंतु जब उन्होंने यह निश्चय कर लिया, प्रभु के एक दूत ने स्वप्न में प्रकट हो उनसे कहा, “योसेफ़, दावीद के वंशज! मरियम को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकारने में डरो मत; क्योंकि, जो उनके गर्भ में हैं, वह पवित्र आत्मा से हैं.

  21. मत्तियाह १:२१लगभग २६ ई.

    वह एक पुत्र को जन्म देंगी. तुम उनका नाम येशु रखना क्योंकि वह अपने लोगों को उनके पापों से उद्धार देंगे.”

  22. मत्तियाह १:२२लगभग २६ ई.

    यह सब इसलिये घटित हुआ कि भविष्यवक्ता के माध्यम से कहा गया प्रभु का यह वचन पूरा हो जाए:

  23. मत्तियाह १:२३लगभग २६ ई.

    “एक कुंवारी कन्या गर्भधारण करेगी, पुत्र को जन्म देगी और उसे इम्मानुएल नाम से पुकारा जायेगा.” इम्मानुएल का अर्थ है परमेश्वर हमारे साथ.

  24. मत्तियाह १:२४लगभग २६ ई.

    जागने पर योसेफ़ ने वैसा ही किया जैसा प्रभु के दूत ने उन्हें आज्ञा दी थी—उन्होंने मरियम को पत्नी के रूप में स्वीकार किया,

  25. मत्तियाह १:२५लगभग २६ ई.

    किंतु पुत्र-जन्म तक उनका कौमार्य सुरक्षित रखा और उन्होंने पुत्र का नाम येशु रखा.