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The Tribe Of Zebulun के बारे में बाइबल के वचन

46 वचन · 23 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. फिर लियाह ने छठे पुत्र को जन्म दिया.

  2. लियाह ने कहा, “परमेश्वर ने मुझे एक उत्तम भेंट से सम्मानित किया है. अब मेरे पति मेरी कद्र करेंगे, क्योंकि मैंने उनको छः पुत्र दिये हैं.” और इसलिये उस पुत्र का नाम ज़ेबुलून रखा.

  3. “ज़ेबुलून सागर के किनारे रहेगा और इसका समुद्री तट जहाजों के लिए सुरक्षित होगा, और उसकी सीमा सीदोन देश तक फैल जायेगी.

  4. ज़ेबुलून से हेलोन का पुत्र एलियाब;

  5. ज़ेबुलून के वंशज: बीस अथवा इससे अधिक आयु के वे सारे पुरुष, जो युद्ध के लिए योग्य थे, उनके कुटुंब, उनके पितरों एवं परिवारों के अनुसार,

  6. ज़ेबुलून के गोत्र से 57,400.

  7. वे, जो अपने शिविर सूर्योदय की दिशा, पूर्व में स्थापित करेंगे, वह होगा यहूदाह गोत्र, वे अपने शिविर अपने झंडे के नीचे स्थापित करेंगे. यहूदाह के गोत्र का प्रधान होगा अम्मीनादाब का पुत्र नाहशोन.

  8. इसके बाद होगा ज़ेबुलून का शिविर. ज़ेबुलून गोत्र का प्रधान होगा हेलोन का पुत्र एलियाब

  9. तीसरे दिन ज़ेबुलून के गोत्र से हेलोन के पुत्र एलियाब ने भेंटें चढ़ाईं.

  10. उसने पवित्र स्थान की तौल के अनुसार एक सौ तीस शेकेल की चांदी की परात तथा सत्तर शेकेल की चांदी की कटोरी में अन्‍नबलि के लिए तेल मिला हुआ मैदा;

  11. सुगंधित धूप से भरा हुआ दस शेकेल सोने का धूपदान;

  12. होमबलि के लिए एक बछड़ा, एक मेढ़ा, एक वर्ष का एक नर मेमना;

  13. पापबलि के लिए एक बकरा;

  14. मेल बलि के लिए दो बछड़े, पांच मेढ़े, पांच बकरे, और एक वर्ष के पांच नर मेमने भेंट किए. यह सब हेलोन के पुत्र एलियाब ने भेंट किए.

  15. यहूदाह के वंश की छावनी के झंडे, उनके सैन्य व्यवस्था के अनुसार चल रहे थे. अम्मीनादाब का पुत्र नाहशोन सेनापति था.

  16. ज़ेबुलून गोत्र की सेना का सेनापति था हेलोन का पुत्र एलियाब.

  17. ज़ेबुलून के गोत्र से सोदी का पुत्र गद्दिएल;

  18. ज़ेबुलून के परिवार समूह के परिवार ये थे: सेरेद से सेरेद परिवार; एलोन से एलोन परिवार; याहलील से याहलील परिवार;

  19. ज़ेबुलून के परिवार समूह के वे परिवार थे; इनमें कुल पुरुषों की संख्या 60,500 थी.

  20. एफ्राईम के वंशजों में से प्रधान था पारनाख का पुत्र एलिज़ाफ़ान;

  21. शाप उच्चारण के लिए एबल पर्वत पर खड़े व्यक्ति इन गोत्रों से होंगे: रियूबेन, गाद, आशेर, ज़ेबुलून, दान और नफताली.

  22. मोशेह के वचन ज़ेबुलून के लिए ये थे, “ज़ेबुलून, तुम्हारी यात्राएं तुम्हारे लिए खुशी का विषय बनी रहें. इस्साखार, तुम अपने शिविरों में ही उल्लास करते रहो.

  23. वे लोगों को पर्वतों पर आमंत्रित करेंगे वहां वे उपयुक्त बलि चढ़ाएंगे; वे महासागर से उत्पन्‍न की भरपूरी के स्वामी होंगे, वे बालू में छुपे हुए खजाने प्राप्‍त करेंगे.”

  24. पासा फेंकने पर तीसरा अंश ज़ेबुलून वंशजों के लिए उनके परिवारों के अनुसार निकला. उनकी मीरास की सीमा सारीद तक जा पहुंची.

  25. इसके बाद सीमा पश्चिम में मरालाह की दिशा में बढ़ गई, तब इसने दब्बेशेथ का स्पर्श किया और फिर सीमा योकनआम की निकटवर्ती सरिता तक पहुंची.