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Zebulun

46 वचन · 17 परिवार के सदस्य

इन्हें भी कहा जाता है: Zabulon

Zebulun का उल्लेख करने वाले वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. लियाह ने कहा, “परमेश्वर ने मुझे एक उत्तम भेंट से सम्मानित किया है. अब मेरे पति मेरी कद्र करेंगे, क्योंकि मैंने उनको छः पुत्र दिये हैं.” और इसलिये उस पुत्र का नाम ज़ेबुलून रखा.

  2. इनमें लियाह के पुत्र: याकोब का बड़ा बेटा रियूबेन, फिर शिमओन, लेवी, यहूदाह, इस्साखार तथा ज़ेबुलून थे.

  3. ज़ेबुलून के पुत्र: सेरेद, एलोन तथा याहलील.

  4. “ज़ेबुलून सागर के किनारे रहेगा और इसका समुद्री तट जहाजों के लिए सुरक्षित होगा, और उसकी सीमा सीदोन देश तक फैल जायेगी.

  5. इस्साखार, ज़ेबुलून तथा बिन्यामिन;

  6. ज़ेबुलून से हेलोन का पुत्र एलियाब;

  7. ज़ेबुलून के वंशज: बीस अथवा इससे अधिक आयु के वे सारे पुरुष, जो युद्ध के लिए योग्य थे, उनके कुटुंब, उनके पितरों एवं परिवारों के अनुसार,

  8. ज़ेबुलून के गोत्र से 57,400.

  9. इसके बाद होगा ज़ेबुलून का शिविर. ज़ेबुलून गोत्र का प्रधान होगा हेलोन का पुत्र एलियाब

  10. तीसरे दिन ज़ेबुलून के गोत्र से हेलोन के पुत्र एलियाब ने भेंटें चढ़ाईं.

  11. ज़ेबुलून गोत्र की सेना का सेनापति था हेलोन का पुत्र एलियाब.

  12. ज़ेबुलून के गोत्र से सोदी का पुत्र गद्दिएल;

  13. ज़ेबुलून के परिवार समूह के परिवार ये थे: सेरेद से सेरेद परिवार; एलोन से एलोन परिवार; याहलील से याहलील परिवार;

  14. एफ्राईम के वंशजों में से प्रधान था पारनाख का पुत्र एलिज़ाफ़ान;

  15. शाप उच्चारण के लिए एबल पर्वत पर खड़े व्यक्ति इन गोत्रों से होंगे: रियूबेन, गाद, आशेर, ज़ेबुलून, दान और नफताली.

  16. मोशेह के वचन ज़ेबुलून के लिए ये थे, “ज़ेबुलून, तुम्हारी यात्राएं तुम्हारे लिए खुशी का विषय बनी रहें. इस्साखार, तुम अपने शिविरों में ही उल्लास करते रहो.

  17. पासा फेंकने पर तीसरा अंश ज़ेबुलून वंशजों के लिए उनके परिवारों के अनुसार निकला. उनकी मीरास की सीमा सारीद तक जा पहुंची.

  18. ये नगर इनके गांवों के सहित ज़ेबुलून वंशजों को उनके परिवार के अनुसार प्राप्‍त मीरास थी.

  19. तब यह पूर्व की ओर बेथ-दागोन की ओर मुड़कर ज़ेबुलून पहुंच गई और वहां से यिफतह-एल घाटी को और फिर उत्तर की ओर बेथ-एमेक तथा नईएल को; वहां से यह उत्तर में काबूल

  20. उसके बाद सीमा पश्चिम में अज़नोथ-ताबोर की ओर मुड़ गई और बढ़ते हुए वहां से हूक्कोक पहुंची. वहां से वह ज़ेबुलून की ओर बढ़ी, जो दक्षिण में है. वहां उसने पश्चिम में आशेर को स्पर्श किया तथा पूर्व में यरदन तटवर्ती यहूदिया को.

  21. मेरारी वंश को उनके परिवारों के अनुसार रियूबेन, गाद तथा ज़ेबुलून के गोत्रों से बारह नगर मिले.

  22. मेरारी वंश के परिवारों को, जो लेवी गोत्र से बचे हुए थे: उन्होंने ज़ेबुलून के गोत्र से: योकनआम, करता,

  23. ज़ेबुलून ने कितरोनवासियों को नहीं निकाला और न नहलोलवासियों को, इस कारण कनानी उनके बीच में रहते रहे और उन्हें जबरन मज़दूर बनना पड़ा.

  24. उसने नफताली के केदेश से अबीनोअम के पुत्र बाराक को बुलवाया और उससे कहा, “सुनो, याहवेह, इस्राएल के परमेश्वर का आदेश यह है: ‘ताबोर पर्वत पर नफताली वंशजों में से तथा ज़ेबुलून वंशजों में से दस हज़ार व्यक्तियों को इकट्ठा करो.

  25. बाराक ने केदेश के लिए ज़ेबुलून और नफताली के लोगों को बुला लिया. दस हज़ार पुरुष सैनिक उसके साथ हो लिए. दबोरा भी उनके साथ गई.