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The Tribe Of Manasseh के बारे में बाइबल के वचन

56 वचन · 30 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. “योसेफ़ तो फल से भरी एक शाखा है जो सोते के पास लगी हुई फलवंत लता की एक शाखा है जो बाड़े के सहारे चढ़ी हैं.

  2. धनुष चलानेवाले ने धनुष चलाया और तीर छोड़ा और लगकर दर्द हुआ.

  3. परंतु उसका धनुष दृढ़ रहा, उसकी बांहें मजबूत रहीं, यह याकोब के सर्वशक्तिमान परमेश्वर की ओर से था, जो इस्राएल के चरवाहे तथा चट्टान हैं.

  4. तुम्हारे पिता के परमेश्वर की ओर से, जो तुम्हारे सहायक हैं तथा उस सर्वशक्तिमान से जो स्वर्गीय आशीषों से तुम्हें आशीषित करेंगे, वे आशीषें, जो नीचे गहराइयों से आती हैं, स्तनों तथा गर्भ की आशीषें देगा.

  5. तुम्हारे पिता की आशीषें तो मेरे पूर्वजों के पहाड़ों से बढ़कर हैं ये अनंत पर्वतों से संबंधित आशीषों से बढ़कर हैं. ये ही आशीषें योसेफ़ पर प्रकट होकर उसके सिर का मुकुट बनें, जो सब भाइयों से प्रतिष्ठित हुआ है.

  6. आठवें दिन पेदाहज़ुर के पुत्र गमालिएल ने जो मनश्शेह के गोत्र का प्रधान था, भेंट चढ़ाई:

  7. उसने पवित्र स्थान की तौल के अनुसार एक सौ तीस शेकेल चांदी की परात तथा सत्तर शेकेल चांदी का कटोरा तथा दोनों ही जैतून के तेल मिले महीन आटे से भरे हुए;

  8. दस शेकेल सोने के धूपदान में सुगंधित धूप;

  9. होमबलि के लिए एक बछड़ा, एक मेढ़ा, एक वर्ष का एक नर मेमना;

  10. पापबलि के लिए एक बकरा;

  11. मेल बलि चढ़ाने के लिए दो बछड़े, पांच मेढ़े, पांच बकरे, तथा एक वर्ष के पांच नर मेमने चढ़ाए. यह पेदाहज़ुर के पुत्र गमालिएल द्वारा चढ़ाई गई भेंट थी.

  12. मनश्शेह के परिवार में ये थे: माखीर से माखीर परिवार (माखीर गिलआद का पिता था); गिलआद से गिलआद परिवार;

  13. गिलआद के परिवार ये थे: ईएजेर से ईएजेर परिवार; हेलेक से हेलेकी परिवार;

  14. अस्रीएल से अस्रीएल परिवार; शेकेम से शेकेमी परिवार;

  15. शेमीदा से शेमीदा परिवार; हेफेर से हेफेर परिवार;

  16. (हेफेर का पुत्र ज़लोफेहाद था. किंतु उसका कोई पुत्र न था; केवल पुत्री थी. उसकी पुत्रियों के नाम महलाह, नोआ, होगलाह, मिलकाह, और तिरज़ाह थे.)

  17. तब योसेफ़ के पुत्र मनश्शेह के परिवार से माखीर के पुत्र गिलआद के पुत्र हेफेर के पुत्र ज़लोफेहाद की पुत्रियां, जिनके नाम महलाह, नोहा, होगलाह, मिलकाह तथा तिरज़ाह थे,

  18. मोशेह, एलिएज़र तथा प्रधानों एवं सारी सभा की उपस्थिति में मिलनवाले तंबू के द्वार पर एकत्र हुईं. उन्होंने यह विनती की,

  19. “हमारे पिता की मृत्यु तो बंजर भूमि में ही हो चुकी थी. वह उनमें शामिल नहीं थे, जो कोराह के साथ मिलकर याहवेह के विरुद्ध हो गए थे, उनकी मृत्यु उन्हीं के पाप में हो गई. उनके कोई पुत्र न था.

  20. उनके कोई पुत्र न होने के कारण भला उनके परिवार में से उनका नाम क्यों मिट जाए? कृपया हमारे भाइयों के बीच में से हमें एक भाग दिया जाए.”

  21. फिर मोशेह ने यह विषय याहवेह के सामने रख दिया,

  22. तब याहवेह ने मोशेह को यह उत्तर दिया,

  23. “ज़लोफेहाद की पुत्रियों ने सुसंगत विषय प्रस्तुत किए हैं. ज़रूरी है कि तुम उन्हें उनके पिता के भाइयों के बीच में एक मीरास का अंश प्रदान करो. तुम उनके पिता की मीरास उनके नाम लिख दोगे.

  24. मनश्शेह के पुत्र माखीर के वंशजों ने गिलआद जाकर उस पर अधिकार कर लिया और उसमें रह रहे अमोरियों को वहां से निकाल दिया.

  25. तब मोशेह ने गिलआद को मनश्शेह के पुत्र माखीर के नाम कर दिया और वे वहां बस गए.