मुख्य सामग्री पर जाएँ

Reubenites के बारे में बाइबल के वचन

74 वचन · 7 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. जब तक याहवेह तुम्हारे भाई-बंधुओं को आराम न दें, तथा वे भी उस भूमि को अपने अधिकार में न कर लें, जो याहवेह, तुम्हारे परमेश्वर उन्हें देंगे. फिर तुम अपने देश को लौट सकोगे और उस भूमि पर अधिकार कर सकोगे, जो याहवेह के सेवक मोशेह ने तुम्हें यरदन के उस पार दी है.”

  2. उन्होंने यहोशू को उत्तर दिया, “आपने जो कहा है, हम उसको मानेंगे, आप हमें जहां भेजेंगे, हम वहां जाएंगे.

  3. जिस प्रकार हम मोशेह की सब बातों को मानते थे, उसी प्रकार आपकी भी सब बातो को मानेंगे. बस इतना हो, कि याहवेह, परमेश्वर आपके साथ वैसे ही बने रहें, जैसे वह मोशेह के साथ थे.

  4. यदि कोई भी, आपकी बातों का विरोध करेगा या, आपके द्वारा दिए गए समस्त आदेशों का पालन न करेगा, उसको मार दिया जाएगा!”

  5. मोशेह ने रियूबेन गोत्र को उनके कुलों के अनुसार हिस्सा दिया:

  6. अर्थात् आरनोन कि घाटी की सीमा से लगे हुए अरोअर, जिसमें वह नगर भी है, और जो घाटी के बीच में है, उसमें मेदेबा का पूरा मैदान शामिल है;

  7. हेशबोन तथा मैदानी क्षेत्र के नगर ये हैं: दीबोन, बामोथ-बाल तथा बेथ-बाल-मेओन,

  8. यहत्स, केदेमोथ तथा मेफाअथ

  9. किरयथाईम, सिबमाह, ज़ेरेथ-शहर, जो घाटी की पहाड़ी पर है,

  10. बेथ-पिओर, पिसगाह की ढलान, बेथ-यशिमोथ,

  11. मैदान में स्थित सभी नगर, हेशबोन में अमोरियों का राजा सीहोन जिसको मोशेह ने मारा था उसके सब नगर; मोशेह ने मिदियानी प्रधान एवी, रेकेम, ज़ुर, हूर तथा रेबा को भी पराजित किये थे.

  12. इस्राएलियों ने बेओर के पुत्र बिलआम को भी, जो भविष्य बताया करता था, सबके साथ तलवार से मार दिया.

  13. रियूबेन वंशजों के लिए यरदन नदी सीमा थी. रियूबेन के पुत्रों तथा उनके परिवारों के अनुसार यही नगर तथा गांव उनका हिस्सा था.

  14. तुम्हारे बीच लेवियों को कोई भाग नहीं दिया गया है, क्योंकि याहवेह की और से मिला हुआ पुरोहित पद ही उनका भाग है. रियूबेन, गाद तथा मनश्शेह के आधे गोत्र को पूर्व में यरदन के दूसरी ओर हिस्सा मिल चुका है, जो, याहवेह के सेवक मोशेह द्वारा उन्हें दिया गया था.”

  15. तब यहोशू ने रियूबेन और गाद के गोत्र तथा मनश्शेह के आधे गोत्र को बुलवाया

  16. और उनसे कहा, “याहवेह के सेवक मोशेह ने जो आज्ञाएं तुम्हें दी थीं, तुमने उन सबका पालन किया, तथा मेरी भी सब बातों को माना है.

  17. तुमने बीते दिनों से आज तक अपने भाई-बंधुओं की बुराई नहीं की, परंतु तुमने याहवेह, अपने परमेश्वर द्वारा दिए गए आदेशों को माना है.

  18. और अब, उनसे की गई अपनी प्रतिज्ञा के अनुसार याहवेह, तुम्हारे परमेश्वर ने तुम्हारे भाई-बंधुओं को शान्तिपूर्ण और आरामदायक वातावरण दिया. अब तुम अपने तंबू में जाओ, जिसका अधिकार तुम्हें दिया गया है, जो तुम्हें यरदन के पार याहवेह के सेवक मोशेह द्वारा मिला है.

  19. तुम मोशेह द्वारा दिये आदेशों व नियमों को सावधानी से मानते रहना, और याहवेह अपने परमेश्वर से प्रेम करना, उनकी विधियों को मानना, उनके प्रति एक मन होकर रहना, तथा उनकी सेवा पूरे हृदय से करते रहना.”

  20. यह कहते हुए यहोशू ने उन्हें आशीष देकर विदा किया और वे सब अपने-अपने तंबू में चले गए.

  21. जब वे यरदन पहुंचे, जो कनान देश में है, रियूबेन, गाद तथा मनश्शेह के आधे गोत्र के लोगों ने यरदन के तट पर एक वेदी बनाई, जो बहुत बड़ी थी.

  22. जब इस्राएलियों को यह पता चला, तो वे कहने लगे, “देखो, रियूबेन, गाद तथा मनश्शेह के आधे गोत्र ने कनान देश के द्वार पर एक वेदी बनाई है, जो यरदन में उस ओर है, जो इस्राएल के वंश की संपत्ति है.”

  23. जब इस्राएल वंश ने यह सुना तब पूरा इस्राएल शीलो में उनसे युद्ध करने के इच्छा से जमा हुआ.

  24. तब इस्राएल वंश ने एलिएज़र के पुत्र फिनिहास को गिलआद देश में रियूबेन, गाद तथा मनश्शेह के आधे गोत्र से मिलने के लिए भेजा.

  25. उसके साथ उन्होंने दस प्रधान भी भेजे जो इस्राएल के हर गोत्र के परिवार की ओर से एक-एक था. उनमें से हर एक इस्राएल के पूर्वजों के घरानों का प्रधान था.