मुख्य सामग्री पर जाएँ

Esau

159 वचन · 11 परिवार के सदस्य

इन्हें भी कहा जाता है: Edom

Esau का उल्लेख करने वाले वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. इसके बाद एसाव अपनी पत्नियों, पुत्र-पुत्रियों, अपने संपूर्ण घर-परिवार, अपने पशु, तथा अपनी समस्त संपत्ति को लेकर, जो उसने कनान देश में पाई थी, अपने भाई याकोब से दूर देश में जाकर रहा.

  2. इसलिये एसाव (अर्थात् एदोम) सेईर के पर्वतीय क्षेत्र में रहने लगे.

  3. सेईर के पर्वतीय क्षेत्र में बसे हुए एदोमियों के वंश एसाव की पीढ़ियां इस प्रकार हैं.

  4. एसाव के पुत्र थे: एसाव की पत्नी अदाह से जन्मे एलिफाज़, एसाव दूसरी की पत्नी बसेमाथ का पुत्र रियुएल.

  5. एसाव के पुत्र एलिफाज़ की दासी का नाम तिम्ना था, जिसने एलिफाज़ से अमालेक को जन्म दिया. ये एसाव की पत्नी अदाह की संतान हैं.

  6. रियुएल के पुत्र थे: नाहाथ, ज़ेराह, शम्माह तथा मिज्जाह. ये एसाव की पत्नी बसेमाथ द्वारा पैदा हुए थे.

  7. अनाह की पुत्री, ज़िबेओन की पौत्री, एसाव की पत्नी ओहोलिबामाह के पुत्र योउश, यालम तथा कोराह थे.

  8. एसाव के पुत्रों में प्रमुख ये थे: एसाव के बड़े बेटे एलिफाज़ के पुत्र: तेमान, ओमर, ज़ेफो, केनाज़,

  9. कोराह, गाताम, अमालेक. एदोम देश में एलिफाज़ के ये पुत्र थे; ये सभी अदाह वंश के थे.

  10. एसाव के पुत्र रियुएल के पुत्र: नाहाथ, ज़ेराह, शम्माह, मिज्जाह. ये वे प्रधान हैं, जो एदोम देश में रियुएल द्वारा जन्मे थे—ये वे हैं, जो एसाव की पत्नी बसेमाथ से पैदा हुए थे.

  11. एसाव की पत्नी ओहोलिबामाह से पुत्र हैं: योउश, यालम, कोराह. ये एसाव की पत्नी अनाह की पुत्री ओहोलिबामाह के द्वारा जन्मे हैं.

  12. ये एसाव (अर्थात् एदोम) के पुत्र तथा उनके प्रधान हैं.

  13. दिशोन, एज़र तथा दिशान. ये सभी एदोम देश के वे प्रधान हैं. जो होरियों के वंश के सेईर के पुत्र हैं.

  14. इसके पहले कि इस्राएल पर किसी राजा का शासन होता, एदोम देश पर राज्य करनेवाले राजा ये थे:

  15. बेओर का पुत्र बेला एदोम का राजा बना, तथा उसके द्वारा शासित नगर का नाम था दिनहाबाह.

  16. एसाव के वंश में जो प्रधान थे उनके नाम: तिम्ना, अलवाह, यथेथ,

  17. मगदिएल, इराम. ये सभी एदोम देश के प्रधान हुए. एक प्रदेश में जो रहा, उस प्रदेश का नाम भी वही था जो उनका पारिवारिक नाम था. यह एसाव, जो एदोमियों का गोत्रपिता था, उसका परिवार है.

  18. एदोम के प्रधान निराश हो जायेंगे; मोआब के ताकतवर कांपने लगेंगे; कनान के निवासी उदास हो जाएंगे.

  19. मोशेह ने कादेश से एदोम के राजा को संदेशवाहकों के द्वारा यह संदेश भेजा: “आपके भाई इस्राएल की विनती यह है: आप तो हम पर आई कठिनाइयों को जानते हैं.

  20. किंतु इस विषय में एदोम का जवाब था: “आप लोग हमारे देश में से होकर नहीं जाएंगे, नहीं तो हम आपको तलवार से रोकेंगे.”

  21. किंतु उसका उत्तर यही था: “तुम यहां से होकर नहीं जाओगे.” तब एदोम उनके विरुद्ध एक मजबूत सेना तथा पक्‍के इरादे के साथ खड़ा हो गया.

  22. एदोम ने इस्राएल को अपने देश में से होकर जाने की अनुमति नहीं दी; इसलिये इस्राएल ने उस देश से होकर जाने का विचार छोड़ दिया.

  23. एदोम की सीमा पर होर पर्वत पर याहवेह ने मोशेह तथा अहरोन को सूचित किया,

  24. इसके बाद उन्होंने होर पर्वत से कूच किया और लाल सागर का मार्ग लिया कि उन्हें एदोम से होते हुए जाना न पड़े. इस यात्रा ने प्रजा का धीरज खत्म कर दिया.

  25. एदोम अधीनता में जा पड़ेगा; सेईर भी, जो इसके शत्रु हैं, अधीन हो जाएंगे.