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Og के बारे में बाइबल के वचन

44 वचन · 3 पहलू

प्रमुख बाइबल वचन

पुस्तक के अनुसार छाँटें
  1. तब वे मुड़कर बाशान के मार्ग से आगे बढ़ गए. बाशान का राजा ओग अपनी सारी सेना लेकर उनसे युद्ध करने एद्रेइ पहुंच गया.

  2. याहवेह की ओर से मोशेह को यह आश्वासन मिला, “तुम्हें उससे डरने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि मैंने उसे, उसकी सारी सेना तथा प्रजा को, तुम्हारे अधीन कर दिया है. तुम उसके साथ वही सब करोगे, जो तुमने हेशबोन निवासी अमोरियों के राजा सीहोन के साथ किया था.”

  3. फिर उन्होंने बाशान के राजा ओग को, उसके पुत्रों तथा उसकी सारी प्रजा का नाश कर दिया, जिससे वहां कोई भी बचा न रह गया, और इस्राएलियों ने उस देश पर अधिकार कर लिया.

  4. इसलिये मोशेह ने गाद, रियूबेन तथा योसेफ़ के पुत्र मनश्शेह के आधे गोत्र को अमोरियों के राजा सीहोन तथा बाशान के राजा ओग का राज्य, सारे देश इनके नगर तथा इनकी सीमाएं तथा निकटवर्ती देशों के नगर दे दिए.

  5. इस समय वह हेशबोनवासी अमोरियों के राजा सीहोन और अश्तारोथ और एद्रेइ के शासक बाशान के राजा ओग को हरा चुके थे.

  6. फिर हमने मुड़कर बाशान के मार्ग से आगे बढ़ गए. बाशान का राजा ओग अपनी सारी सेना लेकर हमसे युद्ध करने एद्रेइ जा पहुंचा.

  7. मगर याहवेह ने मुझे यह आश्वासन दिया, “उससे डरने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि मैंने उसे, उसकी सारी सेना तथा प्रजा को तुम्हारे अधीन कर दिया है. तुम उसके साथ वही सब करोगे, जो तुमने हेशबोन निवासी अमोरियों के राजा सीहोन के साथ किया था.”

  8. इसी प्रकार याहवेह, हमारे परमेश्वर ने बाशान के राजा ओग को भी उसकी सारी सेना सहित हमारे अधीन कर दिया. हम उनका नाश इस सीमा तक करते चले गए कि कोई भी जीवित न रहा.

  9. उस समय हमने उसके सारे नगर अपने अधिकार में कर लिए; एक भी नगर ऐसा न रहा, जो हमने उनसे न छीना हो: साठ नगर, बाशान में ओग का साम्राज्य अर्थात् अरगोब का सारा क्षेत्र.

  10. इन सभी नगरों की दीवारें ऊंची-ऊंची थीं, इनमें फाटक और छड़ें थीं. इनके अलावा कुछ नगर ऐसे भी थे, जिनकी दीवारें न थीं.

  11. हमने इन सभी को पूरी तरह गिरा दिया, ठीक जिस प्रकार हमने हेशबोन के राजा सीहोन के साथ किया था-पुरुषों, स्त्रियों और बालकों को हर एक नगर में पूरी तरह नाश कर डाला.

  12. मगर हमने सभी पशुओं और नगरों से इकट्ठा की गई सामग्री को अपने लिए रख लिया.

  13. इस प्रकार हमने यरदन के पार के दो अमोरी राजाओं की अधीनता से, आरनोन की घाटी से लेकर हरमोन पर्वत तक की भूमि को अपने अधिकार में ले लिया.

  14. (सीदोनवासी हरमोन को सिरिओन और अमोरी इसे सेनीर कहकर पुकारते हैं.)

  15. इनके अलावा पठार के सारे नगर, सारे गिलआद, सारे बाशान, सलेकाह और एद्रेइ, जो बाशान में ओग के राज्य में थे.

  16. (रेफाइम के बचे हुए भाग में केवल बाशान का राजा ही शेष रह गया था. उल्लेखनीय बात यह है कि उसकी चारपाई लौह की थी; यह अब तक अम्मोनियों के रब्बाह में स्थापित है. यह लगभग चार मीटर लंबी और डेढ़ मीटर चौड़ी है.)

  17. फिर हमने उसी समय इस देश को अपने अधिकार में कर लिया. यह आरनोन की घाटी अरोअर से गिलआद के आधे क्षेत्र और इसमें स्थित नगरों का क्षेत्र है, जो मैंने रियूबेन और गाद के घराने को दे दिया.

  18. बचा हुआ गिलआद, सारा बाशान अर्थात् जो ओग का साम्राज्य था, मैंने मनश्शेह के आधे गोत्र को दे दिया. (यह था अरगोब का पूरा क्षेत्र. सारे बाशान के बारे में कहा जाता है, कि यह रेफाइम का देश है.

  19. मनश्शेह के पुत्र याईर ने गेशूरियों और माकाहथियों की सीमाओं तक पूरा क्षेत्र अपने अधिकार में कर लिया, अर्थात् अपने नाम के अनुरूप बाशान और हव्वोथ-याईर, जो उसका आधुनिक नाम है.)

  20. माखीर को मैंने गिलआद दे दिया.

  21. रियूबेन और गाद के घराने को मैंने गिलआद का वह क्षेत्र दे दिया, जो आरनोन की घाटी तक फैला है (इसकी सीमा घाटी के बीच तक थी) और यब्बोक नदी तक, जो अम्मोनियों की सीमा भी थी.

  22. इसके अलावा अराबाह भी, जिसकी सीमा यरदन हो गई, किन्‍नेरेथ से लेकर अराबाह सागर तक, लवण-सागर, जिसके पूर्व में पिसगाह की ढलान की तलहटी है.

  23. उन्होंने उसके देश का और बाशान के राजा ओग के देश पर अधिकार कर लिया. ये दो अमोरी राजा थे, जो यरदन नदी के पूर्व में रहते थे.

  24. इस देश की सीमा आरनोन की घाटी की सीमा से शुरू होकर सियोन पर्वत (अर्थात् हरमोन पर्वत) तक फैली थी,

  25. इसमें यरदन नदी के पूर्व का क्षेत्र भी शामिल था, जो पिसगाह पर्वत के ढलानों से लगे अराबाह सागर तक फैला था.