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circa 605–538 BC

The Babylonian Exile

Jerusalem falls and the temple burns; Ezekiel and Daniel minister among the exiles as Lamentations mourns the city's ruin.

1,784 वचन · 3 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. यहेजकेल ४७:७लगभग ५७४ ई.पू.

    जब मैं वहां पहुंचा, तो मैंने नदी के दोनों तरफ बहुत सारे पेड़ देखे.

  2. यहेजकेल ४७:८लगभग ५७४ ई.पू.

    उसने मुझसे कहा, “यह पानी पूर्वी क्षेत्र की ओर बहता है और नीचे अराबाह में जाता है, जहां यह मृत सागर से मिल जाता है. जब यह सागर में मिल जाता है, तब वहां खारा पानी मीठा हो जाता है.

  3. यहेजकेल ४७:९लगभग ५७४ ई.पू.

    जहां कहीं भी नदी बहती है, वहां जीवित प्राणियों के झुंड पनपेंगे. वहां बड़ी संख्या में मछलियां होंगी, क्योंकि यह पानी वहां बहता है और खारे पानी को मीठा करता है; इसलिये जहां-जहां नदी बहती है, वहां हर चीज़ जीवित होगी.

  4. यहेजकेल ४७:१०लगभग ५७४ ई.पू.

    मछुवारे इसके तट पर खड़े होंगे; एन-गेदी से लेकर एन-एग्लाइम तक जाल फैलाने की जगह होगी. वहां बहुत प्रकार की मछलियां होंगी—भूमध्य सागर की मछलियों जैसी.

  5. यहेजकेल ४७:११लगभग ५७४ ई.पू.

    परंतु दलदली गड्ढे और पानी के गड्ढे मीठे नहीं होंगे, वे नमक के लिये छोड़ दिये जाएंगे.

  6. यहेजकेल ४७:१२लगभग ५७४ ई.पू.

    सब प्रकार के फल के पेड़ नदी के दोनों किनारों पर उगेंगे. उनकी पत्तियां नहीं मुर्झाएंगी, और न ही उनमें फल लगाना बंद होगा. हर माह उनमें फल लगेगा, क्योंकि पवित्र स्थान से पानी उनमें आता है. उनके फल भोजन के लिये होंगे और उनकी पत्तियां दवाई के काम आएंगी.”

  7. यहेजकेल ४७:१३लगभग ५७४ ई.पू.

    परम प्रधान याहवेह का यह कहना है: “ये देश की सीमाएं हैं जिसे तुम इस्राएल के बारह गोत्रों के बीच उनके उत्तराधिकार के रूप में बांटोगे, और इसमें योसेफ़ के लिए दो भाग होंगे.

  8. यहेजकेल ४७:१४लगभग ५७४ ई.पू.

    तुम्हें इसे उनके बीच बराबर-बराबर बांटना है. क्योंकि मैंने हाथ उठाकर शपथ खाई थी कि मैं इसे तुम्हारे पूर्वजों को दूंगा. यह देश तुम्हारे उत्तराधिकार में हो जाएगा.

  9. यहेजकेल ४७:१५लगभग ५७४ ई.पू.

    “देश की सीमा यह हो: “उत्तर की ओर की सीमा भूमध्य सागर से हेथलोन सड़क के बाद लबो-हामाथ से होते हुए ज़ेदाद तक,

  10. यहेजकेल ४७:१६लगभग ५७४ ई.पू.

    बेरोथाह और सिबराईम (जो दमेशेक और हामाथ के बीच सीमा पर पड़ता है) से लेकर हाज़ेर-हत्तीकोन तक, जो हवरान की सीमा पर है.

  11. यहेजकेल ४७:१७लगभग ५७४ ई.पू.

    यह सीमा समुद्र से लेकर हाज़ार-एनोन तक फैलेगी, जो दमेशेक की उत्तरी सीमा तक होगी; उत्तर में उत्तर की ओर ही हामाथ की सीमा है. यह हुई उत्तरी सीमा.

  12. यहेजकेल ४७:१८लगभग ५७४ ई.पू.

    पूर्व की ओर की सीमा हवरान और दमेशेक के बीच होते हुए, यरदन नदी के साथ गिलआद और इस्राएल देश के बीच, मृत सागर तक होगी और तामार तक फैलेगी. यह पूर्वी सीमा होगी.

  13. यहेजकेल ४७:१९लगभग ५७४ ई.पू.

    दक्षिण तरफ की सीमा तामार से लेकर मेरिबाह-कादेश के पानी के सोता तक होगी, तब मिस्र के नाले से भूमध्य सागर तक. यह दक्षिणी सीमा होगी.

  14. यहेजकेल ४७:२०लगभग ५७४ ई.पू.

    पश्चिम की तरफ की सीमा भूमध्य सागर में लबो-हामाथ के सामने के बिंदु तक होगी. यह पश्चिमी सीमा होगी.

  15. यहेजकेल ४७:२१लगभग ५७४ ई.पू.

    “तुम्हें इस देश को अपने बीच में इस्राएल के गोत्रों के अनुसार बांटना है.

  16. यहेजकेल ४७:२२लगभग ५७४ ई.पू.

    तुम्हें इस देश को एक उत्तराधिकार के रूप में अपने लिये और तुम्हारे बीच रहनेवाले विदेशियों और जिनके बच्‍चे हैं उनके लिये बांटना है. उन्हें तुम देश में जन्मे इस्राएलियों की तरह ही समझना; अपने साथ, इस्राएल के गोत्रों के बीच उन्हें भी उत्तराधिकार का भाग दिया जाए.

  17. यहेजकेल ४७:२३लगभग ५७४ ई.पू.

    जिस किसी भी गोत्र में कोई विदेशी रहता है, वहां तुम उसे उसका भाग देना,” परम प्रधान याहवेह की घोषणा है.

  18. यहेजकेल ४८:१लगभग ५७४ ई.पू.

    “सूची में लिखे गोत्रों के नाम ये हैं: “उत्तरी सीमांत पर दान का एक भाग होगा; यह हेथलोन के मार्ग से लेबो हामाथ के बाद होगा; हाज़ार-एनान और हामाथ से लगा दमेशेक की उत्तरी सीमा इसकी सीमा का भाग होगा, जो पूर्व तरफ से पश्चिम तरफ होगा.

  19. यहेजकेल ४८:२लगभग ५७४ ई.पू.

    आशेर का एक भाग होगा; इसकी सीमा पूर्व से पश्चिम तक दान के क्षेत्र से लगी होगी.

  20. यहेजकेल ४८:३लगभग ५७४ ई.पू.

    आशेर की सीमा से लगकर पूर्व से पश्चिम तक नफताली का एक भाग होगा.

  21. यहेजकेल ४८:४लगभग ५७४ ई.पू.

    नफताली की सीमा से लगकर पूर्व से पश्चिम तक मनश्शेह का एक भाग होगा.

  22. यहेजकेल ४८:५लगभग ५७४ ई.पू.

    मनश्शेह की सीमा से लगकर पूर्व से पश्चिम तक एफ्राईम का एक भाग होगा.

  23. यहेजकेल ४८:६लगभग ५७४ ई.पू.

    एफ्राईम की सीमा से लगकर पूर्व से पश्चिम तक रियूबेन का एक भाग होगा.

  24. यहेजकेल ४८:७लगभग ५७४ ई.पू.

    रियूबेन की सीमा से लगकर पूर्व से पश्चिम तक यहूदाह का एक भाग होगा.

  25. यहेजकेल ४८:८लगभग ५७४ ई.पू.

    “यहूदाह की सीमा से लगकर पूर्व से पश्चिम एक भाग होगा, जिसे तुम्हें एक विशेष भेंट के रूप में देना है. इसकी चौड़ाई लगभग तेरह किलोमीटर, और पूर्व से लेकर पश्चिम तक इसकी लंबाई दूसरे गोत्र को दिये गए भाग की लंबाई के बराबर होगी; पवित्र स्थान इसके बीच में होगा.