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Armies के बारे में बाइबल के वचन

207 वचन · 77 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. शीनार देश के राजा अमराफेल, एलासार के राजा आरिओख, एलाम के राजा खेदोरलाओमर और गोईम के राजा तिदाल ने अपने शासनकाल में,

  2. एकजुट होकर सोदोम के राजा बेरा, अमोराह के राजा बिरशा, अदमाह के राजा शीनाब, ज़ेबोईम के राजा शेमेबेर तथा बेला (अर्थात् ज़ोअर) के राजा के विरुद्ध युद्ध छेड़ दिया.

  3. ये सभी एक साथ होकर सिद्दिम घाटी (अर्थात् लवण-सागर) के पास इकट्‍ठे हो गए.

  4. बारह वर्ष तक तो वे खेदोरलाओमर के अधीन रहे, किंतु तेरहवें वर्ष में उन्होंने विरोध किया.

  5. चौदहवें वर्ष में खेदोरलाओमर तथा उसके मित्र राजाओं ने आकर अश्तेरोथ-करनाइम में रेफाइम को, हाम में ज़ुज़ीम को, शावेह-किरयथाईम में एमियों को,

  6. तथा सेईर पर्वत में निर्जन प्रदेश के पास एल-पारान तक होरियों को भी हरा दिया.

  7. इसके बाद वे मुड़े और एन-मिशपत (अर्थात् कादेश) आ गए और पूरे अमालेकियों को तथा हज़ज़ोन-तामार में रह रहे अमोरियों को भी हरा दिया.

  8. तब सोदोम, अमोराह, अदमाह, ज़ेबोईम तथा बेला (अर्थात् ज़ोअर) के राजा बाहर निकल गए और उन्होंने सिद्दिम की घाटी में उनके विरुद्ध युद्ध किया.

  9. “इस्राएल के घराने की सारी सभा की, उनके परिवारों की, उनके पितरों के अनुसार हर एक पुरुष की, व्यक्तिगत रूप से गिनती करना.

  10. यह आलेख उन सभी का होगा, जिनकी अवस्था बीस वर्ष तथा इससे अधिक की है, इस्राएल में जो भी युद्ध के लिए योग्य हैं, तुम तथा अहरोन उनके दल के अनुसार उनकी गिनती करोगे.

  11. किंतु लेवियों के गोत्र की गिनती उनके पितरों के अनुसार उनमें नहीं की गई.

  12. क्योंकि याहवेह मोशेह को यह संदेश दे चुके थे:

  13. “मात्र लेवी गोत्र की गिनती न की जाए, वे इस्राएल के घराने की गिनती में शामिल नहीं होंगे.

  14. किंतु तुम लेवियों को साक्षी के तंबू, इससे संबंधित सारी सज्जा तथा इसकी सारी सामग्री के लिए नियुक्त करोगे. वे ही साक्षी के तंबू तथा इससे संबंधित सारी वस्तुओं को उठाया करेंगे, वे ही इनके रख रखाव के अधिकारी होंगे. इसके अलावा वे साक्षी के तंबू के आस-पास पड़ाव डाला करेंगे.

  15. “इस्राएल के वंश प्रत्येक अपने-अपने झंडे के नीचे ही पड़ाव डाला करेंगे. ये झंडे उनके पिता के गोत्रों की निशानी होंगे. वे मिलनवाले तंबू के आस-पास उसकी ओर मुख किए हुए अपने-अपने शिविर खड़े करेंगे.”

  16. वे, जो अपने शिविर सूर्योदय की दिशा, पूर्व में स्थापित करेंगे, वह होगा यहूदाह गोत्र, वे अपने शिविर अपने झंडे के नीचे स्थापित करेंगे. यहूदाह के गोत्र का प्रधान होगा अम्मीनादाब का पुत्र नाहशोन.

  17. इनके बाद मिलन वाला तंबू और लेवियों का शिविर कूच करेगा. लेवियों का शिविर सारे शिविरों के बीच होगा. जिस प्रकार वे अपने शिविर स्थापित करते हैं, उसी क्रम में वे कूच करेंगे; अपने-अपने झंडों के साथ.

  18. पश्चिमी दिशा में: उनके झंडे के नीचे एफ्राईम गोत्र की सेना का शिविर होगा. इनका प्रधान होगा अम्मीहूद का पुत्र एलीशामा.

  19. फिर वे अधिकारी—हज़ारों के सेनापति, सैकड़ों के प्रधान—मोशेह के पास आए.

  20. उन्होंने मोशेह से विनती की, “आपके सेवकों ने हमें सौंपे गए योद्धाओं की गिनती कर ली है. कोई भी व्यक्ति छूट नहीं रहा.

  21. जब तुम शत्रुओं से युद्ध करो और तुम्हें यह दिखाई दे कि उनके घोड़े, रथ और सैनिक तुमसे गिनती में अधिक हैं, भयभीत न हो जाना, क्योंकि याहवेह, तुम्हारे परमेश्वर जिन्होंने तुम्हें मिस्र देश से निर्गत किया है, तुम्हारे साथ हैं.

  22. युद्ध के लिए जाने के पूर्व पुरोहित तुम्हारे सामने उपस्थित लोगों से बातें करेगा.

  23. वह उनसे कहेगा: “हे इस्राएल: सुनो, आज तुम अपने शत्रुओं से युद्ध के लिए आए हो. मन के कच्चे न हो जाओ. न डरना; न उनके सामने थरथरा जाना,

  24. क्योंकि याहवेह, तुम्हारे परमेश्वर वह हैं, जो तुम्हारी रक्षा के लिए तुम्हारी ओर से तुम्हारे शत्रुओं से युद्ध करेंगे.”

  25. अधिकारी भी सैनिकों से यह कहें: “क्या तुममें से कोई ऐसा है, जिसने घर को नया नया बनाया है, और अब तक उसका समर्पण नहीं कर सका है? वह अपने घर को लौट जाए; नहीं तो उसकी मृत्यु के बाद कोई दूसरा व्यक्ति इसका समर्पण करेगा.