मुख्य सामग्री पर जाएँ

Reuben

70 वचन · 18 परिवार के सदस्य

Reuben का उल्लेख करने वाले वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. लियाह गर्भवती हुई और उसने एक बेटे को जन्म दिया और उसका नाम रियूबेन यह कहकर रखा, “याहवेह ने मेरे दुःख को देखा, और अब मेरे पति ज़रूर मुझसे प्रेम करेंगे.”

  2. खेत में गेहूं की कटाई के समय रियूबेन जब खेत में गया उसे दूदाईम नामक कुछ विशेष पौधा मिला, जिन्हें वह अपनी मां लियाह के पास ले आया. राहेल ने लियाह से कहा, “मुझे भी थोड़ा दूदाईम दे दो.”

  3. जब इस्राएल उस देश में रह रहे थे, तब रियूबेन ने अपने पिता की रखेल बिलहाह से संभोग किया, जो इस्राएल से छिपा न रहा. याकोब के पुत्र संख्या में बारह थे.

  4. इनमें लियाह के पुत्र: याकोब का बड़ा बेटा रियूबेन, फिर शिमओन, लेवी, यहूदाह, इस्साखार तथा ज़ेबुलून थे.

  5. किंतु रियूबेन योसेफ़ को बचाना चाहता था. इसलिये रियूबेन ने कहा “हम योसेफ़ को जान से नहीं मारेंगे;

  6. बल्कि हम उसे बंजर भूमि के किसी गड्ढे में डाल देते हैं,” रियूबेन ने ऐसा इसलिये कहा कि वह योसेफ़ को बचाकर पिता को सौंप देना चाहता था.

  7. जब रियूबेन उस गड्ढे पर लौटा, तब उसने देखा कि योसेफ़ वहां नहीं हैं. यह देख उसने अपने वस्त्र फाड़ लिए.

  8. रियूबेन ने कहा, “क्या मैं नहीं कह रहा था, लड़के के विरुद्ध कोई अपराध मत करो? तुमने मेरी बात न सुनी. अब समय आ गया है; उसकी हत्या का बदला पाने का.”

  9. रियूबेन ने अपने पिता को यह आश्वासन दिया, “अगर मैं बिन्यामिन को यहां वापस न लाऊं, तो आप मेरे दोनों पुत्रों की हत्या कर देना. आप बिन्यामिन को मेरे हाथों में सौंप दीजिए, मैं उसे वापस लाऊंगा.”

  10. इस्राएल के पुत्रों के नाम (याकोब तथा उनके पुत्र) जो मिस्र देश में आए थे: रियूबेन, याकोब का बड़ा बेटा.

  11. रियूबेन के पुत्र: हनोख, पल्लू, हेज़रोन तथा कारमी.

  12. “तुम्हारे ये दोनो पुत्र, जिनका जन्म मिस्र में मेरे आने से पहले हुआ है, वे मेरी संतान हैं; एफ्राईम तथा मनश्शेह मेरे कहलाएंगे, जैसे रियूबेन तथा शिमओन मेरे हैं.

  13. “रियूबेन, तुम तो मेरे बड़े बेटे, मेरे बल एवं मेरे पौरुष का फल हो, प्रतिष्ठा और शक्ति का उत्तम भाग तुम ही हो.

  14. रियूबेन, शिमओन, लेवी और यहूदाह;

  15. इस्राएल के परिवार के मुखिया इस प्रकार थे: इस्राएल का पहला बेटा रियूबेन. रियूबेन के पुत्र: हनोख, पल्लू, हेज़रोन, कारमी; ये सभी रियूबेन के परिवार के लोग हैं.

  16. “तुम्हारी सहायता के लिए ठहराए गए पुरुषों के नाम ये हैं: “रियूबेन से शेदेउर का पुत्र एलिज़ुर;

  17. इस्राएल के प्रथमजात रियूबेन के वंशज: बीस अथवा इससे अधिक आयु के वे पुरुष, जो युद्ध के लिए योग्य थे, उनके पितरों के कुटुंब, एवं परिवारों के अनुसार.

  18. इस प्रकार रियूबेन के गोत्र के 46,500 पुरुष नामांकित कर लिए गए.

  19. दक्षिण दिशा: ये रियूबेन के झंडे के नीचे उसके सैनिकों का शिविर होगा तथा रियूबेन गोत्र का प्रधान शेदेउर का पुत्र एलिज़ुर होगा.

  20. रियूबेन के शिविर के गिने गए सैनिकों की संख्या है 1,51,450. ये कूच करते हुए दूसरे स्थान पर रहा करेंगे.

  21. चौथे दिन शेदेउर के पुत्र एलिज़ुर ने जो रियूबेन गोत्र का प्रधान था, अपनी भेंटे चढ़ाई.

  22. इनके बाद रियूबेन गोत्र की छावनी के झंडे के साथ शेदेउर के पुत्र एलिज़ुर के नेतृत्व में सेना ने कूच किया.

  23. उनके नाम इस प्रकार थे: रियूबेन के गोत्र से ज़क्‍कूर का पुत्र शम्मुआ;

  24. इस समय कोराह, जिसका पिता इज़हार था, जिसका पिता कोहाथ था, जो लेवी का पुत्र था; तथा दाथान और अबीराम, जो एलियाब के पुत्र थे, तथा ओन, जो पेलेथ का पुत्र था, आज्ञा न माननेवाले हो गए.

  25. इस्राएल का पहलौठा, रियूबेन, रियूबेन के पुत्र हनोख से हनोखी परिवार; पल्लू से पल्लुई परिवार;