मुख्य सामग्री पर जाएँ

Ephraim

160 वचन · 9 परिवार के सदस्य

Ephraim का उल्लेख करने वाले वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. एफ्राईम घमंड करता है, “मैं बहुत धनवान हूं; मैं धनी हो गया हूं. मेरी सारी संपत्ति सहित वे मुझमें कोई अपराध या पाप नहीं पाएंगे.”

  2. पर एफ्राईम ने याहवेह के क्रोध को बहुत भड़काया है; उसका प्रभु उसके द्वारा किए गये खून का दोष उसी पर रहने देगा और उसके अनादर के लिये उसको बदला चुकाएगा.

  3. जब एफ्राईम बोलता था तो लोग कांप उठते थे; वह इस्राएल में बड़ा आदमी था. पर वह बाल देवता की आराधना का दोषी हुआ और मर गया.

  4. एफ्राईम के अपराध बहुत हो गये हैं, उसके पापों का लेखा-जोखा रखा गया है.

  5. हे एफ्राईम, मूर्तियों से अब मेरा और क्या काम? मैं उसे उत्तर दूंगा और उसका ध्यान रखूंगा. मैं बढ़ते हुए सनोवर पेड़ के समान हूं; तुम्हारा फलवंत होना मेरे कारण होता है.”

  6. एसाव पर्वत पर नेगेव के निवासियों का अधिकार हो जाएगा, और फिलिस्तिया देश पर नीचे के देश के लोग अधिकार कर लेंगे. वे एफ्राईम तथा शमरिया के खेतों पर अधिकार कर लेंगे, और बिन्यामिन गिलआद पर अधिकार करेगा.

  7. मैं एफ्राईम से रथों को और येरूशलेम से युद्ध के घोड़ों को ले लूंगा, और युद्ध के धनुष तोड़ दिये जाएंगे. तब वह जाति-जाति के लोगों के बीच शांति की घोषणा करेगा. उसका साम्राज्य एक समुद्र से लेकर दूसरे समुद्र तक और नदी से लेकर पृथ्वी के छोर तक फैलेगा.

  8. मैं यहूदिया को अपने धनुष के सदृश झुकाऊंगा और एफ्राईम से इसे भर दूंगा. हे ज़ियोन, मैं तुम्हारे बेटों को यावन के बेटों के विरुद्ध उत्तेजित करूंगा, और तुम्हें योद्धा की तलवार के समान कर दूंगा.

  9. तब एफ्राईमी लोग योद्धा के समान हो जाएंगे, उनका हृदय ऐसा प्रफुल्लित होगा, जैसा दाखमधु पीने से होता है. उनके बच्‍चे इसे देखकर आनंदित होंगे; और उनका मन याहवेह में आनंदित होगा.

  10. इसलिये मसीह येशु ने यहूदियों के मध्य सार्वजनिक रूप से घूमना बंद कर दिया. वहां से वह बंजर भूमि के पास अपने शिष्यों के साथ एफ़्रायिम नामक नगर में जाकर रहने लगे.