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circa 1406–1380 BC

Conquest of Canaan

Joshua leads Israel across the Jordan into the promised land, defeating the Canaanite kingdoms one by one.

658 वचन · 1 पुस्तक शामिल

  1. यहोशू २०:५लगभग १४४३ ई.पू.

    यदि हत्या का विरोधी उसका पीछा करता है, तो वे उस व्यक्ति को विरोधी के हाथ में न छोड़े, क्योंकि उससे यह हत्या जानबूझकर नहीं हुई है, और न उनके बीच कोई दुश्मनी थी.

  2. यहोशू २०:६लगभग १४४३ ई.पू.

    हत्यारा उस नगर में तब तक रह सकता है, जब तक वह सभा में न्याय के लिए खड़ा न हो जाए, या जब तक उस समय के महापुरोहित की मृत्यु न हो जाए. उसके बाद ही वह हत्यारा अपने घर जा सकता है.”

  3. यहोशू २०:७लगभग १४४३ ई.पू.

    इसके लिए उन्होंने नफताली के पर्वतीय प्रदेश के गलील में केदेश, एफ्राईम के पर्वतीय प्रदेश में शेकेम तथा यहूदिया के पर्वतीय प्रदेश में किरयथ-अरबा, अर्थात् हेब्रोन को शरण के शहर निश्चित किया.

  4. यहोशू २०:८लगभग १४४३ ई.पू.

    और यरदन के पार येरीख़ो के पूर्व में रियूबेन के गोत्र के मैदानी निर्जन प्रदेश में बेज़र, गाद के गोत्र के गिलआद के रामोथ तथा मनश्शेह गोत्र के बाशान के गोलान भी चुने गये.

  5. यहोशू २०:९लगभग १४४३ ई.पू.

    ये सभी नगर उन इस्राएली तथा विदेशी लोगों के लिए हैं, जिनसे अनजाने में किसी की हत्या हो जाती है, वह यहां आ जाए और सुरक्षित रहें ताकि विरोधी उसको मार न सके, जब तक सभा के सामने खूनी को नहीं लाया जाता तब तक वह व्यक्ति शरण शहर में ही रह सकता है!

  6. यहोशू २१:१लगभग १४४३ ई.पू.

    लेवी परिवारों के प्रमुख पुरोहित एलिएज़र, नून के पुत्र यहोशू तथा इस्राएली गोत्रों के मुखियों के पास गए.

  7. यहोशू २१:२लगभग १४४३ ई.पू.

    कनान देश के शीलो में उन्होंने उनसे यह बात कही, “मोशेह के द्वारा याहवेह ने हमसे कहा कि हमें हमारे निवास के लिए नगर दिया जाएगा. और इन नगरों के आस-पास हमारे पशुओं को चराने की जगह भी होगी.”

  8. यहोशू २१:३लगभग १४४३ ई.पू.

    तब इस्राएल वंश ने याहवेह के आदेश के अनुसार लेवियों को अपने हिस्से में से नगर दिये, जिनके आस-पास की चरागाह की भूमि भी थी.

  9. यहोशू २१:४लगभग १४४३ ई.पू.

    पहला नाम कोहाथ के परिवारों का आया, जो अहरोन वंश के लेवियों में से थे. यहूदाह, शिमओन तथा बिन्यामिन गोत्र को बांटी गई भूमि में से तेरह नगर उन्हें मिले.

  10. यहोशू २१:५लगभग १४४३ ई.पू.

    कोहाथ के कुछ लोगों को एफ्राईम, दान तथा मनश्शेह के आधे गोत्र की भूमि में से दस नगर मिले.

  11. यहोशू २१:६लगभग १४४३ ई.पू.

    गेरशोन वंश को इस्साखार, आशेर, नफताली गोत्रों की भूमि में से, तथा बाशान में मनश्शेह के आधे गोत्र की भूमि में से, कुल तेरह नगर मिले.

  12. यहोशू २१:७लगभग १४४३ ई.पू.

    मेरारी वंश को उनके परिवारों के अनुसार रियूबेन, गाद तथा ज़ेबुलून के गोत्रों से बारह नगर मिले.

  13. यहोशू २१:८लगभग १४४३ ई.पू.

    इस्राएलियों ने लेवियों को पशु चराने के लिए भी नगर दिए, जैसा मोशेह को याहवेह का आदेश था.

  14. यहोशू २१:९लगभग १४४३ ई.पू.

    उन्होंने कुछ नगर यहूदाह तथा शिमओन गोत्र के कुलों को दिए:

  15. यहोशू २१:१०लगभग १४४३ ई.पू.

    ये अहरोन वंश, जो कोहाथियों के परिवारों में से लेवी वंश के थे, पहला नाम उन्हीं का आया था.

  16. यहोशू २१:११लगभग १४४३ ई.पू.

    तब उन्होंने उन्हें यहूदिया के पर्वतीय प्रदेश में उनके आस-पास के जगह चरागाह सहित किरयथ-अरबा नगर दे दिया—अरबा नामक व्यक्ति अनाक अर्थात् हेब्रोन का पिता था.

  17. यहोशू २१:१२लगभग १४४३ ई.पू.

    परंतु नगर के खेत तथा इसके गांव उन्होंने येफुन्‍नेह के पुत्र कालेब को दे दिए, कि ये उनकी अपनी भूमि हो.

  18. यहोशू २१:१३लगभग १४४३ ई.पू.

    उन्होंने अहरोन के वंशजों को ये नगर दिए: हेब्रोन (जो शरण शहर था), और लिबनाह,

  19. यहोशू २१:१४लगभग १४४३ ई.पू.

    यत्तिर, एशतमोह,

  20. यहोशू २१:१५लगभग १४४३ ई.पू.

    होलोन, दबीर,

  21. यहोशू २१:१६लगभग १४४३ ई.पू.

    एइन, युताह और बेथ-शेमेश को उनके चराइयों के साथ ये नगर भी दे दिए गए इस प्रकार दो गोत्रों के हिस्से में से यह नौ नगर दिए गए,

  22. यहोशू २१:१७लगभग १४४३ ई.पू.

    बिन्यामिन गोत्र से: गिबयोन, गेबा,

  23. यहोशू २१:१८लगभग १४४३ ई.पू.

    अनाथोथ आलमोन को चराइयों सहित चार नगर दिये गए.

  24. यहोशू २१:१९लगभग १४४३ ई.पू.

    इस प्रकार अहरोन वंश के पुरोहितों के लिए कुल तेरह नगर उनके चराइयों सहित अलग कर दिए गए.

  25. यहोशू २१:२०लगभग १४४३ ई.पू.

    तब कोहाथ वंश को, जो लेवी थे, तथा कोहाथ के बचे हुए पुरोहितों को एफ्राईम गोत्र से नगर दिये: