मुख्य सामग्री पर जाएँ

circa 1446 BC

Sinai & The Law

God meets Israel at Mount Sinai, reveals the Ten Commandments, and establishes the Tabernacle and the priestly covenant.

1,657 वचन · 2 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. फिर याहवेह ने मोशेह से कहा, “मेरी इस बात को लिख लो, क्योंकि इसी बात के अनुसार मैंने तुमसे तथा इस्राएलियों से वायदा किया है.”

  2. मोशेह याहवेह के साथ चालीस दिन तथा चालीस रात रहे. उन्होंने न तो रोटी खाई और न पानी पिया. उन्होंने उन पट्टियों पर परमेश्वर की वाचा अथवा दस आज्ञाएं लिखीं.

  3. निर्गमन ३४:२९लगभग १४९१ ई.पू.

    सीनायी पर्वत से उतरते समय, मोशेह के हाथ में साक्षी की दोनों पट्टियां थीं, तथा याहवेह के साथ रहने के कारण उनके चेहरे से किरणें निकल रही थीं, पर वे यह बात नहीं जानते थे.

  4. निर्गमन ३४:३०लगभग १४९१ ई.पू.

    जब अहरोन तथा सभी इस्राएलियों ने उनकी ओर देखा, तब उन्होंने उनके चेहरे पर किरणें देखीं और वे उनके पास जाने के लिए डर रहे थे.

  5. निर्गमन ३४:३१लगभग १४९१ ई.पू.

    किंतु मोशेह ने उन्हें अपने पास बुलाया; अहरोन एवं सभी प्रधान मोशेह के पास गए.

  6. निर्गमन ३४:३२लगभग १४९१ ई.पू.

    सभी इस्राएलियों को भी पास बुलाकर मोशेह ने उन्हें सीनायी पर्वत पर याहवेह द्वारा कही बातों को मानने के लिए कहा.

  7. निर्गमन ३४:३३लगभग १४९१ ई.पू.

    जब मोशेह अपनी बात पूरी कह चुके, तब उन्होंने अपने मुंह को ढंक लिया.

  8. निर्गमन ३४:३४लगभग १४९१ ई.पू.

    मोशेह जब कभी भी याहवेह के पास जाते तब मुंह बिना ढंके जाते, लेकिन जब बाहर लोगों के पास आते और जो आज्ञा याहवेह ने दी हैं उन्हें वैसा ही इस्राएलियों से कह देते,

  9. निर्गमन ३४:३५लगभग १४९१ ई.पू.

    तब इस्राएली मोशेह का चेहरा देखते थे कि कैसे मोशेह के चेहरे से किरणें निकलती थीं. फिर जब तक मोशेह याहवेह के पास अंदर न जाते, तब तक अपना चेहरा ढंक कर रखते थे.

  10. निर्गमन ३५:१लगभग १४९१ ई.पू.

    मोशेह ने सभी इस्राएलियों से कहा, “जो काम याहवेह ने करने के लिए कहा वह यह है:

  11. निर्गमन ३५:२लगभग १४९१ ई.पू.

    छः दिन तुम काम करना, लेकिन सातवां दिन पवित्र और याहवेह के लिए परम विश्राम का दिन मानना. जो कोई इस दिन काम करते हुए पाया जाए, उसे मार डाला जाए.

  12. निर्गमन ३५:३लगभग १४९१ ई.पू.

    किसी भी घर में विश्राम के दिन आग तक न जलाएं.”

  13. निर्गमन ३५:४लगभग १४९१ ई.पू.

    मोशेह ने सभी इस्राएलियों को कहा, “याहवेह कहते हैं

  14. निर्गमन ३५:५लगभग १४९१ ई.पू.

    कि तुम सब मिलकर याहवेह के लिए भेंट लाओ. जो कोई अपनी इच्छा से देना चाहे वे; “सोना, चांदी, कांसे;

  15. निर्गमन ३५:६लगभग १४९१ ई.पू.

    नीले, बैंगनी तथा लाल सूक्ष्म मलमल; बकरे के रोम;

  16. निर्गमन ३५:७लगभग १४९१ ई.पू.

    मेढ़े की रंगी हुई लाल खाल; सूंस की खाल बबूल की लकड़ी;

  17. निर्गमन ३५:८लगभग १४९१ ई.पू.

    दीपक के लिए तेल; अभिषेक का तेल एवं सुगंधधूप के लिए सुगंध द्रव्य;

  18. निर्गमन ३५:९लगभग १४९१ ई.पू.

    सुलेमानी गोमेद नाग तथा अन्य नग एफ़ोद तथा सीनाबंद में जड़ने के लिए दें.

  19. निर्गमन ३५:१०लगभग १४९१ ई.पू.

    “तुममें से जो कुशल कारीगर हैं, वे आये और याहवेह ने जिन चीज़ों को बनाने की आज्ञा दी है, उन चीज़ों को बनाएं:

  20. निर्गमन ३५:११लगभग १४९१ ई.पू.

    “तंबू, ओहार समेत निवास उसकी घुंड़ी, उसके लिए आवश्यक तख्ते, बड़े, छड़, खंभे तथा कुर्सियां;

  21. निर्गमन ३५:१२लगभग १४९१ ई.पू.

    संदूक, डंडों समेत करुणासन, बीच वाला पर्दा;

  22. निर्गमन ३५:१३लगभग १४९१ ई.पू.

    मेज़ और उसके सभी सामान और डंडे, भेंट की रोटी;

  23. निर्गमन ३५:१४लगभग १४९१ ई.पू.

    प्रकाश के लिए दीया, उससे संबंधित पात्र, दीप एवं उनके लिए आवश्यक तेल;

  24. निर्गमन ३५:१५लगभग १४९१ ई.पू.

    धूप वेदी डंडों समेत, अभिषेक का तेल तथा सुगंधधूप; आंगन के प्रवेश द्वार के लिए पर्दा;

  25. निर्गमन ३५:१६लगभग १४९१ ई.पू.

    होमबलि की वेदी और उसकी कांसे की झंझरी, उसके डंडे तथा उसके सामान; कांसे की हौदी,