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Asher

43 वचन · 19 परिवार के सदस्य

इन्हें भी कहा जाता है: Aser

Asher का उल्लेख करने वाले वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. तब लियाह ने सोचा, “मैं धन्य हूं और स्त्रियां मुझे धन्य कहेंगी.” इसलिये इस पुत्र का नाम आशेर रखा.

  2. लियाह की दासी ज़िलपाह के पुत्र: गाद तथा आशेर. पद्दन-अराम में ही याकोब के ये पुत्र पैदा हुए थे.

  3. आशेर के पुत्र: इमनाह, इशवाह, इशवी, बेरियाह तथा उनकी बहन सेराह. बेरियाह के पुत्र: हेबेर तथा मालखिएल.

  4. “आशेर का अन्‍न बहुत उत्तम होगा और वह राजसी भोजन उपलब्ध कराएगा.

  5. दान एवं नफताली; गाद एवं आशेर.

  6. आशेर से ओखरन का पुत्र पागिएल;

  7. आशेर के वंशज: बीस अथवा इससे अधिक आयु के वे सारे पुरुष, जो युद्ध के लिए योग्य थे, उनके कुटुंब, उनके पितरों एवं परिवारों के अनुसार,

  8. आशेर के गोत्र से 41,500.

  9. इनसे लगा हुआ दूसरा शिविर आशेर गोत्र का होगा. इनका प्रधान था ओखरन का पुत्र पागिएल.

  10. ग्यारहवें दिन ओखरन का पुत्र पागिएल ने जो आशेर के गोत्र का प्रधान था अपनी भेंट चढ़ाई.

  11. आशेर गोत्र के घराने की सेना का सेनापति ओखरन का पुत्र पागिएल था.

  12. आशेर के गोत्र से मिखाएल का पुत्र सेथुर;

  13. आशेर के परिवार समूह के ये परिवार हैं: इमनाह से इम्नी परिवार; इशवी से इशवी परिवार; बेरियाह से बेरिय परिवार;

  14. आशेर की एक पुत्री सेराह नाम की थी.

  15. आशेर के परिवार समूह में वे परिवार थे; इसमें पुरुषों की संख्या 53,400 थी.

  16. आशेर के वंशजों से चुना गया प्रधान था शेलोमी का पुत्र अहीहूद;

  17. शाप उच्चारण के लिए एबल पर्वत पर खड़े व्यक्ति इन गोत्रों से होंगे: रियूबेन, गाद, आशेर, ज़ेबुलून, दान और नफताली.

  18. आशेर के लिए मोशेह ने कहा: “आशेर तो याकोब के अन्य पुत्रों से अधिक धन्य है; उसे उसके भाइयों की भी कृपादृष्टि प्राप्‍त हो. उसके पांव तेल में जा पड़े.

  19. मनश्शेह प्रदेश की सीमा आशेर से शेकेम के पूर्व में मिकमथाथ तक थी. फिर यह सीमा दक्षिण की ओर मुड़ जाती है जहां एन-तप्पूआह का नगर है.

  20. दक्षिण हिस्सा एफ्राईम का, तथा उत्तरी हिस्सा मनश्शेह का था. इनकी सीमा समुद्र तक थी. ये उत्तर में आशेर तथा पूर्व में इस्साखार तक पहुंचती थी.

  21. इस्साखार तथा आशेर के भूमि प्रदेश के अंदर में ही मनश्शेह को ये दिए गये: बेथ-शान तथा इसके चारों ओर के गांवों, इब्लीम तथा इसके चारों ओर के गांवों, दोर तथा इसके चारों ओर के गांवों, एन-दोर तथा इसके चारों ओर के गांवों, तानख तथा इसके चारों ओर के गांवों, मगिद्दो तथा इसके चारों ओर के गांवों. (और तीसरा नगर नाफ़ोथ था.)

  22. पांचवां पासा आशेर गोत्र के नाम उनके परिवारों के अनुसार पड़ा.

  23. यह आशेर गोत्र को, उनके परिवारों के अनुसार दी गयी मीरास थी; ये नगर तथा उनके साथ इनके गांव भी.

  24. उसके बाद सीमा पश्चिम में अज़नोथ-ताबोर की ओर मुड़ गई और बढ़ते हुए वहां से हूक्कोक पहुंची. वहां से वह ज़ेबुलून की ओर बढ़ी, जो दक्षिण में है. वहां उसने पश्चिम में आशेर को स्पर्श किया तथा पूर्व में यरदन तटवर्ती यहूदिया को.

  25. गेरशोन वंश को इस्साखार, आशेर, नफताली गोत्रों की भूमि में से, तथा बाशान में मनश्शेह के आधे गोत्र की भूमि में से, कुल तेरह नगर मिले.