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Ephraim

160 वचन · 9 परिवार के सदस्य

Ephraim का उल्लेख करने वाले वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. इस्राएल का घमंड उसी के विरुद्ध गवाही देता है; इस्राएली, और तो और एफ्राईम भी अपने पापों में लड़खड़ाते हैं; यहूदिया भी उनके साथ लड़खड़ाता है.

  2. हिसाब करने के दिन एफ्राईम बेकार हो जाएगा. इस्राएल के गोत्रों के बीच मैं उसी बात की घोषणा करूंगा, जिसका होना निश्चित है.

  3. एफ्राईम सताया जाता है, न्याय में कुचला गया है, क्योंकि उसने मूर्तियों के पीछे जाने की ठानी है.

  4. मैं एफ्राईम के लिए कीड़े के समान, और यहूदाह के लोगों के लिए एक सड़न के जैसा हूं.

  5. “जब एफ्राईम ने अपनी बीमारी, और यहूदिया ने अपने घाव को देखा, तब एफ्राईम अश्शूर की तरफ गया, और बड़े राजा से सहायता की याचना की. परंतु वह तुम्हें न तो चंगा कर सकता है, और न ही तुम्हारे घावों को ठीक कर सकता है.

  6. क्योंकि एफ्राईम के लिए मैं एक सिंह के जैसा, और यहूदाह के लिए एक बड़े सिंह के जैसा हो जाऊंगा. मैं उन्हें फाड़कर टुकड़े-टुकड़े कर दूंगा और चला जाऊंगा; मैं उन्हें उठाकर ले जाऊंगा, और उन्हें छुड़ाने वाला कोई न होगा.

  7. “हे एफ्राईम, मैं तुम्हारे लिये क्या कर सकता हूं? हे यहूदाह, मैं तुम्हारे लिये क्या कर सकता हूं? तुम्हारा प्रेम सुबह के कोहरे के समान, बड़े सबेरे पड़नेवाले ओस के समान है, जो गायब हो जाती है.

  8. मैंने इस्राएल में एक भयावह चीज़ देखी है: वहां एफ्राईम को वेश्यावृत्ति के लिये दिया जाता है, इस्राएल अशुद्ध होता है.

  9. जब मैं इस्राएल को चंगा करूंगा, एफ्राईम के पाप और शमरिया के अपराध प्रगट किए जाएंगे. वे धोखा देते हैं, चोर घरों में चोरी करते हैं, लुटेरे गलियों में लूटमार करते हैं;

  10. “एफ्राईम अन्य राष्ट्रों के लोगों के साथ घुल-मिल जाता है; एफ्राईम उस रोटी के समान है, जिसे पकाते समय पलटा नहीं गया है.

  11. “एफ्राईम एक पेंडुकी की तरह है, जो आसानी से धोखा खाता है और निर्बुद्धि है— उन्होंने सहायता के लिए मिस्र को पुकारा, अब अश्शूर की ओर जाते हैं.

  12. क्योंकि वे एक भटके हुए जंगली गधे की तरह अश्शूर को चले गये हैं. एफ्राईम ने अपने आपको प्रेमियों के हाथ बेच दिया है.

  13. “यद्यपि एफ्राईम ने पापबलि के लिए अनेक वेदियां बनाई हैं, पर ये वेदियां उनके पाप करने का कारण बन गई हैं.

  14. वे याहवेह के देश में नहीं रहने पाएंगे; एफ्राईम मिस्र देश को लौट जाएगा और अश्शूर में वे अशुद्ध भोजन खाएंगे.

  15. भविष्यवक्ता, मेरे परमेश्वर के साथ, एफ्राईम के ऊपर पहरेदार है, फिर भी उसके सब रास्तों पर फंदे लगे हुए हैं, और उसके परमेश्वर के भवन में शत्रुता है.

  16. एफ्राईम का गौरव पक्षी की तरह उड़ जाएगा— न किसी का जन्म होगा, न कोई गर्भवती होगी और न ही किसी को गर्भ ठहरेगा.

  17. मैंने एफ्राईम को सोर के जैसे मनभावने स्थान में बसे हुए देखा है. पर एफ्राईम अपने बच्चों को वध करनेवाले के पास ले आएगा.”

  18. एफ्राईम पर बीमारी लग गई है, उनकी जड़ सूख गई है, उनमें फल नहीं लगते हैं. यदि वे बच्चों को जन्म भी दें, तो मैं उनके पोषित बच्चों को मार डालूंगा.”

  19. इसे बड़े राजा को भेंट स्वरूप देने के लिये अश्शूर ले जाया जाएगा. एफ्राईम लज्जित किया जाएगा; इस्राएल भी बाहरी लोगों से नाता के कारण लज्जित होगा.

  20. एफ्राईम एक प्रशिक्षित बछिया है जिसे अन्‍न दांवना अच्छा लगता है; इसलिये मैं उसके सुंदर गर्दन पर एक जूआ रखूंगा. मैं एफ्राईम को हांकूंगा, यहूदाह को हल चलाना ज़रूरी है, और याकोब को मिट्टी तोड़ना ज़रूरी है.

  21. वह मैं ही था, जिसने एफ्राईम को हाथ पकड़कर चलना सिखाया; परंतु उन्होंने इस बात को न जाना कि वह मैं ही था, जिसने उन्हें चंगा किया.

  22. “हे एफ्राईम, मैं तुम्हें कैसे छोड़ सकता हूं? हे इस्राएल, मैं तुम्हें किसी और को सौंप दूं? मैं तुम्हारे साथ अदमाह के जैसे व्यवहार कैसे कर सकता हूं? मैं तुम्हें ज़ेबोईम के समान कैसे बना सकता हूं? मेरा हृदय मेरे भीतर बदल गया है; मेरी सारी करुणा जागृत होती है.

  23. मैं अपने भयंकर क्रोध के अनुसार नहीं करूंगा, न ही मैं एफ्राईम को फिर से नाश करूंगा. क्योंकि मैं परमेश्वर हूं, मनुष्य नहीं— तुम्हारे बीच एक पवित्र जन. मैं उनके शहरों के विरुद्ध नहीं आऊंगा.

  24. एफ्राईम ने मेरे चारों ओर झूठ का, और इस्राएल ने छल का ढेर लगा दिया है. और यहूदाह उद्दंडता से परमेश्वर के विरुद्ध है, और तो और वह विश्वासयोग्य पवित्र जन के विरुद्ध है.

  25. एफ्राईम हवा को अपना भोजन बनाता है; वह सारा दिन पूर्वी वायु का पीछा करता है और अपने झूठ और हिंसा को बढ़ाता रहता है. वह अश्शूर देश से संधि करता है और मिस्र देश को जैतून का तेल भेजता है.