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circa 1010–970 BC

The Reign of David

David unites the tribes, conquers Jerusalem, and establishes Israel's golden age—even through deep personal failure.

1,230 वचन · 2 पुस्तकें शामिल

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. 1 इतिहास १४:१६लगभग १०४७ ई.पू.

    दावीद ने वैसा ही किया, जैसा परमेश्वर ने आदेश दिया था. उन्होंने गिबयोन से लेकर गेज़ेर तक फिलिस्तीनी सेना को मार गिराया.

  2. 1 इतिहास १४:१७लगभग १०४७ ई.पू.

    सभी देशों में दावीद की कीर्ति फैलती चली गई. याहवेह ने सभी देशों पर उनका आतंक फैला दिया.

  3. 1 इतिहास १५:१लगभग १०४२ ई.पू.

    दावीद ने दावीद-नगर में अपने लिए भवन बना लिए. उन्होंने परमेश्वर के संदूक के लिए भी एक जगह तैयार की और उसके लिए शिविर खड़ा किया.

  4. 1 इतिहास १५:२लगभग १०४२ ई.पू.

    तब दावीद ने आदेश दिया, “परमेश्वर के संदूक को लेवियों के अलावा और कोई न उठाए, क्योंकि याहवेह ने हमेशा के लिए याहवेह के संदूक को उठाने के लिए और अपनी सेवा के लिए उन्हें ही चुना है.”

  5. 1 इतिहास १५:३लगभग १०४२ ई.पू.

    दावीद ने सारे इस्राएल को येरूशलेम में इकट्ठा किया कि याहवेह के संदूक को येरूशलेम में उनके द्वारा उसके लिए तैयार किए गए स्थान पर लाया जाए.

  6. 1 इतिहास १५:४लगभग १०४२ ई.पू.

    दावीद ने अहरोन के इन पुत्रों और लेवियों को इकट्ठा किया:

  7. 1 इतिहास १५:५लगभग १०४२ ई.पू.

    कोहाथ के पुत्रों में से उरीएल, जो प्रधान था और उसके 120 रिश्तेदार;

  8. 1 इतिहास १५:६लगभग १०४२ ई.पू.

    मेरारी के पुत्रों में से असाइयाह, जो कि प्रधान था और उसके 220 संबंधी;

  9. 1 इतिहास १५:७लगभग १०४२ ई.पू.

    गेरशोम के पुत्रों में से योएल, जो प्रधान था और उसके 130 संबंधी;

  10. 1 इतिहास १५:८लगभग १०४२ ई.पू.

    एलिज़ाफ़ान के पुत्रों में से, शेमायाह, जो प्रधान था और उसके 200 संबंधी;

  11. 1 इतिहास १५:९लगभग १०४२ ई.पू.

    हेब्रोन के पुत्रों में से, एलिएल, जो प्रधान था और उसके 80 संबंधी;

  12. 1 इतिहास १५:१०लगभग १०४२ ई.पू.

    उज्ज़िएल के पुत्रों में से, अम्मीनादाब, जो प्रधान था और उसके 112 भाइयों को.

  13. 1 इतिहास १५:११लगभग १०४२ ई.पू.

    तब दावीद ने सादोक और अबीयाथर नामक पुरोहितों को और उरीएल असाइयाह, योएल, शेमायाह, एलिएल और अम्मीनादाब नामक लेवियों को बुलवाकर

  14. 1 इतिहास १५:१२लगभग १०४२ ई.पू.

    उन्हें संबोधित करते हुए कहा, “आप सभी लेवी पितरों के गोत्रों के प्रधान हैं; आप लोग अपने आपको शुद्ध कीजिए-अपने आपको और अपने रिश्तेदारों, दोनों को, कि आप लोग याहवेह, इस्राएल के परमेश्वर के संदूक को उस जगह पर ले आएं, जो मैंने उसके लिए तैयार किया है.

  15. 1 इतिहास १५:१३लगभग १०४२ ई.पू.

    पहली बार में आप लोगों ने इसको नहीं निभाया था, इसलिये याहवेह, हमारे परमेश्वर का क्रोध हम पर भड़क गया था. हमने व्यवस्था के अनुसार इसके उठाने के लिए उनकी इच्छा ही मालूम नहीं की थी.”

  16. 1 इतिहास १५:१४लगभग १०४२ ई.पू.

    तब पुरोहितों और लेवियों ने अपने आपको शुद्ध किया कि वे याहवेह, इस्राएल के परमेश्वर के संदूक को ले आएं.

  17. 1 इतिहास १५:१५लगभग १०४२ ई.पू.

    इसलिये लेवी वंशजों ने परमेश्वर के संदूक को उसमें लगी बल्लियों के द्वारा उठाया, जैसा मोशेह द्वारा आदेश दिया गया था, जैसा याहवेह ने मोशेह को बताया था.

  18. 1 इतिहास १५:१६लगभग १०४२ ई.पू.

    दावीद ने लेवियों के प्रधानों को यह आदेश दे रखा था कि वे अपने गायक संबंधियों को चुनें कि वे बाजों के साथ और ऊंची आवाज की झांझ के साथ आनंद में गायें.

  19. 1 इतिहास १५:१७लगभग १०४२ ई.पू.

    इसलिये लेवियों ने इसके लिए इन लोगों चुना: योएल के पुत्र हेमान और उसके संबंधियों को, बेरेखियाह के पुत्र आसफ और मेरारी के पुत्रों में से उनके संबंधियों को, कुशायाह के पुत्र एथन को;

  20. 1 इतिहास १५:१८लगभग १०४२ ई.पू.

    उनके साथ उनके संबंधियों को, जो दूसरे पद में थे, ज़करयाह, बेन, जआत्सिएल, शेमिरामोथ येहिएल, उन्‍नी, एलियाब, बेनाइयाह, मआसेइयाह, मत्तीथियाह, एलिफेलेहू, मिकनेइया ओबेद-एदोम और येइएल को, जो द्वारपाल थे.

  21. 1 इतिहास १५:१९लगभग १०४२ ई.पू.

    संगीतकार हेमान, आसफ और एथन की जवाबदारी थी कांसे की झांझ को बजाना.

  22. 1 इतिहास १५:२०लगभग १०४२ ई.पू.

    ज़करयाह, आज़ेल, शेमिरामोथ, येहिएल, उन्‍नी, एलियाब मआसेइयाह और बेनाइयाह की जवाबदारी थी तन्तु वादन पर अलामोथ के अनुसार बजाना.

  23. 1 इतिहास १५:२१लगभग १०४२ ई.पू.

    किंतु मत्तीथियाह, एलिफेलेहू, मिकनेइया, ओबेद-एदोम, येइएल और अज़रियाह की जवाबदारी थी शेमिनिथ शैली में तन्तु वादन के अनुसार बजाना

  24. 1 इतिहास १५:२२लगभग १०४२ ई.पू.

    लेवियों का प्रधान केनानियाह सभी गानों का अधिकारी था. वह संगीत में कुशल था, इसलिये वह निर्देश दिया करता था.

  25. 1 इतिहास १५:२३लगभग १०४२ ई.पू.

    बेरेखियाह और एलकाना संदूक के लिए ठहराए गए द्वारपाल थे.